गीत चोरी करने का रिवाज बॉलीवुड में ही नहीं, हिमाचल की लोक गायकी में भी शुरू हो गया है। एक के बाद एक मेरे कई गाने चोरी कर पहाड़ी कलाकारों ने गाए हैं। ‘मेहनत मैं करता हूं और नाम दूसरे कमाते हैं’
यह कहना है हिमाचल के जाने माने लोक कलाकार ठाकुर दास राठी का। समर फेस्टिवल की दूसरी सांस्कृतिक संध्या में बतौर स्टार कलाकार प्रस्तुति देने वाले ठाकुर दास राठी ने अपने मन की बात ‘अमर उजाला’ से साझा की।
बिना किसी का नाम लिए राठी ने कहा कि शिमला के कई पहाड़ी कलाकार उनके गीत गाकर मशहूर हुए हैं। अब भी जब कोई नया गाना लिखता हूं तो चोरी कर लिया जाता है। राठी ने कहा कि लगातार बढ़ रही इस प्रवृति को रोकने के लिए कड़े कानून बनाने की जरूरत है।
राठी ने बताया कि वे अपने गाने न सिर्फ खुद लिखते हैं बल्कि कंपोज भी खुद ही करते हैं। उन्होंने बताया कि शिमला शहर उनके लिए नया नहीं है। बार-बार शिमला आना होता है। शिमला में उनके कई दोस्त हैं, जिनके साथ उनके पारिवारिक संबंध हैं।