सरला दांगी कहती हैं कि उनके पति लोकगीत लिखते ही नहीं, बल्कि गाते भी हैं। वह चाहती हैं कि वह पति के साथ भी ऐसा ही एक युगल गीत गाए और वह मशहूर हो। यही उनका ड्रीम प्रोजेक्ट है। सरला दांगी ने कहा कि वह आज जहां भी हैं, अपने पति की बदौलत हैं। उनका मायका ठियोग के पटरोग गांव में है। शादी मशोबरा की मूलकोटी पंचायत के कंडा में है। बेटी वंशिका और बेटा हार्दिक का भी लोकगायन का शौक है।
रास्ते से गुजरने पर प्रशंसक लेते हैं सेल्फी
सरला दांगी ने कहा कि वह रास्ते से गुजरती हैं तो लोकगायिका सरला दांगी के साथ प्रशंसक सेल्फी लेने के लिए अनुरोध करते हैं। फोन भी बहुत आते हैं। लोग शो में भी बुलाते हैं। उन्हें जो सम्मान मिल रहा है, कभी सोचा नहीं था।