ओलावृष्टि और अंधड़ से सेब की फ्लावरिंग पर संकट छा गया है। इससे पहले मार्च में भी लगातार पहाड़ों में बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश व ओलावृष्टि होने से प्लम की करीब 60 से 70 फीसदी फसल को नुकसान हुआ है। इन दिनों सेब के बगीचों में फ्लावरिंग का दौर शुरू हो गया है। जिला कुल्लू में 95 प्रतिशत लोग बागवानी से जुड़े हैं। मौसम की बेरुखी ने हजारों बागवानों की चिंता को बढ़ा दिया है।
रोहतांग और इसके आसपास बर्फबारी होने से बीआरओ का रोहतांग बहाली का कार्य दोबारा रुक गया है। अप्रैल के तीसरे सप्ताह तक दर्रा के बहाल होने के अभियान को झटका लगा है। उधर, राजधानी शिमला में बुधवार सुबह गर्जन के साथ बादल बरसे। प्रदेश के मैदानी जिलों में भी बारिश का दौर जारी रहा।