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Himachal Weather: पनोह के पास किरतपुर-नेरचौक फोरलेन धंसा, अलसु में दरकी पहाड़ी, राज्य में 857 सड़कें ठप

Tue, 15 Aug 2023 09:05 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला/बिलासपुर

सार

Himachal Landslide Update :सूबे में चार नेशनल हाईवे और 857 सड़कें बंद हैं। इसके अतिरिक्त 4285 बिजली ट्रांसफार्मर और 889 जलापूर्ति योजनाएं भी बंद पड़ी हैं।
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किरतपुर-नेरचौक फोरलेन धंसा - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश में पिछले 72 घंटों से लगातार जारी रही बारिश ने तबाही मचा दी है। सूबे में चार नेशनल हाईवे और 857 सड़कें बंद हैं। वहीं कालका शिमला हाईवे पर परवाणू से सोलन तक ट्रैक सहित सभी भारी वाहनों की आवाजाही दोनों तरफ से मंगलवार रात सात बजे से आगामी आदेशों तक बंद कर दी गई है।

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इसके अतिरिक्त 4285 बिजली ट्रांसफार्मर और 889 जलापूर्ति योजनाएं भी बंद पड़ी हैं। मंडी जिले में सबसे अधिक 323 और शिमला 234 सड़कें बाधित हैं। मंडी जिले में 2610 और शिमला में  808 बिजली ट्रांसफार्मर ठप पड़े हैं। मंगलवार को किरतपुर-नेरचौक फोरलेन को घुमारवीं के पनोह के पास भारी नुकसान हुआ है। फोरलेन एक तरफ से धंस गया है।



जबकि जमीन धंसने से दूसरी ओर भी दरार आ गई है। यातायात एक लेन से चल रहा है। इसके अलावा फोरलेन पर जगह-जगह भूस्खलन हुआ है। फोरलेन का मलबा गिरने से हरनेड खड्ड भी बाधित हो गई।  फोरलेन को घुमारवीं के अमर सिंह रोहिण के बीच भारी नुकसान हुआ है। वहीं, अलसु के पास पहाड़ी से बड़ी चट्टानें गिरने से किरतपुर-नेरचौक फोरलेन पूरी तरह से बंद हो गया। शाम तक एक तरफा खुलने की उम्मीद है। अलसू से भरमाणा की ओ यातायात को डायवर्ट किया गया है। 
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शिमला में हुआ भूस्खलन 
शिमला के कृष्णा नगर में नए स्लॉटर हाउस के साथ विष्णु मंदिर क्षेत्र में बड़ा भूस्खलन हुआ है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक चार से पांच मकान गिरने की सूचना है।

बता दें सावन के सोमवार को भारी बारिश के रेड अलर्ट के बीच राज्य में जगह-जगह बादल फटने और भूस्खलन से अब 58 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।  करीब 26 लोग मलबे में दबने और बहने से लापता हैं। मंडी जिले में 23, राजधानी शिमला में 16, सोलन में 11, कांगड़ा-हमीरपुर में 3-3, चंबा, कुल्लू और सिरमौर में 1-1 लोगों की जान गई है। शिमला में 20, मंडी में तीन, हमीरपुर में दो और सिरमौर में एक व्यक्ति लापता है। मंगलवार को शिमला के समरहिल में चार और शव बरामद हुए हैं। बचाव अभियान चल रहा है। शिमला शहर में जगह-जगह 200 से अधिक पेड़ गिर गए हैं। 

प्रदेश में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से हिमाचल प्रदेश के कई भागों में आज भारी बारिश का ऑरेंल अलर्ट  है। हालांकि सुबह येलो अलर्ट जारी किया गया था। दोपहर बाद इसे ऑरेंज किया गया। 16 अगस्त के लिए येलो अलर्ट जारी हुआ है। 21 अगस्त तक प्रदेश के कई भागों में बारिश का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान है। आज  कांगड़ा, मंडी व शिमला के लिए भारी बारिश का अलर्ट है। शिमला शहर में मंगलवार सुबह से हल्की धूप खिलने के साथ बादल छाए रहे।

मानसून में अब तक 83 लोगों की मौत

राज्य में इस मानसून सीजन के दौरान 24 जून से 14 अगस्त तक 283 लोगों की मौत हो चुकी है। 304 घायल हुए हैं। अब तक 1442 घर ढह गए हैं। 8160 घरों को नुकसान पहुंचा है। 272 दुकानों व 2997 गोशालाओं को भी नुकसान हुआ है। मानसून में अभी तक 7170.85 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो चुका है। राज्य में भूस्खलन की 112 और अचानक बाढ़ की 58 घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

हिपा में सभी कोर्स स्थगित

हिमाचल प्रदेश लोक प्रशासन संस्थान( हिपा) में 16 से 19 अगस्त तक प्रस्तावित सभी कोर्स स्थगित हो गए हैं। नई तिथि के बारे में सभी प्रतिभागियों को बाद में अवगत करवाया जाएगा। जबकि एचएएस और एलाइड सर्विसेज के फाउंडेशन कोर्स की ट्रेनिंग का शेड्यूल 16 अगस्त को अलग से जारी किया जाएगा। 
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दूसरों की जान बचाने के लिए खुद हो गए कुर्बान

वहीं, टिहरा तहसील क्षेत्र के तनिहार में सोमवार सुबह दर्दनाक हादसा हुआ। भूस्खलन की चपेट में आए मकान में फंसे लोगों को बाहर निकालते हुए स्थानीय पंचायत के पूर्व प्रधान प्रभाष राणा पर मकान की दीवार गिरने से उनकी मौत हो गई। उपप्रधान पवन कुमार ने बताया कि सोमवार सुबह ही नलयाणा गांव में प्रभाष का पड़ोस का मकान भूस्खलन की चपेट में आ गया और परिवार के लोग फंस गए। इन्हें बाहर निकलने के लिए प्रभाष ने घर के अंदर प्रवेश कर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल दिया। सभी को बाहर निकालने के बाद अचानक मकान की दीवार ढहने से प्रभाष इसकी चपेट में आ गए। इससे राहत कार्य में जुटे प्रभाष दीवार के मलबे में दब गए। राहत कार्य में जुटे अन्य लोगों ने उन्हें बाहर निकाला, लेकिन लगातर बारिश के कारण रास्ते बंद होने से घायल को सात किलोमीटर दूर टिहरा अस्पताल तक नहीं पहुंचाया जा सका।

हालांकि उन्हें लोग पैदल ही अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में उनकी मौत हो गई। बताया कि वह सामाजिक कार्यकर्ता थे। जनवादी नौजवान सभा और मजदूर संगठन सीटू के ज़िला अध्यक्ष पद पर अपनी सेवाएं देने के बाद पंचायत प्रधान और दो बार बीडीसी सदस्य भी रहे हैं। वर्तमान में धर्मपुर खंड कांग्रेस के सचिव थे और विधायक चंद्रशेखर की कोर कमेटी के सदस्य थे। प्रभाष अपने पीछे पत्नी, एक बेटी और बेटा को छोड़ गए हैं। डीएसपी सरकाघाट कुलदीप सिंह ने घटना की पुष्टि की है। निधन पर विधायक चंद्रशेखर, ब्लाॅक अध्यक्ष प्रकाश चंद, पूर्व  ज़िला पारिषद सदस्य भूपेंद्र सिंह, डॉ. पन्ना लाल, लता पठानिया ने दुख जताया है।
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