पुलिस ने एसआईटी गठित कर दी है और साइबर टीम की मदद से आरोपियों के मोबाइल फोन की लोकेशन खंगाली जा रही है। स्थानीय लोगों ने घायल को नाले से बाहर निकालकर उपचार के लिए क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में भर्ती करवाया। पीड़ित शुभम रायजादा ने पुलिस को बताया कि शनिवार शाम एक अज्ञात व्यक्ति ने उसे फोन कर कहा कि उसकी गाड़ी चेक करवानी है। जैसे ही शुभम अपनी वर्कशॉप पहुंचा, एक व्यक्ति ने बताया कि गाड़ी आगे खड़ी है। जब वह वहां पहुंचा, तो अचानक दो व्यक्ति गाड़ी से उतरे और पीछे से उसे पकड़ लिया। गाड़ी की आगे की सीट पर बैठे व्यक्ति ने पिस्टल उसके माथे पर रखकर धमकाया कि अगर शोर मचाया तो गोली मार दी जाएगी।
हमलावर उसे बहड़ाला के जंगलों में ले गए, जहां चार-पांच लोगों ने लोहे की रॉड से पिटाई की और बेहोश कर दिया। आरोपी उसे गाड़ी में डालकर संतोषगढ़ की ओर ले आए और रास्ते में 22,000 रुपये, सोने की चेन और ब्रेसलेट निकालकर संतोषगढ़ के एक नाले में मरा हुआ समझकर फेंक दिया। शुभम ने बताया कि हमलावरों में से एक व्यक्ति मिंकल से वह परिचित है, जबकि संतोषगढ़ का ही एक अन्य युवक कॉल के माध्यम से पूरी वारदात की जानकारी ले रहा था। शुभम ने कहा कि 18 अक्तूबर को उसने चंडीगढ़-धर्मशाला नेशनल हाईवे स्थित अपनी वर्कशॉप के पास मिला एक देसी कट्टा पुलिस को सौंपा था, इसके बाद कुछ लोग उस पर नजर रखे हुए थे।
एएसपी ऊना सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि पीड़ित के बयान पर मैहतपुर थाना में भारतीय दंड संहिता और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच करते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर लिया है और आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है।