कुल्लू में ब्यास नदी का रौद्र रूप भले ही शांत हो गया है, लेकिन जिले में लगातार हो रहे भूस्खलन से मुश्किलें बढ़ गई हैं। भूस्खलन की चपेट में मणिकर्ण घाटी का ब्रउेना, गड़सा का खोड़ाआगे, तीर्थन घाटी का रूपाजाणी, मनाली विस में जलौरा सहित कई गांव आ गए हैं। कई परिवार मकान छोड़ने को मजबूर हो गए हैं। जिले में बरसात के दौरान करीब 2,200 मकानों को क्षति पहुंची है।
मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से 5 अगस्त तक कई भागों में बारिश का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान जताया गया है। 2 व 3 अगस्त के लिए कुछ भागों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, शनिवार रात को कसौली में 48.0, मशोबरा 33.0 और पंडोह में 31.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। शिमला में आज हल्की धूप खिलने के साथ बादल छाए हुए हैं।
कांगड़ा स्थित पौंग बांध में रविवार सुबह तक पानी का स्तर 1375.67 फीट दर्ज किया गया। बांध का पानी खतरे के निशान से 15 फीट नीचे है। बांध से शनिवार को 49,569 क्यूसिक पानी छोड़ा गया था। बांध में पानी का जलस्तर फिर बढ़ने लगा है। शनिवार शाम को 56,140 क्यूसिक पानी बांध में जमा हुआ।
सरकार के अनुसार आपदा, भारी बारिश से नुकसान का आंकड़ा 5657 करोड़ रुपये से अधिक क पहुंच गया है। इस बार मानसून में 24 जून से 30 जुलाई तक प्रदेश में 189 लोगों की जान गई है। 218 लोग जख्मी हुए हैं। 704 मकान ढह गए, जबकि 7179 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। इस दौरान भूस्खलन की 73 और अचानक बाढ़ की 53 घटनाएं सामने आई हैं।
जिला शिमला
- सब डिविजन ठियोग -14, कोटखाई -18, जुब्बल -11, रोहड़ू -19, रामपुर 69, चौपाल 20, कुपवी 4, कुमारसैन 14 और सब डिविजन डोडरा-क्वार में 2 सड़कें बाधित
जिला किन्नौर
जिला किन्नौर में 14 सड़कें यातायात के लिए बाधित हैं। इसमें कल्पा डिविजन की 4 और निचार सब डिविजन की 10 सड़कें शामिल हैं।
कुल्लू जिला
सब डिविजन कुल्लू में 13, मनाली 15, बंजार 19 और सब डिविजन निरमंड की 42 सड़कें बंद
लाहौल-स्पीति जिला
- एनएच-505 बाधित
जिला मंडी
- सब डिविजन थलोट 14, सराज 14 और सब डिविजन करसोग में 21 सड़कें बाधित