कालका-शिमला हाईवे पर चक्कीमोड़ के समीप अस्थाई सड़क से गुजरते वाहन।
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हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदा ने तबाही मचा कर रख दी है। मंडी, शिमला, कुल्लू, जिला सिरमौर और अन्य प्रभावित क्षेत्रों में 1,220 सड़कें बंद हैं। इससे बुधवार को भी दो हजार से ज्यादा रूट प्रभावित रहे। पेयजल स्रोतों में गाद आने से लोगों के घरों में पानी नहीं जा रहा है। मंडी की सबसे ज्यादा 541 समेत 1,235 पानी की स्कीमें ठप हैं।
इसके अलावा सैंज-लूहरी-औट एनएच-305 और मंडी-कुल्लू-मनाली एनए-3 भी बंद हैं। लोक निर्माण विभाग का दावा है कि दिनभर सड़कों को बहाली करने का काम जारी रहा। लोक निर्माण विभाग और जल शक्ति विभाग ने कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द की हैं। विभाग ने फील्ड में तैनात कर्मचारियों को सड़क बहाल करते समय एहतियात बरतने को कहा है। सड़कें बहाल करने के दौरान पहाड़ियां खिसक रही हैं।
जमीन के भीतर से लगातार पानी निकल रहा है। लोक निर्माण विभाग का दावा है कि सड़कों को बहाल करने के लिए 25 हजार अधिकारी और कर्मचारी फील्ड में डटे है। इसके अलावा सात सौ डोजर और जेसीबी लगाई गई हैं।
1,841 ट्रांसफार्मर ठप, कई इलाकों में ब्लैक आउट
हिमाचल प्रदेश में 1,841 ट्रांसफार्मर बंद होने से कई क्षेत्रों में बिजली गुल है। पेड़ गिरने से बिजली के तार टूट गए हैं। कई ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुए हैं।