राजधानी शिमला सहित प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में वीरवार को मौसम साफ रहा। हालांकि, अधिकतम तापमान में औसतन तीन डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। ऊंचाई वाले इलाकों में सुबह-शाम की ठंड ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में लोग अलाव का सहारा लेने लगे हैं। पर्यटन स्थलों शिमला, मनाली, धर्मशाला और डलहौजी में भी सर्दी का असर तेजी से बढ़ा है। आगामी 3 से 4 दिनों के दौरान राज्य में न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने की संभावना है।
अधिकतम तापमान में भी 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने के आसार हैं। बुधवार रात को ताबो में न्यूनतम तापमान माइनस 5.5, केलांग में माइनस 3.2, कुकुमसेरी में माइनस 2.1 और कल्पा में 0.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा रिकांगपिओ में न्यूनतम तापमान 4.1, नारकंडा में 4.9, मनाली में 5.9, भरमाैर में 6.0, कुफरी 6.7, भुंतर में 7.1, सोलन में 7.6, पालमपुर में 8.0, शिमला में 8.4, कांगड़ा में 9.4, सुंदरनगर में 9.6, हमीरपुर में 9.9, धर्मशाला में 10.4, मंडी 11.5, ऊना में 11.7, बिलासपुर में 12.0, नाहन में 12.6 और पांवटा साहिब में 18.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
12 नवंबर तक मौसम साफ
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार फिलहाल प्रदेश में कोई सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ नहीं है। बीते दिनों पश्चिमी विक्षोभ के कारण ऊपरी क्षेत्रों में हल्के बादल छाए थे, लेकिन अब वह कमजोर हो गया है। 12 नवंबर तक पूरे प्रदेश में मौसम शुष्क और साफ बना रहेगा।