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Himachal Weather: न्यूनतम पारा गिरने से चंबा-लाहाैल में जमने लगीं प्राकृतिक झीलें, जानें कब तक होगी बारिश

Wed, 20 Nov 2024 01:36 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला

सार

लाहौल-स्पीति के ताबो में बुधवार को न्यूनतम तापमान माइनस 8.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान गिरने से झरनों के साथ प्राकृतिक झीलें भी जमने लगी हैं। 
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चंबा-लाहाैल में जमने लगे झरने-नाले व झीलें। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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 हिमाचल प्रदेश के उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में न्यूनतम पारा गिरने से शीतलहर बढ़ गई है। जनजातीय जिले लाहौल-स्पीति के ताबो में बुधवार को न्यूनतम तापमान माइनस 8.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तीन अन्य स्थानों का न्यूनतम तापमान भी माइनस में है।  वहीं झरनों के साथ प्राकृतिक झीलें भी जमने लगी हैं। लाहाैल की सिस्सू झील पर बर्फ की परत जम गई है। 13,124 फुट की ऊंचाई पर स्थित नीलकंठ झील के साथ रोहतांग दर्रे के साथ सटी भृगु झील का पानी भी ठोस बर्फ में तबदील होना शुरू हो गया है। वहीं 13.800 फुट की ऊंचाई पर स्थित चंद्रताल झील के साथ मनाली-लेह सड़क से सटे सूरजताल, दीपकताल व अल्यास झील का पानी काफी दिन पहले से जमना शुरू हो चुका है। सिस्सू के समीप सिस्सू झील का पानी भी रात्रि तापमान में गिरावट के चलते सुबह के समय जमना शुरू हो गया है।

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वन्यजीव प्यास बुझाने के लिए निचले क्षेत्रों का रुख कर रहे
पहाड़ों में कई हिस्सों में ठंड से झरने जम जाने से वन्यजीव प्यास बुझाने के लिए निचले क्षेत्रों की ओर आ रहे हैं। नवंबर का तीसरे सप्ताह में ही घाटी में रात्रि तापमान में हो रही गिरावट से पानी ठोस बर्फ में तब्दील हो रहा है। ठोस बर्फ में जमा यह पानी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहता है। अभी इस सीजन में निचले क्षेत्रों में बर्फबारी नहीं हुई है लेकिन शुष्क ठंड से रात्रि तापमान में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। लाहौल वनमंडलाधिकारी अनिकेत वानवे ने कहा कि पहाड़ में ऊंचाई पर झरने और नालों का पानी जमना शुरू हो गया है। ऊंचाई पर विचरने वाले वन्यजीव प्यास बुझाने के लिए निचले क्षेत्रों का रुख कर रहे हैं। लोग निचले क्षेत्रों में आ रहे वन्य जीवों से छेड़छाड़ न करें।

ठोस बर्फ में तब्दील हुए झरने-नाले, सड़क पर भी जम रहा कोहरा
चंबा जिले में भी अब ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तापमान शून्य से नीचे जाने के कारण प्राकृतिक जल स्रोत जमने लग पड़े हैं। वहीं सड़कों पर भी बर्फ की हल्की परत जमने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। ऐसा ही नजारा जनजातीय क्षेत्र पांगी के तहत आते सचे जोत पर देखने को मिल रहा है। यहां पर करत नाला के साथ बहने वाला झरना पूरी तरह से बर्फ में तब्दील हो चुका है।  वहीं सड़क पर भी रोजाना सुबह बर्फ की हल्की परत जमने से हर पल दुर्घटना होने का अंदेशा बना रहता है। जिले में बारिश के अभाव में एक तरफ किसान खेतों में गेहूं की बिजाई समय पर नहीं कर पाए हैं,  वहीं दूसरी ओर शुष्क ठंड के चलते लोग बीमारी की चपेट में आ रहे हैं।

जानें कब तक होगी बारिश
माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार  23 नवंबर को लाहौल-स्पीति, चंबा, कांगड़ा और कुल्लू जिले के ऊंचे इलाकों में हल्की बारिश-बर्फबारी की संभावना है। अगले सात दिनों के दौरान राज्य के बाकी हिस्सों में मुख्य रूप से शुष्क मौसम रहेगा। अगले दो दिनों के दौरान राज्य के कुछ भागों में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में लगभग दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट होने की संभावना है। इसके बाद कोई बड़ा परिवर्तन नहीं होगा। वहीं बिलासपुर और सुंदरनगर (मंडी) जिले में 23 व 24 नवंबर को कोहरा पड़ने का येलो अलर्ट जारी हुआ है। बुधवार सुबह  सुंदरनगर और मंडी में हल्का कोहरा छाया रहा। इससे दृश्यता 500 मीटर तक रही।

सैलानियों को अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में न जाने की सलाह
मंगलवार को भुंतर के लिए देहरादून और जयपुर से उड़ानें हुई हैं। जिला चंबा में रात के समय कुछ जगह कोहरा भी पड़ रहा है। प्रदेश में बारिश न होने से शुष्क ठंड के चलते लोग वायरल जैसी बीमारियों की चपेट में भी आ रहे हैं। कई किसान गेहूं की बिजाई के लिए बारिश का भी इंतजार कर रहे हैं। उधर, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण किन्नौर ने बर्फबारी को लेकर लोगाें को सचेत रहने को कहा है। सैलानियों सहित स्थानीय लोगाें को सूचित किया गया है कि वे अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में ट्रैकिंग न करें और अपने घरों में सुरक्षित स्थानों पर रहें। 
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कहां कितना न्यूनतम तापमान
शिमला में न्यूनतम तापमान 7.6, सुंदरनगर 5.8, भुंतर 3.0, कल्पा 1.2, धर्मशाला 9.0, ऊना 5.0, नाहन 11.1, पालमपुर 6.0, सोलन 4.8, मनाली 2.4, कांगड़ा 6.5, मंडी 6.9, बिलासपुर 8.0, हमीरपुर 6.7, चंबा 6.4, डलहाैजी 8.4, कुफरी 7.0, कुकुमसेरी -3.6, नारकंडा 4.2, भरमाैर 6.5, रिकांगपिओ 3.7, सेऊबाग 3.0, बरठीं 6.1, समदो -1.1, कसाैली 8.5, देहरा गोपीपुर 9.0, ताबो -8.8, सैंज 5.0 व बजाैरा में 3.3 डिग्री सेल्यियस दर्ज किया गया।
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