प्रदेश में बुधवार शाम तक 1,189 सड़कें, 3,200 जलापूर्ति योजनाएं और 1,128 यातायात रूट प्रभावित रहे, जबकि 91 मकान ढह गए व 261 क्षतिग्रस्त हो गए। 130 गोशालाएं गिरने से 21 पशुओं की मौत हो गई।
जल्द सभी फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा: सीएम
सिस्सू हेलीपैड में पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सुक्खू ने चंद्रताल के मुश्किल भरे हालातों से अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि सरकार, प्रशासन के अधिकारी व बचाव टीम चंद्रताल में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने में जुटे हुए हैं। जल्द ही सभी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया जाएगा। उन्होंने आपदा की इस घड़ी में लोगों से सरकार का सहयोग करने का आह्वान किया।
कालका-शिमला हाईवे छोटे वाहनों के लिए बहाल, औट व नगवाईं के बीच फोरलेन अभी बंद
कालका-शिमला नेशनल हाईवे छोटे वाहनों के लिए खोल दिया गया है। धीरे-धीरे यहां से वाहन निकाले जा रहे हैं। उधर, मंडी जिले में औट व नगवाईं के बीच फोरलेन अभी बंद है। मंडी पुलिस के अनुसार फोरलेन को खुलने में काफी समय लग सकता है। ऐसे में चैलचौक-पंडोह से औट होते हुए कुल्लू जाने की कोशिश ना करें। क्योंकि औट से आगे कुल्लू की तरफ नहीं जा पाएंगे। पुलिस के अनुसार कुछ सोशल मीडिया ग्रुपों में यह बताया जा रहा है कि यह रास्ता खुल गया है, लेकिन यह सही नहीं है। इस गलत सूचना के कारण कुल्लू जाने वाले लोग चैलचौक-पंडोह होते हुए औट की तरफ जा रहे हैं व आगे जाकर परेशान हो रहे हैं।
पराला फल मंडी जाने वाली सड़क भी क्षतिग्रस्त
भूस्खलन के खतरे को देखते हुए शिमला की भट्टाकुफर फल मंडी बंद करने के बाद अब पराला फल मंडी जाने वाली मुख्य सड़क भी डंगा गिरने के कारण क्षतिग्रस्त हो गई है। सैंज पेट्रोल पंप के पास देर रात हुए भूस्खलन से वाहनों की आवाजाही ठप हो गई।