मंगलवार दोपहर बाद से ही राजधानी शिमला सहित कई जिलों में बादल छाने शुरू हो गए। मौसम के इस बदलाव के साथ ही ठंडी हवाएं चलने से तापमान में भी गिरावट दर्ज होने लगी है। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार से मैदानी और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश तथा ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के आसार हैं। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से 11 से 16 मार्च तक प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला रहेगा।
इस दौरान कई जिलों में रुक-रुक कर बारिश होने और ऊंचे इलाकों में बर्फबारी की संभावना है। विशेषकर लाहौल-स्पीति, कुल्लू, किन्नौर और चंबा के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है। कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और ओलावृष्टि की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग ने किसानों और बागवानों को मौसम को ध्यान में रखते हुए आवश्यक एहतियात बरतने की सलाह दी है।
तेज हवाओं और ओलावृष्टि से फसलों और फलदार पौधों को नुकसान होने की आशंका भी जताई गई है। पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के मैदानी जिलों में तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही थी और कई जगह पारा 30 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया था।
पुलिस के अनुसार हाल के दिनों में प्रदेश के कई ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे खतरा बढ़ गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए लाहौल-स्पीति जिले में पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम के माध्यम से पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सतर्क किया जा रहा है। विभिन्न स्थानों पर पुलिस और प्रशासनिक टीमें लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और जोखिम वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दे रही हैं।