आम लोगों को घर का सपना दिखाने के बाद हिमाचल सरकार ने अब प्लॉट और फ्लैट बनाकर देने से हाथ खड़े कर दिए हैं। जगह और लागत का हवाला देते हुए हिमुडा ने पूर्व में चिन्हित प्रदेश के 20 इलाकों में कॉलोनियां न बनाने का फैसला लिया है। डिमांड सर्वे के नाम पर हिमुडा ने लगभग 4 साल पहले प्लॉट और फ्लैट के लिए आवेदन के साथ 5-5 हजार रुपये सिक्योरिटी राशि ली थी।
करीब सत्तर हजार लोगों ने आवेदन किए थे। अब सरकारी एजेंसी पांच फीसदी ब्याज के साथ पैसा वापस करेगी। बेशक, यह पैसा 200 से कम आवेदनों वाले इलाकों के आवेदकों को लौटाने का दावा किया जा रहा है लेकिन अन्य क्षेत्रों में भी जमीन तय नहीं हो पाई है।