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Himachal Rain: रेड अलर्ट के बीच आसमान से बरसी आफत, भूस्खलन से छह लोगों की माैत, 1277 सड़कें बंद

Mon, 01 Sep 2025 10:27 AM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला।

सार

प्रदेश में रेड अलर्ट के बीच रविवार से जारी जोरदार बारिश ने तबाही मचाई है। जगह-जगह भूस्खलन से व्यापक नुकसान हुआ है।
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हिमाचल में बारिश ने मचाई तबाही। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश में रेड अलर्ट के बीच रविवार से जारी जोरदार बारिश ने तबाही मचाई है। जगह-जगह भूस्खलन से व्यापक नुकसान हुआ है। पिता-पुत्री समेत छह लोगों की माैत हो गई है। शिमला की जुन्गा तहसील में पटवार सर्कल डबलू के उप मोहाल जोत में एक घर भूस्खलन की चपेट में आ गया। हादसे में पिता और पुत्री की मौत हो गई है। मृतक की पहचान वीरेंद्र कुमार (35), पुत्र जय सिंह निवासी पटवार सर्कल डबलू के उप मोहाल जोत के रूप में हुई है। हादसे में उसकी 10 वर्षीय बेटी की भी मौत हो गई है। इसके साथ ही मवेशियों की भी मौत हो गई। घटना में मृतक की पत्नी बाल-बाल बच गई, क्योंकि वह उस समय घर के बाहर थीं। सिरमाैर में भी एक महिला की भूस्खलन की चपेट में आने से मौत हो गई।

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जुब्बल-कोटखाई में दो लोगों की माैत
 उधर, कोटखाई में भारी बारिश की वजह से सुबह खनेटी के चोल गांव में एक मकान भूस्खलन के कारण ढह गया। भूस्खलन की चपेट में आने से एक बुजुर्ग महिला कलावती पत्नी बालम सिंह की मलबे में दबने से माैत हो गई।  वहीं जुब्बल के भौली गांव में आशा देवी पत्नी स्वर्गीय अमर सिंह का मकान भूस्खलन से ढह गया। मलबे में दबने से एक युवती की माैत हो गई। प्रभावित परिवार को 30  हजार की फाैरी राहत प्रदान की गई है। तहसीलदार जुब्बल और हलका पटवारी मौके पर मौजूद हैं, प्रभावित परिवार को निकटवर्ती सामुदायिक केंद्र में स्थानांतरित किया गया है।

शिमला में जगह-जगह भूस्खलन, पेड़ गिरे
शिमला में खलीनी-झंझीड़ी सड़क टूट गई है। सड़क का काफी हिस्सा बह गया है। रामनगर में भूस्खलन से खलीनी-टुटीकंडी बाईपास बाधित हो गया। शिव शक्ति बिहार मजीठा हाउस में सड़क ढहने से नीचे माैजूद मकान को खतरा हो गया है। कृष्णानगर वार्ड के लालपानी क्षेत्र में बाईपास पुल के पास सड़क पर पेड़ गिर गया। मैहली-शोघी सड़क पर पासपोर्ट कार्यालय क्षेत्र गीता निवास रूप कॉलोनी के नीचे भूस्खलन हुआ है। समरहिल, लोअर विकासनगर में भी भूस्खलन हुआ है। मज्याठ-नालागढ़ सड़क पर भी मलबा गिरा है। वहीं गाद आने से शहर की जल स्रोतों से पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई है। सुबह चौधरी निवास लोअर पंथाघाटी के पास भूस्खलन हुआ, जिसमें दो कारें दब गईं। भूस्खलन से एक बड़ा पेड़ अस्थिर हो गया है और किसी भी समय इमारत पर गिरने का खतरा है। छोटा शिमला-संजौली मार्ग पर पेट्रोल पंप के पास भूस्खलन हुआ है। चमियाणा अस्पताल जाने वाली सड़क पर भी भूस्खलन हुआ है। पगोग सड़क पर भारी बारिश से पेड़ गिर गया। इससे यातायात बाधित हो गया। 

इतने दिन बरसेंगे बादल, इन जिलों में रेड अलर्ट 
माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार राज्य में 7 सितंबर तक बारिश का दाैर जारी रहेगा। आज ऊना, बिलासपुर, कांगड़ा, शिमला, सोलन व सिरमाैर जिले के लिए रेड अलर्ट है। जबकि हमीरपुर, चंबा, कुल्लू, मंडी, किन्नाैर व लाहाैल-स्पीति के लिए ऑरेंज अलर्ट है। 2 सितंबर के लिए कांगड़ा, मंडी व सिरमाैर में रेड अलर्ट, जबकि बाकि जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 3 सितंबर को शिमला, सिरमाैर व किन्नाैर जिले के लिए ऑरेंज अलर्ट है। खराब मौसम को देखते हुए शिमला, सोलन, सिरमौर, बिलासपुर, कुल्लू, चंबा, कांगड़ा, मंडी, ऊना और हमीरपुर, लाहाैल-स्पीति में  शैक्षणिक संस्थान सोमवार को बंद रहे।

793 सड़कें और 2,174 बिजली ट्रांसफार्मर बंद
राज्य में भूस्खलन, बाढ़ से सोमवार सुबह 10:00 बजे तक तीन नेशनल हाईवे सहित 793 सड़कें बंद रहीं। इसके अतिरिक्त 2,174 बिजली ट्रांसफार्मर व 365 जल आपूर्ति योजनाएं भी ठप हैं।  भरमौर-पठानकोट हाईवे भरमौर से जांघी तक बंद है। चंबा जिले में 253 सड़कें, 269 ट्रांसफार्मर, 76 पेयजल योजनाए प्रभावित हैं। सड़कें बंद होने से लोग पैदल आवाजाही करने को मजबूर हैं। मंडी जिले में 265 व सिरमाैर में 136 सड़कें बंद हैं।

मानसून में अब तक 320 लोगों  की माैत
 प्रदेश में जारी बारिश के बीच मानसून सीजन के दौरान अभी तक कुल 3,05,684.33 लाख रुपये की संपत्ति का नुकसान हो चुका है। प्रदेश में इस मानसून सीजन में 20 जून से 31 अगस्त तक 320 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। 379 लोग घायल हुए हैं। 40 लोग अभी लापता हैं। इस दौरान 154 लोगों की सड़क हादसों में मौत हुई है। बादल फटने, भूस्खलन, बाढ़ से अब तक 4,569 कच्चे-पक्के घरों, दुकानों को क्षति हुई है। 3,710 गोशालाएं भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। 1,885 पालतु पशुओं की मौत हुई है।

परोइयां कलां में भारी बारिश से भूस्खलन, चार मवेशी मलबे में दबे
ऊना जिले के ग्राम पंचायत परोइयां कलां में सोमवार को बारिश ने कहर बरपाया है। जगत राम पुत्र चेत राम, मोहिंद्र पाल पुत्र चेत राम, जसबिंद्र पाल पुत्र चेत राम, रतन चंद पुत्र चेत राम व चेत राम साद राम के घर के पास भूस्खलन हुआ। भूस्खलन के कारण  दो मवेशी मलबे में दब गए, साथ ही घर के पांच कमरे, रसोईघर, घर के पीछे का बरामदा और चार मवेशी मलबे में दब गए। मकान को भी नुकसान पहुंचा है।  कंडाघाट के समीप मनसार के पास पहाड़ी दरकने से कालका-शिमला हाईवे बंद हो गया है। 

 थाना कलां: रायपुर मैदान में पशुशालाओं में घुसा पानी व मलबा
 थाना कलां में अचानक हुई तेज बरसात और बादल फटने जैसी स्थिति ने रायपुर मैदान क्षेत्र में भारी तबाही मचा दी। देखते ही देखते पानी के साथ भारी मात्रा में मलबा बहकर नीचे आ गया, जिससे कई पशुशालाओं में पानी व मलबा घुस गया। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि अचानक तेज आवाज के साथ पहाड़ से पानी और पत्थर बहते हुए नीचे आए। इस दौरान कुछ पशुशालाओं में मलबा भर जाने से पशुओं के घायल होने की भी आशंका जताई जा रही है। कई मकानों और खेतों में भी पानी भर गया है, जिससे लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।

कुमारहट्टी के हरिपुर में दो मंजिला मकान जमीदोंज, चार घायल
सोलन में कुमारहट्टी के हरिपुर में दो मंजिला मकान जमींदोज हो गया। इससे चार लोग घायल हो गए हैं। घायलों को अस्पताल ले जाया गया है। वहीं विश्व धरोहर कालका-शिमला रेललाइन पर कोटी से कनोह रेलवे स्टेशन के बीच जगह-जगह मलबा गिरा है। इस कारण कालका-शिमला एक्सप्रेस 52457 ट्रेन को धर्मपुर रोका गया। ट्रैक को सुचारू करने का टीम कार्य कर रही है। हालात यह है कि जैसे ही मलबा हटाया जाता है वैसे  ही मलबा ट्रैक पर गिर रहा है।

शिंकुला दर्रा पर बर्फबारी, पागलनाला में बाढ़ से मनाली-लेह मार्ग अवरूद्ध
 लाहौल व कुल्लू घाटी में दो दिनों से बारिश होने के साथ चोटियों में ताजा बर्फबारी हो रही है। शिंकुला दर्रा में ताजा बर्फबारी हुई है। इसके अलावा घाटी की ऊंची चोटियों में भी फाहे गिरने से ठंड बढ़ गई है। वहीं अटल टनल रोहतांग के नोर्थ पोर्टल से सिस्सू के बीच पागलनाला में बाढ़ आने से मनाली-लेह मार्ग अवरूद्ध हो गया है। दो दिनों पहले ही बीआरओ ने पागनाला को बहाल किया था।

फोरलेन पर पहाड़ी से बरसे पत्थर, बाल-बाल बचा कार सवार
 कालका-शिमला नेशनल हाईवे पर पत्थर आफत बनकर बरस रहे हैं। कंडाघाट के समीप अचानक पत्थर व मलबा सड़क पर आ गिरा। इससे वाहनों की आवाजाही पर ब्रेक लग गई है। वहीं एक कार सवार बाल-बाल बचा है। जिले में सड़कों की स्थिति दयनीय है। 

कुल्लू  में अगस्त का अब तक का रिकॉर्ड टूटा, 473 मिमी बारिश
कुल्लू में अब तक की सबसे ज्यादा 473 मिलीमीटर बारिश हुई। इससे पहले 2011 में 322 मिमी हुई थी। हिमाचल में अगस्त में सामान्य से 72% अधिक बादल बरसे। अगस्त में 256 मिमी बारिश को सामान्य माया गया है। इस बार 443 मिमी बारिश दर्ज हुई। कुल, चंबा, सामान्य से 162. शिमला में 126, ऊना में 121, मोलन में 1.18, चंचा में 104, बिलासपुर में 89, मंडी में 72, हमीरपुर में 55. सिरमौर में 38, कांगड़ा में 29, साहौल में 26 और किन्नौर में 8% अधिक बारिश हुई। 24 से 31 अगस्त तक चंबा में सबसे जादा 589, कुलई में 458, बिलासपुर में 255. लाहौल में 369, शिमला में 349, माही में 235, ऊना में 261, सोलन में 232, किन्नौर में 206, हमीरपुर में 193, कांगड़ा में 155 और सिरमौर में 1409%, बारिश हुई है। इस सप्ताह सामान्य से 291% अधिक वर्षा हुई। इस चार अगस्त में वास्तविक वर्षा 165.6 मिमी दर्ज की गई।

सड़कें बंद होने के चलते प्रमोट हुए कई शिक्षक नहीं दे पाए ज्वाइनिंग
भारी बारिश और भूस्खलन की तबाही के बीच प्रमोट हुए प्रवक्ता सेवाएं ज्वाइन नहीं कर सके हैं। 28 माह प्रतीक्षा के बाद 21 अगस्त को जारी टीजीटी से प्रवक्ता पदोन्नति सूची में 642 शिक्षकों को प्रमोशन मिली। बड़ी मुश्किल से मिली प्रमोशन के बाद  बारिश और भूस्खलन से हालात इतने बिगड़ गए कि अनेकों शिक्षक चाहकर भी नए स्कूल में ज्वाइन नहीं कर सके। चंबा, कुल्लू, मंडी, किन्नौर, लाहौल-स्पीति और सिरमौर, शिमला में भूस्खलन से बड़ा नुकसान होने से अधिकतम सड़कें बंद रहीं जबकि ऊना में आए दिन बाढ़ से रास्ते बंद हो रहे हैं। संघ के प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कौशल और महासचिव विजय हीर ने कहा कि प्रमोट हुए शिक्षकों को 5 सितंबर तक का ज्वाइनिंग समय जारी किया जाए 

सावधान रहें और मुश्किल में फंसे लोगों की करें मदद : सुक्खू
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने रविवार को शिमला पहुंचते ही राज्य में लगातार हो रही बारिश और उससे हुए नुकसान की स्थिति की समीक्षा की। दोपहर करीब दो बजे सरकारी आवास ओक ओवर पहुंचने के बाद उन्होंने मुख्य सचिव से विस्तृत जानकारी ली। मुख्य सचिव ने उन्हें प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति और वहां उठाए जा रहे कदमों से अवगत करवाया। मुख्यमंत्री सुक्खू ने राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए और कहा कि लोगों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है और प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में फिलहाल मूसलाधार बारिश जारी है। ऐसे में सभी लोग सावधानी बरतें और मुश्किल में फंसे लोगों की मदद करने में सहयोग दें। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार हर प्रभावित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने जनता से अपील की है कि वे प्रशासनिक निर्देशों का पालन करें, सतर्क रहें और नदी-नालों के किनारे जाने से बचें।

 शिलाई के रिठोग गांव में भूस्खलन से रिहायशी मकानों को खतरा
उपमंडल शिलाई की ग्राम पंचायत शिल्ला के रिठोग गांव में भूस्खलन से रिहायशी मकानों को खतरा पैदा हो गया है। बीते 24 घंटों से लगातार बारिश का दौर जारी है। ऐसे में यहां पर लोगों के घरों के आंगन और पीछे की ओर दरारें आ गई हैं। वहीं घर से नीचे दूसरे घर को भी खतरा पैदा हो गया है। करीब चार घरों के दर्जनों लोग दशहत में रहने को मजबूर हैं। बारिश का कहर जारी रहता है तो इन परिवारों को यहां से पलायन भी करना पड़ सकता है। रिठोग के लोगों ने प्रशासन और सरकार से मदद की गुहार लगाई है।

सगड़ाह के भराड़ी में गोशाला में दफन हुए आठ मवेशी
 जिला सिरमौर के उपमंडल सगड़ाह के अंतर्गत ग्राम पंचायत भराड़ी निवासी मीलाराम चौहान की गोशाला भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हो गई। इस दौरान उसकी दो गाय, बछड़ा और बकरियों की दबने से मौत हो गई। वार्ड सदस्य जयप्रकाश चौहान घटनास्थल पर पहुंचे और स्थानीय निवासी जयपाल चौहान, सोमनाथ चौहान, ओम प्रकाश, कमल राज, भागचंद, डिंपल अजय कुमार, जोगिंदर सिंह, चमन लाल, देवराज, बाबूराम, दयानंद,  राहुल कुमार, सूरत राम  आदि ने मृत पशुओं को मलबे से बाहर निकाला।
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नौहराधार में घर पर गिरा मलबा और पत्थर, महिला की मौत
 जिला सिरमौर के नौहराधार क्षेत्र के तहत आने वाले चौरास गांव में पत्थर और मलबा आने से पूर्व उपप्रधान मोहन लाल का घर पूरी तरह नष्ट हो गया। इस दौरान उनकी पत्नी शीला देवी की मलबे में दबने से मौत हो गई। हादसा रात करीब दो बजे हुआ। घर में मोहन लाल, उनकी पत्नी शीला देवी और बेटा अमन था। जैसे ही मलबा आया मोहल लाल और उसका बेटा अमन बाहर निकल गए जबकि शीला मलबे की चपेट में आई गई। सूचना मिलते ही हल्का पटवारी, पुलिस और स्थानीय लोग घटना स्थल पर पहुंचे। सुबह के समय महिला का शव मलबे से बाहर निकाला जा सका। प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवार को 25 हजार रुपये की फौरी राहत राशि प्रदान की गई। उधर, मोहन लाल की गोशाला भी मलबे की चपेट में आ गई। इस दौरान दो जर्सी गाय और 10 भेड़-बकिरयां भी मलबे की चपेट में आ गई।
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