क्षेत्र अधिकतम न्यूनतम
ऊना 33.6 24.2
बिलासपुर 31.0 24.0
हमीरपुर 29.2 22.5
कांगड़ा 28.8 23.0
नाहन 28.3 24.1
चंबा 28.2 23.1
केलांग 25.8 12.7
धर्मशाला 24.5 20.2
कल्पा 23.0 14.3
शिमला 21.0 16.0
मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जिला कुल्लू में भी 29 जुलाई तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इसके तहत जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी कर पर्यटकों को एहतियात के तौर पर नदी-नालों के पास न जाने की हिदायत दी है। प्रशासन ने ब्यास, सरवरी नदी के अलावा नालों के साथ रहने वाले प्रवासी व आम जन को भी खतरे वाली जगहों पर न जाने की हिदायत दी है। प्रशासन ने बारिश के दौरान किसी भी घटना से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन टीम को सतर्क रहने को कहा है। पहले से ही भूस्खलन से अति संवेदनशील कुल्लू घाटी में चार दिनों में भारी बारिश का अलर्ट जारी कर दिया है। हालांकि सोमवार को कुल्लू घाटी में दिनभर मौसम आम तौर पर साफ रहा। रविवार रात को हुई बारिश से जिला कुल्लू के मनाली, बंजार, सैंज सहित बाह्य सराज व लाहौल घाटी में जनजीवन अस्तव्यस्त रह।
भूस्खलन व मलबा आने से जिले में 12 सड़कों पर यातायात बंद है। हाईवे-305 भी बड़े वाहनों के लिए बंद होने से निगम की बसों को वाया भरठीधार होकर जिभी के लिए भेजा जा रहा है। जिस कारण बसें एक घंटा तक देरी से गंतव्य में पहुंच रही है। बरसात की बारिश से हो रहे भूस्खलन से सेब सीजन भी प्रभावित हो रहा है। इससे बागवानों का सेब समय पर मंडियों में नहीं पहुंच रहा है। उपायुक्त कुल्लू आशुतोष गर्ग ने कहा कि मौसम विज्ञान केंद्र ने 29 जुलाई तक चार दिनों में भारी बारिश होने की चेतावनी दी है। ऐसे में जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर जिले में अलर्ट जारी किया है। जिला प्रशासन की भी मौसम पर नजर रहेगी। इस दौरान किसी भी स्थिति को निपटने के लिए आनी, बंजार तथा मनाली के एसडीएम को भी सतर्क रहने को कहा गया है। बता दें कि बरसात के मौसम में जिला कुल्लू में सौ से अधिक सड़कें भूस्खलन की दृष्टि से अति संवेउनशील हैं। इसके अलावा एनएच-305 भी भूस्खलन के लिहाज से खतरनाक है।