बीते 24 घंटों में इन इलाकों में बरसे बादल
वहीं बीते 24 घंटों के दाैरान शिमला में 17.6, नाहन13.2, काहू 7.4, बरठीं 6.2, सराहन 5.5, सोलन व पालमपुर 5.2, मालरांव 4.2, धर्मशाला 3.4, ब्राह्मणी 3.2, शिल्लारू 2.7, श्रीनयना देवी और ऊना 2.6, जोगिंद्रनगर, रोहड़ू और मैहरे बड़सर में 2.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
12 मई तक ऐसा रहेगा माैसम
माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार राज्य के कुछ भागों में 6 व 7 मई को हल्की बारिश के आसार हैं। 8 से 10 मई तक राज्य में माैसम साफ रहने की संभावना है। 11 व 12 मई को राज्य के कई भागों में फिर से बारिश होने का पूर्वानुमान है। इस दाैरान चोटियों पर बर्फबारी हो सकती है। अगले 4-5 दिनों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने की संभावना है। वहीं अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे 3-8 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने के आसार हैं।
कहां कितना न्यूनतम तापमान
शिमला में न्यूनतम तापमान 9.0, सुंदरनगर 14.5, भुंतर 10.0, कल्पा 3.5, धर्मशाला 11.2, ऊना 16.8, नाहन 15.1, पालमपुर 12.0, सोलन 10.2, मनाली 8.2, कांगड़ा 15.2, मंडी 15.4, बिलासपुर 16.5, जुब्बड़हट्टी 17.6, कुकुमसेरी 4.8, सेऊबाग 8.7, बरठीं 15.4, पांवटा साहिब 19.0, सराहन 9.9, देहरा गोपीपुर 19.0 व ताबो में 0.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
लडभड़ोल में बेमौसमी बारिश का कहर, खेतों में ही सड़कर काली पड़ गई गेहूं की फसल
लडभड़ोल तहसील क्षेत्र में लगातार पांच दिनों से हो रही बेमौसमी बारिश ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। क्षेत्र के गोरा और बलोटू में बारिश के कारण गेहूं की कटी हुई फसलें खेतों में ही सड़कर काली पड़ने लगी हैं। किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फिर गया है। भारी नुकसान का सामना कर रहे किसानों ने कृषि विभाग और प्रदेश सरकार से नुकसान का उचित आकलन करवाकर जल्द मुआवजे की गुहार लगाई है। क्षेत्र के किसान रीना देवी, आशा देवी, धूपा देवी ने बताया कि बेमौसमी बारिश से फसल तबाह हो गई है। किसानों ने कृषि विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि विभाग की ओर से दिए गए बीज एक समान नहीं थे। कुछ बीज सही निकले जबकि कुछ की गुणवत्ता खराब थी, जिसके कारण फसल के पकने और कटाई के समय में अंतर आ गया और बाद में पकने वाली फसल बारिश की भेंट चढ़ गई। इस बार में एसएमएस चौंतड़ा सोनम कुमारी ने बताया कि जिन भी किसानों ने प्रधानमंत्री किसान फसल बीमा योजना के तहत अपनी फसलों का बीमा योजना करवाया हुआ है, उनके लिए मुआवजे का प्रावधान रखा गया है। उन्होंने बताया कि आगे से क्षेत्र के किसान अपनी फसलों का बीमा करवाना सुनिश्चित करें।
बंगाणा में भारी बारिश और ओलावृष्टि, पेड़ों से पत्तों सहित फल जमीन पर गिरे
बंगाणा के भिंडला, चौली व टकोली में भारी बारिश और ओलावृष्टि हुई है। ओलावृष्टि से आम के पेड़ों सहित अन्य फलों को नुकसान पहुंचा। पेड़ों से पत्तों सहित फल जमीन पर गिर गए। भारी ओलावृष्टि के साथ तेज बारिश से भिंडला की सुखी खड्ड का बहाव बढ़ गया।
मलिंग नाला के पास भूस्खलन की चपेट में आया तेल टैंकर, खाई में गिरने से बाल-बाल बचा
बुधवार सुबह नेशनल हाईवे-5 मलिंग नाला के पास एक तेल टैंकर भूस्खलन को चपेट में आ गया। टैंकर खाई में गिरने से बाल-बाल बचा। टैंकर काजा की ओर जा रहा था। सीमा सड़क संगठन की मशीनरी की मदद से टैंकर को निकला गया। फिलहाल, हाईवे को फिर से बहाल कर दिया गया है। बता दें, मलिंग नाला के पास सोमवार शाम से भूस्खलन हो रहा है। मंगलवार शाम को 26 घंटों के बाद हाईवे को बहाल किया गया था। बीआरओ और किन्नौर प्रशासन ने यात्रियों को सलाह दी है कि इस मार्ग पर फिलहाल यात्रा करने से बचें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।