ग्लोबल वार्मिंग, पेट्रो पदार्थों की किल्लत और पानी का संकट...। आने वाले कुछ वर्षों में यह समस्या विकराल रूप धारण कर सकती है। पर्यावरण विदों और पर्यावरणीय वैज्ञानिकों ने भी ऐसे संकेत दिए हैं।
लेकिन हिमाचल के एक नन्हे वैज्ञानिक ने ऐसा आविष्कार किया है, जिससे इन सभी समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है। जरूरत है तो बस इस मॉडल को मूर्त रूप देने की। नाहन के चौगान मैदान में हुई राज्य स्तरीय विज्ञान कांग्रेस में लाया गया यह मॉडल आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इसे देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है।
बिलासपुर के सीसे स्कूल पंजगाईं के गौरव वात्सयान ने इसे तैयार किया है। 'सोलर पावर वाटर पंपिंग सिस्टम’ नामक इस मॉडल के जरिये गौरव ने न केवल पेयजल संकट को दूर होने का दावा किया है, बल्कि इससे न तो बिजली संकट रहेगा और न ही पेट्रोल और डीजल की जरूरत रहेगी।