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Himachal Weather: कई भागों में चार दिन भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, चक्कीमोड़ में भूस्खलन से हाईवे ठप

Fri, 08 Aug 2025 05:43 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला

सार

 प्रदेश में बरसात में जगह-जगह भूस्खलन के चलते सैकड़ों सड़कें प्रभावित हैं। कई इलाकों में बिजली-पानी की आपूर्ति ठप है।
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मलबे में दबी कार, हाईवे पर भूस्खलन। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश में बरसात में जगह-जगह भूस्खलन के चलते सैकड़ों सड़कें प्रभावित हैं। कई इलाकों में बिजली-पानी की आपूर्ति ठप है। इससे लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। राज्य में शुक्रवार शाम तक राज्य में 357 सड़कें बंद रहीं। 599 बिजली ट्रांसफार्मर व 177 जल आपूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हैं। आपदाग्रस्त मंडी जिले में अभी भी 206 सड़कें, 204 बिजली ट्रांसफार्मर व 105 जल आपूर्ति योजनाएं प्रभावित हैं। कुल्लू जिले में भी 99 सड़कें व 382 बिजली ट्रांसफार्मर बाधित हैं।

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बारिश में चक्कीमोड़ में फिर हुआ भूस्खलन, हाईवे बंद
 कालका-शिमला नेशनल हाईवे पांच चक्कीमोड़ में फिर भूस्खलन होने से शुक्रवार शाम को बंद हो गया है। इस कारण सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। बारिश के बीच पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और पत्थर सड़क पर आ गए हैं। इसी के साथ सड़क पर मिट्टी जमा होने से दलदल बन गया है। शुक्रवार शाम करीब 3:45 बजे मूसलाधार बारिश लगी। इसके बाद करीब 4:45 बजे बंद हो गया। बारिश में मलबा गिरता देख तुरंत मौजूद पुलिस कर्मियों ने यातायात रोक दिया।
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इतने दिन बरसेंगे बादल
वहीं बीती रात को घाघस में 14.4, मुरारी देवी 13.4, बजौरा  9.0, कटौला 8.2, स्लापड़ 5.8, जोगिंद्रनगर 4.0, धर्मशाला 3.2, नगरोटा सूरियां 2.4, नादौन 2.0, जटोन बैराज 2.0 व भरेरी में 2.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। माैसम विज्ञान केंद्र शिमला ने राज्य के कई भागों में 14 अगस्त तक बारिश जारी रहने का पूर्वानुमान जताया है। 11 से 14 अगस्त तक कई भागों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 8 से 10 अगस्त तक येलो अलर्ट है।

मानसून में अब तक 208 लोगों की गई जान
प्रदेश में इस मानसून सीजन में 20 जून से 7 अगस्त तक 208 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। 313 लोग घायल हुए हैं। 37 लोग अभी भी लापता हैं। इस दाैरान 94 लोगों की सड़क हादसों में माैत हुई है।  बादल फटने, भूस्खलन, बाढ़ से अब तक 2,277 कच्चे-पक्के घरों, दुकानों को क्षति हुई है। 1,870 गोशालाएं भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। 1,609 पालतु पशुओं की माैत हुई है। नुकसान का कुल आंकड़ा 1,98,810.07 लाख रुपये पहुंच गया है।

किन्नाैर के स्कीबा के पास बंद एनएच-5 छोटे वाहनों के लिए बहाल
किन्नाैर जिले के रिब्बा गांव के पास रालढंग खड्ड में आई बाढ़ से स्कीबा में  एनएच-5 बंद हो गया था। शुक्रवार सुबह प्रशासन और बीआरओ की टीम ने छोटे वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया है। भारी वाहनों के लिए फिलहाल मार्ग बंद रहेगा।  बहाली कार्य में जुटी बीआरओ, पुलिस और जिला प्रशासन की टीमों ने बीती रात हजारों टन मलबा और विशालकाय चट्टानों को हटाने में सफलता हासिल की। राजस्व बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी स्वयं मौके पर डटे रहे और टीम को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए ।

राजधानी में गहराया जल संकट, कई इलाकों में चौथे दिन भी पानी नहीं
गाद से गिरि पेयजल परियोजना से शिमला शहर के लिए सप्लाई ठप होने के बाद शिमला शहर में जल संकट गहरा गया है। इस परियोजना की देर रात पाइप टूट गई है। शहर के कई इलाकों में चौथे दिन भी पानी नहीं मिला है। वहीं भूस्खलन के कारण अनाडेल-विधानसभा मार्ग सुबह बंद रहा।

मंडी-पंडोह के बीच नौ मील क्षेत्र में हाईवे की स्थिति चिंताजनक
चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर मंडी-पंडोह के बीच नौ मील क्षेत्र में सड़क की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। करीब 100 मीटर लंबे हिस्से में सड़क एक ओर से टूट चुकी है, वहीं दूसरी ओर बारिश में पहाड़ से लगातार मलबा और पत्थर गिर रहे हैं। ऐसे में यहां से गुजरना वाहन चालकों और पर्यटकों के लिए खतरे से खाली नहीं। भारी बारिश के चलते पहाड़ी से मलबा गिरने का सिलसिला तेज हो जाता है। पंडोह निवासी राजकुमार और बस चालक देशराज ने एनएचएआई और निर्माण कंपनी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि जब से इस क्षेत्र में फोरलेन की कटिंग शुरू हुई है, तब से यहां की पहाड़ी कमजोर हो गई है और हर बारिश में भूस्खलन की घटनाएं आम हो गई हैं। वहीं एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर वरुण चारी ने बताया कि इस क्षेत्र की पहाड़ी की स्थिति बेहद अस्थिर है। कटिंग कार्य पहले ही बंद किया जा चुका है। यहां 300 मीटर लंबे वायर डक ब्रिज के निर्माण की योजना है। 

भूस्खलन से बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध का रास्ता बंद, पहाड़ी से गिरीं चट्टानें
उत्तर भारत के प्रसिद्ध सिद्ध पीठ बाबा बालक नाथ मंदिर सिद्ध में गेट नंबर पांच व बकरा स्थल के बीच शुक्रवार को भूस्खलन होने से मंदिर को जाने वाला रास्ता अवरुद्ध हो गया। भूस्खलन सुबह करीब 6:00 बजे के करीब हुआ, तब मंदिर में कोई भी श्रद्धालु मौजूद नहीं था। अमूमन इस रास्ते पर काफी भीड़ रहती है। सुरक्षा कर्मचारियों के साथ दुकानदार अप्पर बाजार से जाने के लिए  इसी रास्ते का इस्तेमाल करते हैं।  घटना के बाद न्यास प्रशासन ने रास्ते को सील कर दिया है। मौके पर सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है ताकि रास्ते से होकर कोई भी श्रद्धालु न जाए। एसडीएम बड़सर व न्यास अध्यक्ष राजेंद्र गौतम ने मंदिर अधिकारी संदीप चंदेल के साथ मौके का निरीक्षण किया।
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कुल्लू-मंडी की सीमा पर झिड़ी में कुल्लू-मंडी हाईवे पर दरकी पहाड़ी
जिला कुल्लू में पिछले दो दिनों से मौसम शुष्क बना हुआ है। ऐसे में अब पहाड़ों के दरकने का खतरा भी बढ़ गया है। शुक्रवार को जिला की सीमा झिड़ी में पहाड़ी दरकने से चट्टानें और मलबा कुल्लू-मंडी हाईवे पर आ गया। इस कारण हाईवे पर वाहनों की आवाजाही बंद हो गई और दोनों तरफ लंबी कतार लगी रही। फोरलेन मार्ग होने के चलते एक डबल लाइन रोड पूरी तरह से बंद हो गई।  जबकि दूसरे डबल लेन से वाहनों को निकाला गया।
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