प्रदेश सरकार ने डिमांड आफ सर्वे के तहत लोगों से प्लॉट और फ्लैट के लिए ली गई 5-5 हजार सिक्योरिटी राशि को ब्याज समेत लौटाने का फैसला है। यह राशि वर्ष 2011-12 में ली गई थी। हिमुडा के पास प्लॉट और फ्लैट न होने के कारण इस पैसे को वापस किया जा रहा है। ब्याज समेत यह राशि हिमाचल और बाहरी राज्यों के करीब 50 हजार आवेदकों को मिलेगी।
प्रदेश सरकार ने हिमुडा को यह राशि सीधे बैंक खाते में डालने अथवा ड्राफ्ट के माध्यम से लौटाने के निर्देश दिए गए हैं। बीते विधानसभा सत्र भी इस मामले को उठाया गया था। इसमें शहरी विकास मंत्री ने सदन को अवगत करवाया था कि डिमांड सर्वे के एवज में वसूल की गई धनराशि वापस की जाएगी।
हिमुडा 9 साल तक इस्तेमाल करता रहा पैसा
प्लॉट और फ्लैट के लिए हिमुडा के पास 70 हजार के करीब लोगों ने आवेदन किया था। यह आवेदन वर्ष 2011-12 में लिए गए थे। 9 साल से हिमुडा लोगों के पैसा का इस्तेमाल करता रहा। अब जब प्लॉट और फ्लैट देने की बात आई तो हिमुडा अपने वायदे से मुकर गया।