इतने दिन बरसेंगे बादल
चंबा जिले में भारी बारिश ने लोगों की दुश्वारियां बढ़ा दी हैं। जगह-जगह सड़कें बंद हो गई हैं, मक्की की फसल पानी के तेज बहाव में बह गई। चंबा- तीसा मुख्यमार्ग नकरोड व पंगोला में भूस्खलन हुआ है। नकरोड़-थली सड़क पर भी काफी क्षति होने की सूचना है। माैसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से आज दोपहर 12:00 बजे तक के लिए शिमला, सिरमाैर, चंबा, कांगड़ा व मंडी जिले के लिए भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया था। लोगों को सावधानी बरतने के लिए कहा गया है। राज्य में 27 जुलाई तक बारिश का दाैर जारी रहने का पूर्वानुमान है। आज कांगड़ा, मंडी, शिमला, सोलन व सिरमाैर, जबकि 22 जुलाई को चंबा व कांगड़ा जिले के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। बीती रात कांगड़ा में 147.4, नगरोटा सूरियां 127.4, चुवाड़ी 118.3, मंडी 112.4, जोगिंद्रनगर 100.0, नाहन 95.7, पंडोह 86.0, पच्छाद 85.3, कुफरी 76.0, जटाैन बैराज 75.0, जोत 74.0, सुंदरनगर 73.3, बग्गी 73.1, गुलेर 70.4 व पालमपुर में 69.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
मंडी -कुल्लू राष्ट्रीय राजमार्ग 10 घंटे से बंद, लगातार बारिश से रास्ता खोलने में दिक्कत
उधर, भारी बारिश के चलते मंडी-कुल्लू राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात पूरी तरह से बाधित हो गया है। रविवार रात 10:00 बजे से ही 4 मील, 9 मील, बांध के नजदीक, मून होटल और फ्लाईओवर के पास पहाड़ी से लगातार पत्थर गिर रहे हैं, जिससे मार्ग बंद पड़ा है। बारिश के चलते पहाड़ियों से पत्थर और मलबा गिरने का सिलसिला जारी है, जिससे एनएचएआई की मशीनों को मार्ग से मलबा हटाने में कठिनाई हो रही है। लगातार बारिश के बीच मार्ग को खोलना जोखिम भरा बना हुआ है। पंडोह थाना प्रभारी एएसआई अनिल कटोच ने बताया कि एनएचएआई की टीमें मौके पर मौजूद हैं और जैसे ही बारिश में थोड़ी राहत मिलेगी, तुरंत मार्ग से मलबा हटाकर सड़क को यातायात के लिए सुरक्षित बनाया जाएगा। प्रशासन लोगों से अपील कर रहा है कि वे वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग करें और अनावश्यक रूप से यात्रा से बचें। स्थानीय प्रशासन और पुलिस टीम हालात पर नजर बनाए हुए हैं। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए किसी भी तरह का जोखिम नहीं लिया जा रहा है।
कुल्लू में नदी-नाले उफान पर
जिला कुल्लू में रात भर भारी बारिश होने से नदी-नाले उफान पर हैं। कई जगह भारी भूस्खलन होने से एनएच 305 सहित कई मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं । जनजीवन अस्त-व्यस्त होने से लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ब्यास नदी के साथ-साथ तीर्थन, पिन पार्वती, जीभी खड्ड के साथ जिला के तमाम नदी-नालों में बाढ़ जैसे हालात हैं। जिला प्रशासन ने सभी लोगों को अलर्ट रहने और दिन नालों के आसपास नहीं जाने की हिदायत दी है।
मानसून में अब अब तक 125 लोगों की माैत, 1385 कच्चे-पक्के घर क्षतिग्रस्त
प्रदेश में इस मानसून सीजन में 20 जून से 20 जुलाई तक 125 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। 215 लोग घायल हुए हैं। 34 लोग अभी भी लापता हैं। इस दाैरान 55 लोगों की सड़क हादसों में माैत हुई है। बादल फटने, भूस्खलन, बाढ़ से अब तक 1385 कच्चे-पक्के घरों, दुकानों को क्षति हुई है। 952 गोशालाएं भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। 1296 पालतु पशुओं की माैत हुई है। नुकसान का कुल आंकड़ा 1,23,574.90 लाख रुपये पहुंच गया है।
बरसात में स्थिति को देखते हुए प्राथमिक स्कूल बंद किए जाए
शिमला जिला प्रशासन ने भारी बारिश के कारण जुब्बल, चौपाल, कुमारसैन, रोहड़ू और सुन्नी के जलोग में आज शिक्षण संस्थान बंद रखने का फैसला लिया है। प्रशासन ने जिले के खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) और सीएसटी को निर्देश दिए है। बरसात में स्थिति को देखते हुए प्राथमिक स्कूल बंद किए जाए। साथ ही अभिभावकों को भी भारी बारिश की स्थिति में बच्चों को घर पर रखने और शिक्षकों को ऑनलाइन कक्षाएं लगाने के निर्देश दिए हैं। शिमला जिले भारी बारिश से दर्जनों सड़कें बाधित हैं। चौपाल में सबसे अधिक सड़कें प्रभावित हैं। शिमला शहर के संजौली कॉलेज के पास सड़क पर पेड़ गिर गया। रेलिंग टूट गई और यातायात बाधित हो गया। राजीव गांधी डिग्री कॉलेज कोटशेरा के पास भूस्खलन से एक कार मलबे में दब गई।
वाकनाघाट-ममलीग सड़क पर दरकी पहाड़ी, वीडियो वायरल
वहीं वाकनाघाट-ममलीग सड़क पर गरू के पास पहाड़ी दरकी है। इस कारण सड़क बंद हो गई है। इसका एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। गनीमत यह रही कि जब भूस्खलन हुआ तब कोई वाहन नहीं गुजर रहा था। सड़क बंद होने से ग्रामीण नकदी फसल को लेकर सब्जी मंडी नहीं पहुंच पा रहे हैं। लोगों ने सड़क बंद होने की जानकारी लोक निर्माण विभाग को दी है। वहीं भारी बारिश के कारण खड्ड-नाले उफान पर हैं। जिला प्रशासन ने लोगों से आग्रह किया है कि वे खड्डों-नालों से दूर रहें।
भारी बारिश से मलबे के साथ सड़क पर बहने लगा झरना
चुराह उपमंडल के तीसा-बैरागढ़ मुख्य मार्ग पर तरवाई पुल के समीप सोमवार सुबह भारी बारिश के कारण मलबे के साथ झरना सड़क पर बहने लगा। झरना फूटने के बाद कुछ देर तक वाहन चालकों को रूक कर इसकी गति कम होने का इंतजार करना पड़ा। करीब आधे घंटे के बाद झरने का जलस्तर कम होने पर वाहन चालकों ने सड़क को पार किया।
सतलुज नदी उफान पर, दत्तनगर में सड़क जलमग्न
ऊपरी शिमला में रविवार देर रात से लगातार हो रही भारी बारिश के कारण सतलुज नदी उफान पर है। रामपुर के दत्तनगर में निथर कोयल बायल सड़क जलमग्न हो गई है। यातायात ठप होने से करीब आधा दर्जन पंचायतों का संपर्क कट गया है। उपमंडल बंगाणा क्षेत्र के कार्यवाहक एसडीएम अमित शर्मा ने सभी क्षेत्र वासियों से आग्रह किया है कि रविवार देर रात से लगातार हो रही भारी बारिश से खड्डों व नालों का जलस्तर बढ़ने लगा है। इसलिए लोग अपने बच्चों तथा पालतू पशुओं को खड्डों व नालों में न जाने दें।
सतौन के समीप भूस्खलन से तीन घंटे बंद रहा एनएच-707
सतौन। पांवटा-शिलाई एनएच-707 सतौन के समीप चीलोंन में तीन घंटे बंद रहा। इन दौरान एक कार भी दलदल में फंस गई। तीन घंटे तक सड़क खोलने का कार्य चलता रहा। पिछले तीन-चार दिनों से रोजाना इसी जगह पर सड़क बंद हो रही है। रोजमर्रा अपने कार्य पर जाने वाले मुसाफिरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, उत्तरी गांव में लगातार भूस्खलन जारी है। रोजाना यहां इसी जगह पर भारी भूस्खलन हो रहा है। इससे आवाजाही बंद है और जोखिम भरी भी है।
गड़सा के बाद अब गाड़ा गुशैणी नाला में बहकर आईं लकड़ियां
कुल्लू में गड़सा नाले के बाद अब गाड़ा गुशैणी नाला में लकड़ियां बहकर आई हैं। सोमवार सुबह क्षेत्र में भारी बारिश होने के कारण नाले में बाढ़ आ गई। इस दौरान पानी और मलबे के साथ भारी मात्रा में लकड़ियां बहती हुई दिखाई दीं। जबकि पिछले दिनों कुल्लू घाटी के गड़सा नाला में भी काफी मात्रा में लकड़ियां बहकर आई थीं, लेकिन अब गाड़ागुशैणी नाला में आई लकड़ियों से भी क्षेत्र में चर्चा का माहौल बन गया है।
किरतपुर-नेरचौक फोरलेन पर कई जगह भूस्खलन
बिलासपुर पुलिस के अनुसार जिले की अधिकतर सड़कें यातायात के लिए पूरी तरह खुली हुई हैं, लेकिन किरतपुर-नेरचौक फोरलेन पर कई स्थानों पर भूस्खलन व सड़क कार्यों के चलते यातायात प्रभावित है। पुलिस ने इन मार्गों पर यात्रा करने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। फोरलेन पर मैहला के पास सड़क कार्य और स्लाइडिंग जोन करीब 1 किलोमीटर के कारण वन-वे ट्रैफिक है,समलेटू के पास भूस्खलन के चलते लगभग दो किलोमीटर तक वन-वे, बलोह टोल प्लाजा से 400 मीटर पीछे नेरचौक की दिशा में लेन पर भूस्खलन के कारण एकतरफा संचालन हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने मूसलाधार बारिश के बीच प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सोमवार को राज्य के विभिन्न जिलों में जारी मूसलाधार बारिश से उत्पन्न स्थिति का आकलन करने के लिए उपायुक्तों से टेलीफोन पर जानकारी ली। मौजूदा मौसम की स्थिति को देखते हुए उन्होंने उपायुक्तों को सतर्क रहने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सक्रिय कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने लोगों से बारिश के मौसम में नदियों और नालों के पास न जाने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि लोगों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी से अनुरोध है कि वे जलाशयों के पास जाने से बचें और जिला प्रशासन की ओर से जारी सभी निर्देशों का सख्ती से पालन करें। मुख्यमंत्री ने भूस्खलन, सड़क अवरोध या अचानक बाढ़ जैसी आपात स्थिति में समय पर प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए विभागों के बीच समन्वय के महत्व पर भी ज़ोर दिया। सुक्खू ने इस मौसम में आवश्यक सेवाओं का सुचारू प्रवाह सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं ताकि लोगों को अपने दैनिक कार्यों में किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने चंबा ज़िले के राजनगर की सुताह ग्राम पंचायत में भूस्खलन के कारण एक मकान ढह जाने से हुई नवविवाहित जोड़े की माैत पर भी शोक व्यक्त किया है।
चक्की दरिया पर पुल से गुजर रही थी ट्रेन, नीचे पानी के तेज बहाव में बह गई सड़क
भारी बारिश के कारण हिमाचल-पंजाब सीमा पर चक्की दरिया उफान पर है। सोमवार को पंजाब-हिमाचल को जोड़ने वाला ऐयरपोर्ट एन्क्लेव रोड का बड़ा हिस्सा पानी के तेज बहाव में बह गया। इससे चक्की दरिया के ऊपर मौजूद रेलवे ब्रिज का अस्तित्व भी खतरे में पड़ गया है। भूस्खलन उस समय हुआ जब पुल से ट्रेन जा रही थी। इसी दाैरान पुल के नीचे सड़क का कई मीटर हिस्सा दरिया में समा गया। इससे हिमाचल की तीन पंचायतों के हजारों लोगों का सड़क संपर्क शेष दुनिया से कट गया है। पिछले वर्ष भी यह सड़क बह जाने के कारण उच्च अधिकारियों को सेना से सेना क्षेत्र से होकर लोगों को आने-जाने की अनुमति लेनी पड़ी थी। एसडीएम इंदौरा सुरेंद्र ठाकुर ने कहा कि सेना व पठानकोट प्रशासन से बात कर लोगों के लिए रास्ता उपलब्ध करवा दिया जाएगा।