फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Himachal Weather: तबाही मचाने के बाद हिमाचल के 10 जिलों से विदा हुआ मानसून, जानें माैसम पूर्वानुमान

Wed, 24 Sep 2025 02:02 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

हिमाचल प्रदेश के 10 जिलों से बुधवार को दक्षिण-पश्चिम मानसून विदा हो गया है। राज्य में इस बार 20 जून को मानसून ने दस्तक दी थी। 
विज्ञापन
हिमाचल से विदा हुआ मानसून। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हिमाचल प्रदेश से 42 फीसदी अधिक बारिश के साथ दक्षिण पश्चिम मानसून विदा हो गया है। इस बार मानसून सीजन के दौरान 25 साल बाद रिकॉर्ड बादल बरसे। 12 साल बाद सितंबर के चौथे सप्ताह में ही मानसून की विदाई हो गई है। इससे पहले साल 2013 में 19 सितंबर को मानसून विदा हुआ था। इसके बाद औसतन अक्तूबर के पहले सप्ताह में मानसून की विदाई होती रही। 25 सितंबर को मानसून की वापसी के लिए सामान्य तारीख माना गया है।

विज्ञापन

 

वीरवार से प्रदेश के 10 जिलों में पोस्ट मानसून सीजन शुरू होगा। 15 दिसंबर से प्रदेश में विंटर सीजन शुरू होगा। 1995 के बाद बरसात के मौसम में इस साल सबसे अधिक बादल बरसे। 1995 में 1029 मिलीमीटर बारिश हुई थी, इस बार 1023 एमएम बारिश दर्ज हुई। लाहौल-स्पीति जिला के अलावा सभी जिलों में सामान्य से काफी अधिक बारिश दर्ज हुई। इस बार सीजन के दौरान 50 जगह बादल फटे। बाढ़ की 98 और भूस्खलन की 148 घटनाएं हुईं। उधर, किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिला के कुछ क्षेत्रों से दो से तीन दिन में मानसून की वापसी का पूर्वानुमान है। 30 सितंबर तक प्रदेश में मौसम साफ बना रहने की संभावना है। इस दौरान धूप खिलने से अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज होने के आसार हैं।

तबाही मचाने के बाद हिमाचल प्रदेश के 10 जिलों से बुधवार को दक्षिण-पश्चिम मानसून विदा हुआ राज्य में इस बार 20 जून को मानसून ने दस्तक दी थी और खूब कहर बरपाया। इस दाैरान राज्य में सामान्य से 42 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई। विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून बुधवार को पूरे चंबा, कांगड़ा, ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, सोलन, सिरमौर और मंडी जिले से चला गया है। कुल्लू और शिमला जिलों के अधिकांश हिस्सों और लाहौल-स्पीति जिले के कुछ हिस्सों से वापस चला गया है। अगले 2-3 दिनों के दौरान प्रदेश के शेष हिस्सों से मानसून के वापस जाने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। राज्य में बुधवार शाम तक 322 सड़कें बंद रहीं। इसके अलावा 46 बिजली ट्रांसफार्मर व 69 जल आपूर्ति स्कीमें भी प्रभावित हैं। कुल्लू में 100 व मंडी जिले में 105 सड़कें बंद हैं।

जिला शिमला में सबसे अधिक बारिश हुई दर्ज
मानसून सीजन के दौरान जिला शिमला में सामान्य से 99 फीसदी अधिक बारिश हुई। बिलासपुर में 79, चंबा में 33, हमीरपुर में 60, कांगड़ा में 18, किन्नौर में 21, कुल्लू में 97, मंडी में 76, सिरमौर में 38, सोलन में 70 और ऊना जिला में 63 फीसदी अधिक बारिश हुई। एक से 24 सितंबर तक प्रदेश में सामान्य से 89 फीसदी बारिश हुई। बारिश ने अगस्त में करीब 76 वर्षों का रिकाॅर्ड तोड़ा। साल 1901 के बाद से अगस्त में नौवीं सबसे अधिक बारिश (431.3 मिलीमीटर) हुई। यह साल 1949 के बाद से अगस्त में हुई सबसे अधिक बारिश रही। इससे पहले 1927 में सबसे अधिक बारिश (542.4 मिमी) दर्ज की गई थी। अगस्त में सामान्य से 68 फीसदी बारिश दर्ज हुई। जुलाई में सामान्य बारिश हुई।

अक्तूबर में रवानगी करता रहा मानसून, इस बार जल्दी हुई वापसी
प्रदेश में मानसून की रवानगी बीते कुछ समय से अक्तूबर में होती रही है। इस बार मानसून जल्द विदा हुआ है। वर्ष 2020 में हिमाचल प्रदेश में मानसून का प्रवेश 24 जून को हुआ। 30 सितंबर 2020 को विदा हुआ। 2021 में मानसून 13 जून को आया और यह 10 अक्तूबर को रवाना हुआ। 2022 में मानसून 29 जून का आया और यह तीन अक्तूबर को विदा हुआ। 2023 में 24 जून को आया और 6 अक्तूबर को रवानगी की। 2024 में 27 जूून को मानसून आया और दो अक्तूबर को विदा हुआ।
विज्ञापन

मानसून सीजन में 4881 करोड़ रुपये का हुआ नुकसान, 454 की गई जान
हिमाचल में इस मानसून सीजन में 4881 करोड़ रुपये की संपत्ति का नुकसान हो चुका है। प्रदेश में 20 जून से 24 सितंबर तक 454 लोगों की जान चली गई है, 498 लोग घायल हुए हैं। 50 लोग अभी भी लापता हैं। 190 लोगों की मौत सड़क हादसों में हुई है। राज्य में 674 पक्के, 1062 कच्चे मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। 2,376 पक्के और 5,118 कच्चे मकानों को नुकसान हुआ है। 496 दुकानें भी क्षतिग्रस्त हो गईं। इसके अलावा 7,399 गोशालाएं भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। 2,519 मवेशियों की माैत हो गई।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें