राष्ट्रपति अवार्ड से सम्मानित हिमाचल लोक और शास्त्रीय गायकी के जाने माने चेहरे 84 वर्षीय हेत राम तनवर का बुधवार सुबह निधन हो गया। वह बीमार चल रहे थे। उनकी मौत की खबर से साहित्यिक और सांस्कृतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
बुधवार को उनका अंतिम संस्कार पैतृक गांव हाटकोट में किया गया। एक जनवरी 1932 को कुनिहार हाटकोट में जन्मे हेत राम तनवर इंडियन आइडल फेम कृतिका तनवर के दादा हैं। हिमाचली लोक गायकी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिलवाने में इस कला साधक को राष्ट्रपति अब्दुल कलाम के हाथों राष्ट्रपति सम्मान प्राप्त करने का मौका भी मिला।
उन्होंने राष्ट्रीय नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हिमाचली फोक को ख्याति दिलाई गई। उनकी गाई गंगी, शंकरी, मोहणा व बामणा रा छोहरूवा आज भी हर किसी की जुबान पर आ जाती है। सोलन जिला के कुनिहार से संबंध रखने वाले इस लोक गायक ने अपने माता के देहांत के बाद शिमला स्थित माहूंनाग मंदिर में शरण ली।
इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़ कर नहीं देखा। उनकी इस लोक गायकी को उनके परिवार वालों ने भी सहेज कर रखा है। आकाशवाणी शिमला से उनके बेटे, बहू, और पोतों तक की आवाज सुनाई देती है।