राज्य में इस मानसून सीजन के दौरान 24 जून से 14 अगस्त तक 283 लोगों की मौत हो चुकी है। 304 घायल हुए हैं। अब तक 1442 घर ढह गए हैं। 8160 घरों को नुकसान पहुंचा है। 272 दुकानों व 2997 गोशालाओं को भी नुकसान हुआ है। मानसून में अभी तक 7170.85 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो चुका है। राज्य में भूस्खलन की 112 और अचानक बाढ़ की 58 घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
हिमाचल प्रदेश लोक प्रशासन संस्थान( हिपा) में 16 से 19 अगस्त तक प्रस्तावित सभी कोर्स स्थगित हो गए हैं। नई तिथि के बारे में सभी प्रतिभागियों को बाद में अवगत करवाया जाएगा। जबकि एचएएस और एलाइड सर्विसेज के फाउंडेशन कोर्स की ट्रेनिंग का शेड्यूल 16 अगस्त को अलग से जारी किया जाएगा।
वहीं, टिहरा तहसील क्षेत्र के तनिहार में सोमवार सुबह दर्दनाक हादसा हुआ। भूस्खलन की चपेट में आए मकान में फंसे लोगों को बाहर निकालते हुए स्थानीय पंचायत के पूर्व प्रधान प्रभाष राणा पर मकान की दीवार गिरने से उनकी मौत हो गई। उपप्रधान पवन कुमार ने बताया कि सोमवार सुबह ही नलयाणा गांव में प्रभाष का पड़ोस का मकान भूस्खलन की चपेट में आ गया और परिवार के लोग फंस गए। इन्हें बाहर निकलने के लिए प्रभाष ने घर के अंदर प्रवेश कर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल दिया। सभी को बाहर निकालने के बाद अचानक मकान की दीवार ढहने से प्रभाष इसकी चपेट में आ गए। इससे राहत कार्य में जुटे प्रभाष दीवार के मलबे में दब गए। राहत कार्य में जुटे अन्य लोगों ने उन्हें बाहर निकाला, लेकिन लगातर बारिश के कारण रास्ते बंद होने से घायल को सात किलोमीटर दूर टिहरा अस्पताल तक नहीं पहुंचाया जा सका।
हालांकि उन्हें लोग पैदल ही अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में उनकी मौत हो गई। बताया कि वह सामाजिक कार्यकर्ता थे। जनवादी नौजवान सभा और मजदूर संगठन सीटू के ज़िला अध्यक्ष पद पर अपनी सेवाएं देने के बाद पंचायत प्रधान और दो बार बीडीसी सदस्य भी रहे हैं। वर्तमान में धर्मपुर खंड कांग्रेस के सचिव थे और विधायक चंद्रशेखर की कोर कमेटी के सदस्य थे। प्रभाष अपने पीछे पत्नी, एक बेटी और बेटा को छोड़ गए हैं। डीएसपी सरकाघाट कुलदीप सिंह ने घटना की पुष्टि की है। निधन पर विधायक चंद्रशेखर, ब्लाॅक अध्यक्ष प्रकाश चंद, पूर्व ज़िला पारिषद सदस्य भूपेंद्र सिंह, डॉ. पन्ना लाल, लता पठानिया ने दुख जताया है।