शिमला में शुक्रवार को हुई बारिश के दौरान छाता लिए गुजरते लोग
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हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से नदियां उफान पर हैं। ब्यास, सतलुज और रावी नदी सहित कई नालों में जलस्तर बढ़ गया है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों के साथ सैलानियों को नदी किनारे न जाने को लेकर अलर्ट किया है। भारी बारिश से प्रदेश के कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन गई है। वीरवार रात और शुक्रवार को दिन में पालमपुर, ऊना, कांगड़ा, धौलाकुआं, बरठीं, धर्मशाला, मंडी और बिलासपुर में बादल झमाझम बरसे।
राजधानी शिमला में गुरुवार रात को बारिश हुई, शुक्रवार को शहर में बूंदाबांदी ही हुई। पांवटा साहिब, ऊना, कांगड़ा समेत कई अन्य क्षेत्रों के घरों और गोशालाओं में पानी भर गया। बद्दी में कुछ सड़कें निकासी नहीं होने के चलते तालाब में तब्दील हो गईं। शनिवार को कांगड़ा, सिरमौर और शिमला जिला के कुछ क्षेत्रों में बाढ़ का अलर्ट जारी हुआ है।
प्रदेश में शुक्रवार शाम तक 64 सड़कों पर वाहनों की आवाजाही ठप रही। मंडी में सबसे अधिक 55, चंबा में 7 और शिमला-कांगड़ा में एक-एक सड़क बंद रही। इसके अलावा कुल्लू में 33 और चंबा में एक बिजली ट्रांसफार्मर बंद रहा। जिला बिलासपुर में 22, मंडी में 19 और शिमला में 3 पेयजल योजनाएं ठप रहीं। कुल्लू, मंडी और बिलासपुर के कई इलाकों में भारी बारिश से पानी और बिजली का संकट भी गहरा गया है।
शुक्रवार को कुल्लू और लाहौल में झमाझम बारिश हुई। बारिश के कारण जिला कुल्लू के बाह्य सराज की टकरासी पंचायत के प्राइमरी स्कूल रोहड़ीधार का भवन गिर गया है। इस भवन को शिक्षा विभाग ने पहले ही असुरक्षित घोषित कर रखा था। शुक्रवार को चंबा में अधिकतम तापमान 34.1, बिलासपुर में 32.8, ऊना में 32.2, कांगड़ा में 30.5, हमीरपुर में 30.7, मंडी में 29.6, धर्मशाला में 26.8, नाहन में 28.4, सोलन में 28.0 और शिमला में 22.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।