मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि धर्मशाला पहले से ही दूसरी राजधानी है। न तो शिमला से कोई दफ्तर शिफ्ट होगा और न ही कोई बदलाव होगा। उन्होंने कहा कि मैंने यह नहीं कहा था कि धर्मशाला दूसरी राजधानी बनेगी, बल्कि यह कहा था कि धर्मशाला दूसरी राजधानी है।
दूसरी राजधानी पर स्थिति साफ करते हुए उन्होंने कहा कि धर्मशाला को दूसरी राजधानी बनाने की घोषणा पुरानी है। इसे महज दोहराया गया है। धर्मशाला पहले से ही दूसरी राजधानी है। वहां कई महत्त्वपूर्ण दफ्तर हैं। वहां हर साल विधानसभा का शीतकालीन सत्र होता है। हिमाचल की एकता और अखंडता के लिए यह कदम उठाया गया था। प्रदेश के सभी क्षेत्रों के लोगों को यह एहसास दिलाना जरूरी है कि वे हिमाचल का अहम अंग हैं।
मुख्यमंत्री सोमवार की सुबह शिमला के रिज मैदान पर शहीदी दिवस के मौके पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष उन्हें श्रद्धांजलि देने के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे। बता दें कि कांगड़ा प्रवास के दौरान पहले सीएम की ओर से धर्मशाला को शीतकालीन राजधानी घोषित किया गया था और दूसरे ही दिन प्रेस नोट जारी कर दूसरी राजधानी बनाने का एलान किया था।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि धर्मशाला को दूसरी राजधानी बनाने की घोषणा पहले ही कर दी थी। वहां विधानसभा का भवन बना हुआ है। एक सत्र वहां पर होता है। कुछ अरसे तक सरकार चलती है। ये सोचा-समझा कदम है। इसका मतलब यह नहीं है कि यहां से सारे दफ्तर धर्मशाला शिफ्ट हो जाएंगे।
कुछ समय के लिए जब सरकार जाएगी तो आवश्यक अफसर वहां जाएंगे। यह होता रहा है। यह कोई नई घोषणा नहीं है। मुख्य अभियंता बिजली बोर्ड, पीडब्ल्यूडी, आईपीएच और शिक्षा बोर्ड के दफ्तर वहां हैं। धर्मशाला के महत्व को बढ़ाने के लिए यह जरूरी है।
बेटे को शिमला ग्रामीण से लड़ाने की बात मजाक में कही
बेटे विक्रमादित्य सिंह के लिए अपनी सीट शिमला ग्रामीण छोड़ने के बाद मचे सियासी घमासान पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि उन्होंने ये बात मजाक में कही थी, जिसे गंभीरता से ले लिया गया। राज्य सचिवालय में पत्रकारों के सवालों का हंसते हुए जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विक्रमादित्य सिंह वहां से चुनाव लड़ेंगे, जो सीट उनके लिए अनुकूल होगी।
उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस सरकार फिर सत्ता आएगी, इसके लिए कार्यकर्ताओं को मेहनत करने की नसीहत दी। बीते दिनों सरकारी आवास ओकओवर में शिमला ग्रामीण के कार्यकर्ताओं और प्रतिनिधियों की एक बैठक मेें सीएम ने कहा था कि इस सीट से विक्रमादित्य सिंह चुनाव लड़ेंगे।
इसके बाद प्रदेश में पहेलियां बूझने लगी थीं कि मुख्यमंत्री खुद अब किस सीट से चुनाव लडे़ंगे। इससे पहले रविवार को जारी बयान में युकां प्रदेशाध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह ने भी कहा था कि मुख्यमंत्री ने शिमला ग्रामीण सीट से उनके चुनाव लड़ने की बात हल्के-फुल्के अंदाज में कही थी। उनके चुनाव लड़ने का फैसला कांग्रेस हाईकमान को ही लेना है।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा है कि प्रदेश सरकार नशे के खिलाफ कड़ा कानून बनाएगी। इसमें चाहे उम्रकैद या संपत्तियां जब्त करने का प्रावधान ही क्यों न करना पड़े लेकिन नशे के कारोबारियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। सीएम सोमवार को ऊना में पुलिस अधिकारियों के साथ कानून व व्यवस्था की समीक्षा बैठक में बोल रहे थे। सीएम ने कहा कि पुलिस किसी के दबाव में न आए। नशा माफिया के खिलाफ कांगड़ा व ऊना पुलिस ने सराहनीय काम किया है।
ऊना पुलिस भविष्य में जब भी नशा माफिया के खिलाफ कोई विशेष अभियान चलाएगी, तब जरूरत पड़ने पर स्पेशल बटालियन की सेवाएं भी दी जाएंगी। सीएम ने पुलिस अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि नशा माफिया के खिलाफ पुलिस द्वारा की जाने वाली कार्रवाई की सूचना पहले ही लीक कर देने वाले कर्मचारियों को तुरंत सस्पेंड किया जाए।
ड्रग्स के प्रति सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति है। सीएम ने पुलिस अधिकारियों को पंजाब की सीमाओं से सटे प्रवेश स्थलों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश भी दिए। बैठक में उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री, एसपी अनुपम शर्मा, कार्यकारी जिलाधीश राजेश कुमार मारिया, एएसपी मदन कौशल, डीएसपी ऊना कुलविंद्र सिंह, डीएसपी हरोली अजय राणा, डीएसपी अंब जितेंद्र सहित जिला के सभी थानों और चौकियों के प्रभारी उपस्थित थे।
वीरभद्र कल से फिर पंजाब में करेंगे चुनाव प्रचार
पंजाब विधानसभा चुनाव में प्रचार के चलते मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह बुधवार को पंजाब के विभिन्न स्थानों पर चुनावी जनसभाओं को संबोधित करेंगे। मुख्यमंत्री सुबह 10:30 बजे नवांशहर, दोपहर एक बजे तलवाड़ा (दसुहा), 3:00 बजे दुनेडा और सायं 5:00 बजे पठानकोट में चुनावी जनसभाओं को संबोधित करेेंगे।
हमने डीपीआर बनाने में भेदभाव नहीं किया
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस कार्यकाल में सभी योजनाओं की डीपीआर तेजी से बनाई जा रही हैं। चाहे सत्ता पक्ष की हों या विपक्ष के विधायकों की ही हों। हिमाचल सरकार राज्य के सामूहिक विकास के लिए प्रयासरत है।
वीरभद्र बोले, पंजाब में कांग्रेस की ही सरकार बनेगी
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि पंजाब में कांग्रेस की सरकार ही बन रही है। मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह को घोषित करने का वहां कांग्रेस को लाभ होगा, क्योंकि बिना कमांडर-इन-चीफ के फौज कैसे लड़ेगी।
‘नहीं बनेंगे नए जिले, धर्मशाला में दूसरी राजधानी बोझ नहीं’
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश में नए जिले बनाने का न तो कोई प्रस्ताव है और न ही कोई योजना। सोमवार को स्थानीय विश्राम गृह में अनौपचारिक बातचीत में सीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य विकास कार्यों को आगे बढ़ाना है। वीरभद्र ने कहा कि धर्मशाला में दूसरी राजधानी आर्थिक बोझ नहीं है। सरकार भावनात्मक एकता को मजबूत करने के लिए हर क्षेत्र को पूरा सम्मान दे रही है।
भाजपा दूसरी राजधानी पर महज घड़ियाली आंसू बहा रही है। धर्मशाला में बुनियादी जरूरतें पूरी हैं और यहां से काम करने पर कई जिलों के लोगों को लाभ होगा। सीएम ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार रिपीट करेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की पूरी मदद न होने के बावजूद प्रदेश में किसी भी विकास कार्य को प्रभावित नहीं होने दिया है।
नई योजनाओं का सामाजिक ऑडिट करेंगे
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा है कि प्रदेश में नई योजनाओं का सामाजिक ऑडिट किया जाएगा ताकि इसके फायदे और नुकसान के कारणों की जानकारी मिल सके। इससे शुरुआत में ही इन्हें सही करने का अवसर मिलेगा और समय की भी बचत होगी। वीरभद्र ने कहा कि वित्त वर्ष 2017-18 के लिए प्रदेश की 5700 करोड़ रुपये की वार्षिक योजना प्रस्तावित है। यह वर्तमान वित्त वर्ष से 500 करोड़ रुपये अधिक है। इसमें 9.61 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।
यह हिमाचल की विकास दर 7.7 प्रतिशत से अधिक है। सीएम ने विभागों को विधायकों की प्राथमिकताओं पर ध्यान देने और समय पर पूरा करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री सोमवार को 2017-18 की बजट प्राथमिकताओं को अंतिम रूप देने के लिए सोलन, शिमला और सिरमौर जिले के विधायकों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विधायकों की प्राथमिकताओं को पूरा करने के तहत नाबार्ड ने 470 करोड़ रुपये की राशि की विस्तृत परियोजना रिपोर्टों को मंजूरी दी है।
1100 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की विस्तृत रिपोर्ट पहले ही नाबार्ड को मंजूरी के लिए भेजी गई है। मुख्यमंत्री ने शिमला और कुल्लू में कार्यान्वित अटल मिशन फॉर रेजुवनेशन एंड अर्बन ट्रांसफोर्मेशन (अमृत) योजना, कौशल विकास योजना, मुख्यमंत्री स्टार्टअप योजना और कई अन्य योजनाओं के सामाजिक ऑडिट पर बल दिया। सीएम ने वन स्वीकृति मामलों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
उन्होंने सड़क परियोजना की तुरंत मंजूरी तय करने के लिए लोक निर्माण विभाग, वन और राजस्व विभाग के अधिकारियों की नियमित बैठकें करने को भी कहा। इस अवसर पर संबंधित विधायकों के अलावा सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री विद्या स्टोक्स, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल, मुख्य संसदीय सचिव विनय कुमार, नंद लाल, योजना आयोग के उपाध्यक्ष जीआर मुसाफिर, मुख्य सचिव वीसी फारका, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त डॉ. श्रीकांत बाल्दी और प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
काम पूरा न करने वाले ठेकेदारों को बदलो
सीएम ने समय पर कार्य पूरा न करने वाले ठेकेदारों को बदलने के निर्देश दिए। उन्होंने विभिन्न आकार की पानी की पाइपें खरीदने को भी कहा, जिससे लोगों को पेयजल कनेक्शन दिए जा सकें। उन्होंने सिंचाई योजनाओं और हैंडपंपों का सही रखरखाव सुनिश्चित बनाने के निर्देश भी दिए। बार-बार मरम्मत की जाने वाली पुरानी पंपिंग मोटरों को नई मोटरों से बदलने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि धर्मपुर-कसौली सड़क को चौड़ा किया जाएगा। सीएम ने अधिकारियों को इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
पंजाब के युवाओं को कांग्रेस में ही नजर आ रहा अपना भविष्य
हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह ने कहा है कि पंजाब का युवा बोल उठा है कि अब वह नशे से तौबा कर चुका है। विक्रमादित्य ने सोमवार को पंजाब के नवांशहर में चुनाव प्रचार अभियान को आगे बढ़ाते हुए कहा कि बीते दो दिनों से उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर युवाओं से संपर्क किया तो हर कहीं से एक ही आवाज आई है।
उन्होंने कहा कि नशे की गर्त में डूबे युवा ही अब इस जंजाल से बाहर आकर समाज की मुख्यधारा में जीना चाह रहे हैं, जिसके लिए उन्हें कांग्रेस सरकार में ही अपना भविष्य नजर आ रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने पंजाब में अपने घोषणापत्र में भी युवाओं को तरजीह दी हुई है। विक्रमादित्य सिंह ने आगे कहा कि ये तय हो चुका है कि पंजाब में दस साल के बाद कांग्रेस जबरदस्त वापसी कर रही है और अब देखना यह है कि इस आंधी में अकाली-बीजेपी कहां गिरते हैं।
उन्होंने आम आदमी पार्टी को मात्र एक हास्य पार्टी करार देते हुए कहा कि इन चुनावों में इस पार्टी को अपना असली चेहरा नजर आ जाएगा। विक्त्रस्मादित्य ने कहा कि युवा कांग्रेस की पूरी टीम पूरे पंजाब में जिस तरह से प्रचार-प्रसार के काम में जुटी हुई है, उससे युवाओं का जोश साफ देखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि युवाओं के साथ-साथ महिलाएं-पुरुष भी कांग्रेस की सरकार बनाने के लिए उत्साहित नजर आ रहे हैं।
वीरभद्र बोले, पंजाब में कांग्रेस की सरकार बनेगी
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि पंजाब में कांग्रेस की सरकार ही बन रही है। अमरिंदर सिंह को मुख्यमंत्री घोषित करने का वहां कांग्रेस को लाभ होगा, क्योंकि बिना कमांडर-इन-चीफ के फौज कैसे लड़ेगी।
धर्मशाला को राजधानी बनाने की घोषणा खोखली: धूमल
दौलतपुर चौक (ऊना)। पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि धर्मशाला को दूसरी राजधानी बनाने की मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की घोषणा खोखली है। पत्रकार वार्ता के दौरान कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाते हुए धूमल ने कहा कि धर्मशाला के विकास में कांग्रेस का कोई भी योगदान नहीं रहा है। धर्मशाला को स्पोर्ट्स सिटी भाजपा ने बनाया है और भविष्य में स्मार्ट सिटी भी केंद्र की भाजपा सरकार के प्रयासों से बन रही है।
धूमल ने कहा कि इसके अलावा इंडोर स्टेडियम, शहीद स्मारक सहित तमाम विकास कार्य भाजपा कार्यकाल में किए गए हैं। जब-जब केंद्र में भाजपा सरकार बनी है, तब-तब हिमाचल रेलवे विस्तार हुआ है, जिसका इतिहास गवाह है। वर्ष 1991 में वो खुद सांसद थे तो ऊना तक ट्रेन पहुंची। सुरेश चंदेल के प्रयासों से चुरुडू तक और सांसद अनुराग ठाकुर ने अंब अंदौरा तक पहुंचाने के बाद इसे अब दौलतपुर चौक और तलवाड़ा तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि स्वां तटीकरण का कार्य भाजपा के प्रयासों से शुरू हुआ और इसे पूर्ण भी भाजपा करवाएगी। जबकि कांग्रेस का योगदान मात्र आलोचना और दोषारोपण तक रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा स्वां तटीकरण को मकम्मल करवाने में लगी है और इसमें अवैध खनन कांग्रेस की देन है। उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्यों में भी भाजपा जीत का परचम लहराएगी, जबकि प्रदेश में आगामी विस चुनावों में कांग्रेस का सूपड़ा साफ होगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल को कांग्रेस मुक्त किया जाएगा।