राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा है कि नशाखोरी ज्वलंत समस्या है। नशाखोरी धीरे धीरे बढ़ रही है। हिमाचल में नशाखोरी को नियंत्रित करने की दिशा में व्यापक जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है।
इसमें मीडिया, आम जनता और प्रशासन को मिल कर कार्य करना होगा। राज्यपाल शुक्रवार को पांवटा के तारूवाला में रक्षा पेंशन अदालत में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे थे। उन्होंने लोनिवि के पांवटा विश्राम गृह में पत्रकारों से बातचीत की।
राज्यपाल ने कहा कि अन्य राज्यों की तुलना में हिमाचल प्रदेश काफी शांत है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती जैविक खाद पर आधारित है। इस क्षेत्र में केंद्र और राज्य सरकार इस दिशा में बेहतर कार्य कर रही है।
इसके लिए बजट का प्रावधान किया जा रहा है। नशे से युवाओं के जीवन को बर्बाद होने से बचाने के लिए युवाओं, महिलाओं और मीडिया समेत सबको को मिल कर कार्य करना होगा। नशाखोरी के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाना होगा।
इसमें हर वर्ग को मिलकर एकजुटता से मुहिम में शामिल होना होगा। मिश्र ने कहा कि शुक्रवार को सारे देश में पूर्व सैनिक पेंशनर डे मनाया गया। इसी क्रम में हिमाचल और उत्तराखंड की रक्षा पेंशन अदालत पांवटा में हुई। जिसमें पूर्व सैनिकों और वीर नारियों की समस्याओं को सुना गया।