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Himachal Rain : एम्बुलेंस अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिरी, शिमला में गाड़ियां दबीं; इन जिलों में रेड अलर्ट

Sun, 31 Aug 2025 04:38 PM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला/धर्मशाला।

सार

Himachal Rain Alert : हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग ने ऊना, बिलासपुर, शिमला, सोलन, सिरमौर जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। जबकि हमीरपुर, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और किन्नौर के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। पढ़ें पूरी खबर...
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शिमला में गाड़ियां दबीं/मंडी में एंबुलेंस खाई में गिरी। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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हिमाचल में बरसात का कहर रुकने का नाम नहीं ले रहा। मौसम विभाग ने मौसम विभाग ने ऊना, बिलासपुर, शिमला, सोलन, सिरमौर जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। जबकि हमीरपुर, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और किन्नौर के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं, शुक्रवार रात और शनिवार सुबह प्रदेश में पांच जगह बादल फटने से कई घरों, वाहनों और सेब बगीचों को भारी नुकसान हुआ है। कुल्लू के हिड़व, शरची व बशला, रामपुर में ज्यूरी के बधाल और चंबा के चुराह में बादल फटे हैं। रामपुर के 12/20 क्षेत्र में भूस्खलन से पांच घर क्षतिग्रस्त हो गए। यहां मलबे में दबने से पिता-पुत्र घायल हुए हैं। शनिवार को मणिमहेश यात्रा मार्ग पर फंसे 6,000 श्रद्धालुओं को रेस्क्यू कर सरकारी, निजी वाहनों से उनके घर भेजा गया।

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मुख्य सचिव ने बताया कि भरमौर में अभी 5,000 और चंबा में 500 मणिमहेश यात्री फंसे हैं, जिन्हें रेस्क्यू किया जा रहा है। भरमौर-पठानकोट हाईवे रजेरा से आगे बंद है। यहां 20 किलोमीटर सड़क जमींदोज हो गई है। भरमौर-पांगी, चुराह का शेष दुनिया से सड़क संपर्क कटा हुआ है। चुराह में शुक्रवार रात सतनाला पहाड़ी पर बादल फटने से बैरागढ़, देवीकोठी, टेपा, सड़क मार्ग को जोड़ने वाली सतनाला पुली, तरवाई पुल से पहले पांच पुलिया बह गईं। कुल्लू के नित्थर के बशला गांव के पास शुक्रवार रात 10:00 बजे बादल फटा। यहां चार घरों और सेब के बगीचों को नुकसान हुआ है।

रामपुर में ज्यूरी के बधाल में बादल फटने से बधाल और सराहन में चार घर व बगीचे तबाह हो गए। बधाल की धराली खड्ड में बाढ़ से रात को हाईवे के कलवर्ट बंद होने से सारा पानी और मलबा रिहायशी इलाकों में घुस गया। लोगों ने रिश्तेदारों के घरों में शरण ली। यहां पिता-पुत्र मलबे में दब गए, जिन्हें ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला। कुल्लू जिले में शुक्रवार रात भारी बारिश के बीच बंजार में दो जगहों पर बादल फटने की घटनाएं सामने आई हैं।

बंजार के हिड़व नाला में बादल फटने से  एक घर, मछली फार्म, दो मकानों और दो मंदिरों को नुकसान हुआ है। छह घराटों के साथ वन विभाग की पुलिया और एक कार बह गई है। बंजार के शरची नाला में भी बादल फटा है, लेकिन यहां अधिक नुकसान नहीं आंका गया है। पौंग बांध से शनिवार को एक लाख 10 हजार क्यूसिक पानी छोड़ा गया। शनिवार को राजधानी शिमला समेत प्रदेश के कई इलाकों में झमाझम बारिश हुई। चंडीगढ़-मनाली हाईवे शाम को छोटे वाहनों के लिए बहाल कर दिया गया। मंडी के कटवाढी गांव में दो दुकानों, कार और इंडस्ट्री को नुकसान हुआ है। कुल्लू से मनाली वाया वामतट मार्ग पांच दिन बाद छोटे वाहनों के लिए लेह तक बहाल कर दिया है। हालांकि, किरतपुर-मनाली नेशनल हाईवे-3 कुल्लू और मनाली के बीच जगह-जगह ध्वस्त होने के कारण बंद है।

मानसून में अब तक 3,042 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान
प्रदेश में तीन एनएच समेत 822 सड़कें बंद हैं। 1236 बिजली ट्रांसफार्मर और 424 पेयजल योजनाएं ठप हैं। एसईओसी के आंकड़ों के अनुसार, इस मानसून में राज्य को 3,042 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है और बारिश से जुड़ी घटनाओं और सड़क दुर्घटनाओं में 320 लोगों की मौत हो चुकी है। 4,041 घर पूरी तरह या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। 20 जून से 30 अगस्त तक मानसून की शुरुआत के बाद से राज्य में 91 बार अचानक बाढ़, 45 बार बादल फटने और 93 बड़े भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं।

चंबा, कांगड़ा, कुल्लू में आज भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने ऊना, बिलासपुर, शिमला, सोलन, सिरमौर जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। जबकि हमीरपुर, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और किन्नौर के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं, सोमवार को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में कुछ स्थानों पर बारिश का रेड अलर्ट है। इसी के साथ चंबा, कुल्लू, शिमला किन्नौर, लाहौल स्पीति के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, सोलन में येलो अलर्ट है।

दो सितंबर मंगलवार को मंडी, चंबा, कुल्लूऔर कांगड़ा जिलों में एक-दो स्थानों पर बहुत भारी से अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना है। (रेड अलर्ट)। ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, सिरमौर और शिमला जिलों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा व किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिलों में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है। (ऑरेंज अलर्ट)। सोलन जिले में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है। (येलो अलर्ट।

आपदा से किसी मणिमहेश यात्री की माैत नहीं : सीएम
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि मणिमहेश यात्रा के दौरान आई आपदा में किसी भी श्रद्धालु की मौत नहीं हुई है। जिन श्रद्धालुओं का निधन हुआ है, वे या तो दुर्घटना का शिकार हुए या सांस फूलने से उनकी जान गई है। उन्होंने बताया कि अब मणिमहेश में कोई भी श्रद्धालु फंसा नहीं है। सभी श्रद्धालुओं को भरमौर लाकर पुलिस की मौजूदगी में चंबा भेजा जा रहा है। श्रद्धालुओं को एयरलिफ्ट भी किया जा रहा है। बड़े हेलिकॉप्टर से अधिक संख्या में श्रद्धालुओं को चंबा लाने के प्रयास हैं। इसके लिए भरमौर में उपयुक्त स्थान तलाशा जा रहा है। सड़कें खोलने के लिए पोकलेन और जेसीबी तैनात कर दी गई हैं। धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।



अधिक मौतों के दावों के सवाल पर सीएम ने कहा कि जिला प्रशासन के आंकड़े ही सही और प्रमाणिक हैं। कुछ श्रद्धालुओं ने पानी का सैलाब आने से लोगों के बह जाने की आशंका जताई है, लेकिन इसका कोई सबूत उपलब्ध नहीं है। बारिश से प्रभावित भरमौर और मणिमहेश यात्रा क्षेत्र का जायजा लेने पहुंचे सीएम का हेलिकाप्टर हेलीपैड पर नहीं उतर सका। इसके बाद सीएम को चंबा शहर के बाहरी हिस्से करियां स्थित हेलीपैड पर ही लौटना पड़ा। उन्होंने चौपर से ही भरमौर और मणिमहेश क्षेत्र में हुए नुकसान का हवाई जायजा लिया। 

एम्बुलेंस अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिरी
कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर मंडी के झलोगी के पास रविवार सुबह एक बड़ा हादसा टल गया। यहां क्षतिग्रस्त सड़क से गुजर रही एक एम्बुलेंस अचानक अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई। हादसे में एम्बुलेंस चालक घायल हो गया, जबकि गनीमत यह रही कि वाहन ब्यास नदी में समाने से कुछ ही दूरी पर रुक गया। एम्बुलेंस कुल्लू से मरीज को नेरचौक मेडिकल कॉलेज छोड़कर वापस लौट रही थी। हादसे के समय एम्बुलेंस में कोई मरीज या अन्य व्यक्ति मौजूद नहीं था। जैसे ही एम्बुलेंस झलोगी के पास क्षतिग्रस्त हिस्से से गुजरी, संतुलन बिगड़ गया और सड़क से लुढ़कते हुए खाई में जा गिरी। आसपास से गुजर रहे अन्य वाहन चालकों ने तुरंत पुलिस को हादसे की सूचना दी।



मौके पर पहुंची पुलिस व स्थानीय लोगों की मदद से चालक को बाहर निकाला गया और प्राथमिक उपचार दिलाया गया। बाद में रिकवरी वैन की मदद से एम्बुलेंस को खाई से बाहर निकाला गया। हादसे के कारण कुछ समय के लिए फोरलेन पर जाम जैसी स्थिति भी बन गई। लगातार हो रही भारी वर्षा और भूस्खलन से कीरतपुर-मनाली फोरलेन जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो चुका है।

 

शिमला के विकासनगर में भूस्खलन में दबीं गाड़ियां
शनिवार रात से जारी झमाझम बारिश के कारण विकासनगर स्थित काली माता मंदिर के पास भारी भूस्खलन हुआ। इस दौरान यहां खड़े वाहन मलबे की चपेट में आ गए। स्थानीय लोगों के अनुसार करीब चार से पांच गाड़ियों के दबने की आशंका है।

सोलन-बड़ोग सड़क पर गिर रहे पत्थर 
सोलन-बड़ोग सड़क में सफर जोखिम से कम नहीं है। रविवार को हुई बारिश के बीच पहाड़ी से फिर पत्थर सड़क पर गिरे। इस कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

1 सितंबर को भारी बारिश का अलर्ट, मंडी प्रशासन सतर्क
उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने मौसम विभाग की ओर से जारी चेतावनी के मद्देनजर जिले के सभी नागरिकों से सतर्क और सुरक्षित रहने की अपील की है। उन्होंने बताया कि 1 सितंबर को राज्य के विभिन्न जिलों के साथ मंडी जिला भी भारी वर्षा की आशंका वाले क्षेत्रों में शामिल है। ऐसे में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। नागरिक नदियों, नालों और खड्डों के किनारे जाने से बचें, अनावश्यक यात्रा न करें तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में सतर्क रहें। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के हेल्पलाइन नंबर 1077 या 01905-226201, 226202, 226203, 226204 पर संपर्क करें। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और आपदा की स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक मशीनरी व राहत दल तैनात हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि मौसम की ताजा जानकारी और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
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मुख्यमंत्री ने हालात की समीक्षा की, राहत-बचाव कार्य तेज करने के निर्देश
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने रविवार को शिमला पहुंचते ही प्रदेश में लगातार हो रही बारिश और उससे हुए नुकसान की स्थिति की समीक्षा की। दोपहर करीब दो बजे सरकारी आवास ओक ओवर पहुंचने के बाद उन्होंने मुख्य सचिव से विस्तृत जानकारी ली। मुख्य सचिव ने उन्हें प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति और वहां उठाए जा रहे कदमों से अवगत करवाया। मुख्यमंत्री ने राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए और कहा कि लोगों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार हर प्रभावित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने जनता से अपील की है कि वे प्रशासनिक निर्देशों का पालन करें, सतर्क रहें और नदी-नालों के किनारे जाने से बचें। मुख्यमंत्री ने कहा कि मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है और प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में फिलहाल मूसलाधार बारिश जारी है। ऐसे में सभी लोग सावधानी बरतें और मुश्किल में फंसे लोगों की मदद करने में सहयोग दें। मुख्यमंत्री ने शनिवार को आपदा प्रभावित चंबा और कांगड़ा जिलों का हवाई सर्वेक्षण किया था। आज उनका कुल्लू जिला जाने का कार्यक्रम था, लेकिन खराब मौसम इसमें बाधा बना। ऐसे में उन्हें चंडीगढ़ से सड़क मार्ग से शिमला लौटना पड़ा।
 
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