प्राकृतिक कृषि परियोजना निदेशक राकेश कंवर ने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों का स्वागत किया। सुभाष पालेकर प्राकृतिक कृषि की दिशा में कार्य कर रहे हैं। जीएनजी एग्रीटेके एंड वेस्ट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक सुरेंद्र कुमार अग्रवाल, लारजेस्ट एग्रो रिसर्च फाउंडेशन के अध्यक्ष नितिश नरूला ने भी किसानों को संबोधित किया।
शिविर में सुझाव दिया गया कि विशेषज्ञों को हिमालयी राज्यों के लिए प्राकृतिक खेती से संबंधित एक संयुक्त मंच की स्थापना के प्रयास करने चाहिए। मुख्यातिथि राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने कहा कि प्राकृतिक खेती के इन अनुभवों के आधार पर वह उत्तराखंड में प्राकृतिक कृषि को लागू करने व इसके विस्तार के लिए प्रयास करेंगी। नीति आयोग के उपाध्यक्ष डा. राजीव कुमार ने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने के प्रधानमंत्री के आह्वान को पूरा करने के लिए हम हर स्तर पर प्रयासरत है।
पर्यटन, फल उत्पादन पहाड़ी राज्यों की विशेष पहचान
पद्मश्री सुभाष पालेकर ने खुशी जताई कि नीति आयोग और राज्यपाल इस तरह के किसान प्रशिक्षण शिविर में भाग ले रहे हैं। पर्यटन और फल उत्पादन पहाड़ी राज्यों की विशेष पहचान है। ऐसे मॉडल गांव विकसित किए जाने चाहिए, जहां पूर्ण रूप से प्राकृतिक कृषि की जाती है। इससे पर्यटक आकर्षित होंगे और उन्हें प्राकृतिक उत्पाद मिल सकेंगे।