ऊना में अधिकतम तापमान 35.4, बिलासपुर में 34.0, चंबा में 33.9, कांगड़ा में 32.7, सुंदरनगर में 32.6, भुंतर में 32.2, मंडी में 31.8, सोलन में 31.0, धर्मशाला में 29.5, नाहन में 29.0, शिमला में 25.6 और मनाली में 25.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। मंगलवार को प्रदेश में कहीं भी बारिश दर्ज नहीं हुई। प्रदेशभर में धूप खिली रही।
शिमला में न्यूनतम तापमान 14.0, सुंदरनगर 16.4, भुंतर 15.9, कल्पा 8.5, धर्मशाला 16.4, ऊना 19.2, नाहन 22.1, केलांग 6.7, पालमपुर 15.5, सोलन 14.6, मनाली 11.7, कांगड़ा 18.5, मंडी 17.1, बिलासपुर 19.9, चंबा 17.7, डलहौजी 14.2, जुब्बड़हट्टी 16.9, कुफरी 12.8, कुकुमसेरी 7.2, नारकंडा 10.3, रिकांगपिओ 12.3, सेऊबाग 14.5, धौलाकुआं 20.9, बरठीं 19.6, समदो 13.0, पांवटा साहिब 23.0, सराहन 14.0 और देहरागोपीपुर में 22.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
आपदा के बाद हिमाचल में एचआरटीसी के 907 रूटों पर अभी तक बस सेवा बहाल नहीं हो पाई है। निगम की 100 बसें विभिन्न रूटों पर फंसी हुई हैं। कुल्लू डिपो के सबसे अधिक 132, रामपुर के 104, मंडी के 81 और सरकाघाट के 88 रूट प्रभावित हैं। एचआरटीसी के तारादेवी डिपो के 65 रूटों पर भर अब तक बस सेवा ठप है। मंडलीय कार्यशाला तारादेवी की 38 में से 32 वोल्वो ही संचालित हो रही हैं, जबकि 6 वोल्वो सेवाएं बंद हैं। भूस्खलन के बाद सड़कें बंद होने से विभिन्न रूटों पर निगम की बसें फंसी हुई हैं। सरकाघाट में सबसे अधिक 16, मंडी में 15, रामपुर में 13 जबकि कुल्लू और केलांग में 12-12 बसें रूटों पर फंसी हैं। बसें संचालित न होने और यात्रियों की संख्या कम होने से निगम को रोजाना करोड़ों का नुकसान हो रहा है।