मूसलाधार बारिश ने बुधवार को चंबा जिले में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। कई जगह नालों में जलस्तर बढ़ने से घरों में मलबा और पानी घुस गया, वहीं, तीन वाहनों को भी नुकसान पहुंचा है। तेलका के अथेड-हलेला नाले के पानी ने खेतों और रास्ते का तहस-नहस कर दिया है। सलूणी-तेलका मार्ग पर सलूणी डाकघर के समीप 40 मीटर सड़क के साथ जमीन धंसने से 10 दुकानों और दो मकानों को खतरा पैदा हो गया है।
जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह हुई बारिश के बाद उपमंडल सलूणी के कई नालों का जलस्तर बढ़ गया था। काशनेड़ और मोड़ा नाले में पानी के साथ आए मलबे की चपेट में आने से दो कारें और एक स्कूटी भी क्षतिग्रस्त हो गई। नाले का जलस्तर बढ़ने से लोगों में दहशत का माहौल बन गया।
लोग घरों में एकत्रित हुए पानी को बाहर निकालने में जुट गए और आवश्यक सामान को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने लगे। कई परिवार बच्चों को लेकर सुरक्षित स्थानों पर चल गए और दोपहर बाद जब जलस्तर कम हुआ तो घरों में लौटे। उधर, मूसलाधार बारिश से ग्राम पंचायत सालवां में बंदोंखी नाले में जलस्तर बढ़ने से काफी नुकसान की सूचना है।
सलूणी में खाली कर दीं दुकानें
सलूणी-तेलका मार्ग पर डाकघर सलूणी मलबा आने के बाद अनहोनी घटना से बचने के लिए ग्रामीणों ने स्वयं ही अपनी दुकानों को खाली कर दिया है। उधर, सूचना मिलने के बाद कार्यवाहक एसडीएम विनोद कुमार टंडन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। वहीं, सलूणी-तेलका मार्ग पर अब पूरी तरह से वाहनों की आवाजाही बंद पड़ गई हैं। प्रभावित सुभाष कुमार ने बताया कि उन्होंने कुछ दुकानें किराये पर दी थीं।
इसके अलावा उक्त स्थान पर जमीन धंसने से ठाकुर दास शर्मा के तीन मंजिला मकान पर भी खतरा मंडराने लगा है। हांलाकि, उक्त स्थान पर स्थित दूसरा निर्माणाधीन मकान हैं। सूचना मिलने के बाद सलूणी प्रशासन की ओर से मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।
कुंदल गांव में मकान की छत गिरी
भारी बारिश के चलते ग्राम पंचायत डांड के गांव कुंदल निवासी ताज दीन मोहम्मद पुत्र शरीफ मोहम्मद के घर की छत्त टूटकर गिर गई। गनीमत रही कि घटना के वक्त वहां कोई नहीं थास, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। मकान की छत गिरने से पूरे घर को नुकसान पहुंचा हैं।
सूचना मिलने के बाद वार्ड सदस्य डांड मोहम्मद रमजान ने मौके पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया और अपनी रिपोर्ट बना कर प्रशासन को भेजी है। वहीं, सलूणी पंचायत के धनून गांव में दयालु राम की गोशला गिर गई है। गोशाला के क्षतिग्रस्त होने से उसमें बंधे सात मवेशियों में से एक भैंस जख्मी हो गई।
ग्रामीणों ने मोड़ा नाले का रुख
हलेला व अथेड में बने प्राकृतिक जलस्रोत के पनिहारे भी मलबे के नीचे दब गए हैं। पानी की पाइप लाइन टूट चुकी है। खेतों में लगे पेड़ जड़ों समेत जमीन पर औंधे मुंह गिर पड़े। लोगों में सुरेश कुमार, छनु राम, देवराज, बीना देवी, ललिता देवी, कमलों देवी, तेज राम श्रीधर, सोभिया, समुद्री, रीना व माया देवी ने कड़ी मशक्कत के बाद पानी को नाले की तरफ मोड़ा। उसके बाद गांव में राहत प्रदान हुई।
दूसरे के घरों में शिफ्ट हुए लोग
ग्राम पंचायत मोडा़, सालवां, सेरी, दरेकड़ी के अंतर्गत आने वाले दर्जनों घरों को भारी बारिश से नुकसान हुआ है। गांव सलन के प्रह्लाद पुत्र लोची, भिंलकुंड के दीपक, गंभीर निवासी राजमल और महिंद्र पुत्र बलदेव के मकानों के डंगे गिरने से घरों को खतरा उत्पन्न हो गया है। कौथी गांव के हंस राज की गोशाला और मांजू की सविता के घर को सड़क के पानी से नुकसान पहुंचा हैं।
नतीजतन, ग्रामीणों को बीती रात ही अपने मकान खाली कर अपने पड़ोसियों के घरों में शरण लेनी पड़ी है। उधर, तहसीलदार सलूणी तेलका करतार चंद ने बताया कि सूचना मिलने के बाद फील्ड स्टाफ को मौके पर भेज दिया गया है। नुकसान रिपोर्ट के आधार पर ही प्रभावितों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।