हिमाचल पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू।
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हिमाचल प्रदेश के ठियोग के जगेड़ी हिमफेड पेट्रोल पंप में हुए करीब 1.30 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच के लिए पुलिस मुख्यालय ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। सोमवार को पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू ने एसआईटी अधिसूचित की है। एसपी शिमला मोनिका भुटुंगरु की अध्यक्षता में एसआईटी बनाई गई है। एसपी क्राइम वीरेंद्र कालिया, अतिरिक्त एसपी साइबर क्राइम नरवीर सिंह राठौर और डीएसपी सिटी शिमला मंगतराम को सदस्य बनाया गया है। एसआईटी पेट्रोल पंप घोटाले की पेशेवर और निष्पक्ष जांच करेगी।
एसआईटी को विस्तृत जांच कर पुलिस मुख्यालय को सूचित करने को कहा है। यह टीम इस मामले की वित्तीय संलिप्तता के एंगल से भी जांच करेगी। इस मामले में संलिप्त आरोपियों के बैंक खाते, संपत्ति सीज करने की प्रक्रिया को भी अमल में लाएगी। जगेड़ी हिमफेड पेट्रोल पंप में घोटाले की शिकायत हिमफेड के कुमारसैन के इंचार्ज यशवंत वर्मा ने पुलिस थाना ठियोग में दर्ज कराई है। इसके बाद एफआईआर दर्ज की गई है।
तीन साल पहले खुला था हिमफेड का पेट्रोल पंप
ऊपरी शिमला के ठियोग में पहले एकमात्र पंप हुआ करता था। वाहन मालिकों की परेशानी को देखते हुए करीब तीन साल पहले हिमफेड ने जगेड़ी के पास पेट्रोल पंप खोला था। यह पंप बीते सप्ताह एक से दो बार बंद भी रहा। जब यहां तैनात कर्मियों से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि गाड़ी नहीं आई है, लेकिन उस समय पंप की विभागीय जांच चल रही थी।
सीमेंट बिक्री गबन की जांच को भी एसआईटी गठित
वहीं, जिला शिमला के सुन्नी पुलिस स्टेशन में दर्ज 54.93 लाख के सीमेंट बिक्री गबन की जांच के लिए डीजीपी ने एसआईटी का गठन किया है। एसआईटी पुलिस अधीक्षक शिमला मोनिका भुटुंगरु की अध्यक्षता में गठित की गई है। इसमेें पुलिस अधीक्षक क्राइम वीरेंद्र कालिया, एएसपी साइबर क्राइम नरवीर सिंह राठौर और डीएसपी सिटी शिमला मंगत राम शामिल किए गए हैं।सुन्नी में खाद्य आपूर्ति निगम का गोदाम है। 2020-21 में विभाग ने इस डिपो का ऑडिट करवाया था। इस दौरान कई गड़बड़ियां सामने आई हैं। ऑडिट में पाया गया कि जितना सीमेंट बेचा था, उस हिसाब से सरकारी खाते में पैसे जमा नहीं कराया गया है। हिमाचल प्रदेश नागरिक आपूर्ति निगम के एरिया मैनेजर रमाकांत चौहान की शिकायत पर ये केस दर्ज हुआ था।