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Himachal Weather: भूस्खलन से दो एनएच सहित 283 सड़कें बाधित, सारना में मकान जमींदोज, जिस्पा में फटा बादल

Fri, 01 Aug 2025 11:55 AM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला

सार

लगातार जारी बारिश के कारण जगह-जगह भूस्खलन से कई इलाकों में सड़कें, बिजली व पेयजल आपूर्ति ठप है। इससे लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं।
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भूस्खलन से शाहपुर के सारना में मकान जमींदोज - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश में लगातार जारी बारिश के कारण जगह-जगह भूस्खलन से कई इलाकों में सड़कें, बिजली व पेयजल आपूर्ति ठप है। इससे लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। राज्य में शुक्रवार रात 10:00 बजे तक 283 सड़कें बाधित रहीं। इसके अतिरिक्त 314 बिजली ट्रांसफार्मर व 221 जल आपूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हैं। सबसे ज्यादा 174 सड़कें आपदा प्रभावित मंडी जिले में बंद हैं। चंबा जिले में 142 बिजली ट्रांसफार्मर व कांगड़ा में 134 जल आपूर्ति योजनाएं प्रभावित हैं। उधर, किरतपुर-मनाली फोरलेन पर समलेटू के पास भूस्खलन होने से बाधित हो गया। वहीं जनजातीय जिले लाहौल-स्पीति के जिस्पा के मरशेन नाला के समीप बादल फटने से नाले में बाढ़ आ गई। इससे मनाली-लेह सामरिक मार्ग बंद हो गया है।

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सारना गांव में भूस्खलन से आठ कमरों का मकान जमींदोज
विधानसभा क्षेत्र शाहपुर के अंतर्गत बोडू सारना पंचायत के सारना गांव के निवासी ओम प्रकाश का आशियाना भारी बारिश के कारण गिरा गया। हादसे में किसी भी व्यक्ति को कोई चोट नहीं आई है। यह हादसा शुक्रवार अल सुबह करीब चार बजे पेश आया है। प्रभावित परिवार का पुराना स्लेट पोश मकान भी भूस्खलन की चपेट में आ गया। साथ ही शौचालय और बाथरूम भी भूस्खलन के कारण गिर गया। बताया जा रहा है कि मकान वाली जगह पिछले दो दिन से धंसना शुरू हो गई थी। भूस्खलन के कारण अब आठ कमरों का घर पूरी तरह मिट्टी में मिल चुका है। पीड़ित परिवार ने क्षतिग्रस्त घर का सारा सामान गांव के अन्य लोगों के घर में शिफ्ट कर दिया है। पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन, सरकार और विधायक से मदद की गुहार लगाई है।


 

मंडी में पंडोह बांध के पास एनएच पर फिर भूस्खलन
मंडी में पंडोह बांध के पास भूस्खलन के बाद चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध हो गया है। माना जा रहा है कि बीती रात से लगातार हो रही बारिश के कारण भूस्खलन हुआ है। एसपी मंडी साक्षी वर्मा ने कहा कि अधिकारी मौके पर हैं और मलबा हटाने और यातायात बहाल किया जा रहा है। 

चंबा में जिले में आज स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद
चंबा जिले में बारिश ने लोगों की मुसीबतें बढ़ा दी है। भरमौर-पठानकोट हाईवे समेत 45 मार्गों पर आवाजाही बाधित है।  मूसलाधार बारिश के चलते जिले के स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र आज बंद रखने का फैसला लिया गया है। जिले में 25 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हैं। डीसी चंबा मुकेश रेप्सवाल ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए शिक्षण संस्थान बंद रखने का फैसला लिया गया है।  वहीं चंबा-तीसा मुख्य मार्ग कॉलोनी मोड़ के समीप भूस्खलन से बंद हो गया।  नकरोड़-चांजू मार्ग भी कठवाड़ के समीप अवरूद्ध हो गया। चुराह में 20 ट्रांसफार्मर बंद होने से लोग अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। डलहौजी की कथलग-भरेरा सड़क का बड़ा हिस्सा बह गया है। सीवरेज प्लांट को भी खतरा हो गया है। 

मंडी-कुल्लू मार्ग पर कैंची मोड़ फोरलेन से आगे धंस रही सड़क, खतरा बढ़ा
चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंडी से कुल्लू की ओर जाने वाले मार्ग पर स्थित कैंची मोड़ फोरलेन से आगे मगर नाले के पास एक बार फिर सड़क धंसने लगी है। यह वही स्थान है जहां वर्ष 2023 में भी भारी भूस्खलन और सड़क धंसने की घटनाएं हुई थीं। उस समय सड़क का एक बड़ा हिस्सा धंस गया था, जिसकी मरम्मत कर रास्ता बहाल किया गया था। अब एक बार फिर वही इलाका खतरे की जद में है। हालंकि इससे 500 मीटर पहले कैंची मोड़ फोरलेन पर भी कुछ दिन पहले सड़क का एक डबल लेन हिस्सा टूट कर गिर चुका है और अब इस जगह भी सड़क धसने का खतरा बरकरार है। फिलहाल पंडोह पुलिस मौके पर तैनात है और यातायात को सुरक्षित रूप से निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं। लेकिन स्थानीय लोगों का साफ कहना है कि बार-बार मरम्मत करके कोई समाधान नहीं निकल रहा। उनका प्रशासन से आग्रह है कि इस क्षेत्र में भूवैज्ञानिकों की मदद से स्थायी और ठोस समाधान निकाला जाए।

मानसून में अब तक 1,766 कच्चे-पक्के घर क्षतिग्रस्त
प्रदेश में इस मानसून सीजन में 20 जून से 31 जुलाई तक 173 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। 281 लोग घायल हुए हैं। 36 लोग अभी भी लापता हैं। इस दाैरान 78 लोगों की सड़क हादसों में माैत हुई है।  बादल फटने, भूस्खलन, बाढ़ से अब तक 1,766 कच्चे-पक्के घरों, दुकानों को क्षति हुई है। 1,313 गोशालाएं भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। 1,410 पालतु पशुओं की माैत हुई है। नुकसान का कुल आंकड़ा 1,62,619.89 लाख रुपये पहुंच गया है।

राज्य में इतने दिन बरसेंगे बादल
माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार राज्य के कई भागों में 7 अगस्त तक बारिश का दाैर जारी रहने का पूर्वानुमान है। 1 से 5 अगस्त तक कुछ भागों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। बीते 24 घंटों के दाैरान भटियात (चौरी) में 118.0, बंजार 52.4, भराड़ी 45.2, मुरारी देवी 43.0, कोठी 40.0, नयना देवी 36.0, जोत 35.0, अंब 32.6, सराहन 30.0, चंबा 29.0, जटाैन बैराज 19.6, निचार 18.5 व नेरी में 18.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। 

नाले में अचानक आई बाढ़, गाड़ी फंसी, उदयपुर-किलाड़ मार्ग बाधित
लाहौल के टिंडी से करीब चार किलोमीटर आगे पूहरे नाले में अचानक आई बाढ़ से एक गाड़ी फंस गई। गनीमत रही कि वाहन में सवार लोग समय रहते बाहर निकलकर सुरक्षित बच गए। बताया जा रहा है कि यह वाहन जम्मू-कश्मीर बीएसएनएल का था, जो इलाके में नेटवर्क संबंधी कार्यों के लिए आया हुआ था। बाढ़ के चलते उदयपुर-किलाड़ सड़क मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया, जिससे दोनों ओर कई वाहन फंस गए। क्षेत्र में लगातार बारिश हो रही है, जिससे नाले उफान पर हैं और भूस्खलन की आशंका बनी हुई है। बीआरओ की टीम ने युद्धस्तर पर सड़क बहाली का कार्य शुरू कर दिया गया है। जिला प्रशासन ने भी लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और पूरी सतर्कता बरतने की अपील की है। उपायुक्त किरण भड़ाना ने कहा कि  स्थानीय प्रशासन और बीआरओ लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। मनाली के धुंधी में भी भूस्खलन हुआ है। इससे बड़े वाहनों की आवाजाही बंद कारण सोलंगनाला में जाम लग गया। 

भूस्खलन से चुवाड़ी-लाहडू मार्ग कालीधार में ठप
चंबा जिले में मूसलाधार बारिश के बाद चुवाड़ी-लाहडू मार्ग कालीधार नामक स्थान पर यातायात के लिए बंद पड़ गया है। कालीधार में सड़क का काफी हिस्सा धंसने और क्षतिग्रस्त होने से अब इसे सुचारू करने में लोक निर्माण विभाग को चार से पांच दिन समय लग सकता है। कुलमिला कर चुवाड़ी-लाहडू मार्ग बंद होने से भटियात विधानसभा का संपर्क जिला मुख्यालय और कांगड़ा से पूरी तरह से कट गया है। वही, चंबा-जोत मार्ग पर डुगली नामक स्थान पर भारी बारिश के कारण उफान पर आए नाले से गाड़ियां फंस गईं। सवारियों ने वाहन छोड़ भागकर अपनी जान बचाई।

कुरैणा पंचायत की पहाड़ी में आई दरार, गुणू गांव पर मंडराया खतरा
मूसलाधार बारिश के कारण ग्राम पंचायत कुरैणा के गुणु गांव की पहाड़ी में दरार पड़ने से गुणू गांव खतरे की जद में आ गया है। गांव पर खतरा मंडराने की सूरत में ग्रामीणों को अन्य घरों में शिफ्ट किया गया है।  कुरैणा वार्ड की पूर्व सदस्य सुरेखा देवी ने उपायुक्त चंबा को ज्ञापन सौंप कर समय रहते ग्रामीणों की सुरक्षा के दृष्टिगत उचित कदम उठाने की मांग की है।
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मूसलाधार बारिश से लंबाडग व उहल नदी में बाढ़
 मंडी-कांगड़ा सीमा के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश से लंबाडग और उहल नदी में फिर बाढ़ आने से चौहार घाटी में प्रशासन सतर्क हो गया है। बरोट, मुल्थान, टिक्कन से सटे क्षेत्रों में प्रशासन ने चौकसी बढ़ाते हुए ऊहल व लंबाडग नदी के समीप न जाने की हिदायत दी है। शुक्रवार सुबह से जारी तेज बारिश से दोनों नदियों में बाढ़ जैसे हालात बनने के बाद बरोट स्थित शानन प्रोजेक्ट के जलाशय का जल स्तर बढ़ जाने से परियोजना प्रबंधन में भी अफरा-तफरी मची रही। इस दौरान 6 बेराज गेट खोलकर जलाशय से पानी के बढ़े हुए स्तर को निकालने के लिए तकनीकी कर्मचारियों को भी कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। जलाशय में मलबा घुस जाने से शानन प्रोजेक्ट में बिजली उत्पादन भी अचानक रोकना पड़ा। शानन प्रोजेक्ट के आरआई भूपेंद्र सिंह ने कहा कि बरोट स्थित जलाशय में बाढ़ आ जाने से जलस्तर अचानक बढ़ गया था, इस कारण छह बैराज गेट खोलने पड़े। बिजली प्रोजेक्ट को नुकसान न हो, इसलिए कुछ समय के लिए विद्युत उत्पादन भी रोकना पड़ा।
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