हिमाचल प्रदेश के कुछ भागों में चार दिनों तक मौसम खराब रहने के आसार हैं। मौमस विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार प्रदेश के मध्य व उच्च पर्वतीय कुछ भागों में 7 से 11 जून तक बारिश हो सकती है। इस दौरान चोटियों पर बर्फ के फाहे गिर सकते हैं। मैदानी भागों में 8 से 10 जून तक मौसम साफ रहने के आसार हैं। प्रदेश के एक-दो स्थानों पर 8 व 11 जून को अंधड़ चलने का येलो अलर्ट भी जारी किया गया है। उधर, बुधवार को शिमला व आसपास भागों में धूप खिलने के साथ हल्के बादल छाए रहे।
न्यूनतम तापमान
शिमला में न्यूनतम तापमान 14.2, सुंदरनगर 15.9, भुंतर 13.2, कल्पा 6.6, धर्मशाला 18.2, ऊना 20.7, नाहन 19.5, केलांग 5.1, पालमपुर 16.0, सोलन 15.0, मनाली 9.0, कांगड़ा 18.7, मंडी 15.6, बिलासपुर 20.0, हमीरपुर 18.3, चंबा 16.3, डलहौजी 12.1, जुब्बड़हट्टी 16.6, कुफरी 12.0, कुकुमसेरी 5.5, नारकंडा 9.6, भरमौर 11.0, रिकांगपिओ 9.8, सेऊबाग 11.0, धौलाकुआं 19.1, बरठीं 17.7,मशोबरा 13.5, पांवटा साहिब 25.0, सराहन 11.5 और देहरागोपीपुर में 21.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
अधिकतम तापमान
ऊना में अधिकतम तापमान 36.2, चंबा 30.4, डलहौजी 19.8, केलांग 16, धर्मशाला 27, कांगड़ा 31, सेऊबाग 25.9, भुंतर 29.8, हमीरपुर 34.1, सुंदरनगर 31.1, बिलासपुर 34.0, रिकांगपिओ 25.7, शिमला 24.4, कुफरी 18.1 और नाहन में 31.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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चुराह और सलूणी में ओलावृष्टि से सेब की फसल तबाह
वहीं, जिले में दो दिन से हो रही ओलावृष्टि से चुराह और सलूणी में सेब की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। चुराह के चांजू और चरड़ा में ओलावृष्टि ने बागवानों की साल भर की मेहनत पर पानी फेर दिया है। बगीचों में जो सेब की फसल तैयार होने को थी, ओलावृष्टि ने उसे बर्बाद कर दिया। सेब पर बर्फ के ओले गिरने से दाग पड़ गए हैं जिससे किसानों को अब दागी सेब को मंडी में बेचना मुश्किल होगा। मंडी में उन्हें इसकी कीमत भी अच्छी नहीं मिलेगी। बागवानों हरीश कुमार, चंद राम, सुरेश कुमार, चैन लाल, रविंद्र कुमार, किशोर और हंसराज ने बताया कि पिछले कुछ दिन से चंबा में ओलावृष्टि रोजाना शाम को हो रही है। चांजू और चरड़ा में इसका प्रकोप सबसे ज्यादा देखने को मिला है। इसके अलावा सलूणी और हिमगिरी सहित अन्य ऊपरी इलाकों में भी ओलावृष्टि से सेब की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने जिला प्रशासन और उद्यान विभाग से बागवानों को ओलावृष्टि से हुए नुकसान के बदले में आर्थिक सहायता देने की मांग की है।