प्रदेश के उच्च पर्वतीय जिलों लाहौल-स्पीति, किन्नौर, चंबा और कुल्लू में सर्दी का असर बरकरार है। इन क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान अभी भी शून्य से नीचे दर्ज किया जा रहा है। लाहौल-स्पीति और किन्नौर में कई स्थानों पर नदियां और जलस्रोत जमने लगे हैं, वहीं सुबह-शाम कड़ाके की ठंड लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर रही है। मैदानी और निचले क्षेत्रों में मौसम की मार अलग रूप में देखने को मिल रही है।
ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, कांगड़ा, मंडी, सोलन और सिरमौर जिलों में घने कोहरे के कारण शीतलहर का असर बढ़ गया है। सुबह और देर रात के समय दृश्यता बेहद कम रहने से सड़क यातायात प्रभावित हुआ है। सोमवार को शिमला सहित प्रदेश के कई जिलों में सुबह ही धूप खिलने से लोगों को ठंड से कुछ राहत मिली। वहीं कुछ क्षेत्रों में मौसम करीब 11 बजे के बाद साफ हुआ। धूप निकलने से तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 16 से 18 जनवरी के बीच पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने का पूर्वानुमान जताया है। इसके असर से उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी और मध्यम ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश की संभावना है। यदि यह पूर्वानुमान सटीक रहा, तो लंबे समय से सूखे पड़े पहाड़ी क्षेत्रों को राहत मिल सकती है और सर्दी का असली असर भी देखने को मिलेगा। जिला कुल्लू और लाहौल घाटी में साफ चल रहे मौसम के बीच सोमवार को सुबह से आसमान में बादल छाए रहे। कोकसर, रोहतांग, जलोडी दर्रा, दारचा में शीतलहर होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार को शिमला में अधिकतम तापमान 17.2, धर्मशाला में 19.1, ऊना में 16.2, हमीरपुर-नाहन में 19.0, सोलन में 20.6, मनाली में 16.2, कांगड़ा में 20.3 और मंडी में 20.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।