इन जिलों में बाढ़ का जोखिम
आईएमडी हाइड्रोमेट डिवीजन नई दिल्ली की ओर से हिमाचल प्रदेश के लिए राष्ट्रीय आकस्मिक बाढ़ मार्गदर्शन बुलेटिन जारी किया गया है। इसके तहत अगले 24 घंटों के दौरान हिमाचल प्रदेश के चंबा, कांगड़ा, मंडी, कुल्लू, सिरमौर, किन्नौर और शिमला जिलों के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों और आसपास के इलाकों में मध्यम स्तर की बाढ़ का जोखिम है।
जुलाई में सामान्य से 29 फीसदी कम बरसे बादल
जुलाई में हिमाचल प्रदेश में वर्षा की गतिविधि कई दिनों तक सामान्य से कम रही, जबकि चार दिनों तक व्यापक रूप से सक्रिय वर्षा हुई। राज्य में जुलाई में (1901-2024) अवधि के लिए 107वीं सबसे कम बारिश दर्ज की गई। जबकि सबसे अधिक बारिश वर्ष 1949 में 548.6 मिमी हुई थी। 1 से 31 जुलाई तक राज्य में 180.5 मिलीमीटर वर्षा हुई। जबकि इस अवधि के लिए 255.9 मिमी सामान्य वर्षा मानी गई। इस तरह सामान्य से 29 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई। जिला कांगड़ा में सबसे अधिक 581.5 मिमी बारिश हुई। जिला कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला में सामान्य बारिश हुई। जिला बिलासपुर, चंबा, हमीरपुर, किन्नौर, सिरमौर, सोलन और ऊना में कम वर्षा हुई। जिला लाहौल-स्पीति में बहुत कम वर्षा हुई।
क्षेत्र अधिकतम तापमान
ऊना 33.7
बिलासपुर 33.3
चंबा 33.0
हमीरपुर 31.9
कांगड़ा 31.8
मंडी 30.8
सोलन 29.0
नाहन 29.0
धर्मशाला 26.8
शिमला 23.4