हिमफेड अब तरल नाइट्रोजन खाद की आपूर्ति करेगा।
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हिमाचल में हिमफेड अब तरल नाइट्रोजन खाद की आपूर्ति करेगा। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने गुरुवार को शिमला में आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत हिमफेड और गुजरात स्टेट फर्टीलाइजर्स एंड कैमिकल्ज लिमिटेड (जीएसएफसी) के संयुक्त उपक्रम के तहत घरेलू तरल बोरोनेटिड कैल्शियम नाइट्रेट उर्वरक को लोकार्पित किया। जीएसएफसी ने हिमाचल में राज्य के किसानों और बागवानों की सुविधा के लिए तरल बोरोनेटिड कैल्शियम नाइट्रेट, न्यूट्री प्लस, अमोनियम सल्फेट और बोरोनेटिड कैल्शियम आदि पांच उत्पादों का उत्पादन शुरू किया है।
मुख्यमंत्री ने तरल बोरोनेटिड कैल्शियम नाइट्रेट उर्वरक का देश में उत्पादन करने के लिए जीएसएफसी को बधाई दी। इससे पूर्व इस उर्वरक को दूसरे देशों से आयात किया जाता था। उन्होंने कहा कि तरल उर्वरक का यह नया प्रयोग है, जो किसानों के लिए सहायक सिद्ध होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को आत्मनिर्भर बनाने और विभिन्न उत्पादों के लिए दूसरे देशों पर निर्भरता कम करने के लिए आत्मनिर्भर भारत अभियान शुरू किया है। जीएसएफसी और हिमफेड के संयुक्त उपक्रम से किसान लाभान्वित होंगे। फसल उत्पादन में बढ़ोतरी होगी।
शहरी विकास और सहकारिता मंत्री सुरेश भारद्वाज, हिमफेड के अध्यक्ष गणेश दत्त ने भी इस मौके पर संबोधित किया। जीएसएफसी के मुख्य प्रबंध निदेशक अरविंद अग्रवाल ने कहा कि जीएसएफसी और हिमफेड के मध्य समझौते से हिमाचल में बागवानी और कृषि क्षेत्र को नया आयाम मिलेगा। प्रदेश को वर्तमान वित्त वर्ष के दौरान 20 करोड़ रुपये के और अगले वित्त वर्ष के दौरान 31 करोड़ रुपये के उर्वरक उपलब्ध कराए जाएंगे। इस दौरान हिमफेड के प्रबंध निदेशक केके शर्मा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।