जानिए माैसम पूर्वानुमान
माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार पूरे प्रदेश में 15 नवंबर तक माैसम शुष्क बना रहने की संभावना है। हालांकि, हवा में ठंडक बरकरार है। जिला कुल्लू और जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में सुबह-शाम कड़ाके की ठंड पड़ रही है। लाहौल-स्पीति प्रशासन ने कुंजम दर्रा व शिंकुला दर्रा होकर वाहनों के लिए समयसारिणी तय कर दी है। कोकसर से काजा की सुबह 9 बजे और दारचा से सुबह 10 बजे वाहनों को लेह के लिए छोड़ा जाएगा। अगले 3-4 दिनों के दौरान राज्य में न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे 2-3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने की संभावना है। वहीं अधिकतम तापमान में कोई बड़ी वृद्धि नहीं होगी।
न्यूनतम तापमान
शिमला में न्यूनतम तापमान 9.0, सुंदरनगर 8.5, भुंतर 6.1, कल्पा 1.5, धर्मशाला 9.8, ऊना 11.4, नाहन 11.6, केलांग -2.0, पालमपुर 7.0, सोलन 7.5, मनाली 4.1, कांगड़ा 8.6, मंडी 9.1, बिलासपुर 12.9, हमीरपुर 9.2, कुफरी 8.1, कुकुमसेरी -2.9, नारकंडा 6.0, रिकांगपिओ 4.5, बरठीं 11.2, पांवटा साहिब 16.0, सराहन 9.5, देहरा गोपीपुर 10.0, ताबो -2.0 व बजाैरा में 6.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
हमीरपुर: झिरालड़ी गलू के पास हाईवे पर गिरीं चट्टानें
ऊना-हमीरपुर राष्ट्रीय राजमार्ग 503-ए पर शनिवार दोपहर 12:30 बजे गलू के पास भूस्खलन हो गया। पहाड़ी से बड़ी-बड़ी चट्टानें मुख्य सड़क पर आ गिरी। गनीमत यह रही कि सड़क पर उस समय कोई वाहन नहीं गुजर रहा था अन्यथा बड़ी दुर्घटना घटित हो सकती थी। घटना के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक घंटे तक यातायात के लिए पूर्णतया बंद रहा। इससे हमीरपुर से बड़सर ऊना व ऊना से हमीरपुर दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। मौके पर जेसीबी मशीन पहुंचने के एक घंटे बाद एनएच अथॉरिटी व पुलिस कर्मियों की सहायता से सड़क पर एकतरफा यातायात व्यवस्था बहाल की गई। स्थानीय लोगों के अनुसार पिछले तीन दिनों से यह पहाड़ी धीरे-धीरे दरक रही थी और इससे छोटे-छोटे चट्टान के टुकड़े राष्ट्रीय राजमार्ग पर गिर रहे थे। लेकिन समय पर कार्य न होने से शनिवार को भूस्खलन होने से चट्टानों का टुकड़े सड़क पर गिर गए। संबंधित विभाग ने सड़क के दोनों ओर दो लाल झंड़े लगाकर अपना पल्लू झाड़ लिया। गनीमत यह रही कि उस समय यहां से कोई भी वाहन नहीं गुजर रहा था अन्यथा यहां पर भलू बिलासपुर जैसा हादसा घट सकता था।
कालका से शिमला के लिए तीन ट्रेनें दाे घंटे तक लेट
बाहरी राज्यों में हल्की धुंध का असर विश्व धरोहर कालका-शिमला ट्रैक पर चलने वाली ट्रेनों पर भी पड़ना शुरू हो गया है। धुंध के कारण हावड़ा ट्रेन देरी से दिल्ली से कालका पहुंची। इस कारण कालका से शिमला तक चलने वाली तीन ट्रेनें दो घंटे तक लेट हो गईं। दिल्ली से आने वाली ट्रेनों के साथ ट्रॉय ट्रेनें कनेक्ट होने से कालका से शिमला के लिए ट्रेनों को देरी से रवाना किया गया। इस कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जानकारी न होने के कारण यात्री स्टेशन पर बैठकर इंतजार करते रहे।