जंगमबाग में वाहन, स्कूटी चालक समेत सात शव बरामद
सुंदरनगर के जंगमबाग में मंगलवार शाम हुए भूस्खलन में दबे चार लोगों के शव बुधवार को बरामद हुए हैं। तीन शव मंगलवार को ही बरामद कर लिए थे। हादसे में अब तक सात शव बरामद किए जा चुके हैं। भूस्खलन इतना भयंकर था कि पूरा इलाका मलबे में बदल गया। प्रशासन और एनडीआरएफ की टीमों ने करीब 14 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर शवों को मलबे से बाहर निकाला। मंगलवार देर सायं पहाड़ी से हुए भूस्खलन की चपेट में दो मकानों के 5 लोग, एक व्यक्ति स्कूटी पर सवार और एक चालक टाटा सूमो सहित आए। प्रशासनिक अमले ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। सबसे पहले भारती (30) पत्नी गुरप्रीत सिंह और उनकी तीन वर्षीय बेटी कीरत का शव बरामद हुआ। मंगलवार रात करीब नौ बजे साथ के मकान में रहने वाली 70 वर्षीय शांति देवी पत्नी शिव चंद का शव बरामद हुआ।
मंगलवार देर रात से रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहा। रात करीब 1:30 बजे गुरप्रीत (36) पुत्र सर्वजीत सिंह का शव बरामद हुआ। सुबह पांच बजे उनकी मां सुरेंद्रा कौर पत्नी सर्वजीत सिंह का शव भी बरामद किया गया। एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई। उसके बाद ओम प्रकाश (66) पुत्र हट राम निवासी डढयाल डाकघर भोजपुर का शव भी मलबे में मिला। ओम प्रकाश स्कूटी पर सवार होकर वहां से गुजर रहे थे। एक अन्य स्कूटी भी मलबे में बरामद की गई। सुबह करीब 6 बजे बारिश शुरू हुई, बावजूद रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहा। पहले मलबे से टाटा सूमो वाहन का कुछ हिस्सा बरामद हुआ। बाद में गाड़ी को निकाला गया। गाड़ी में सवार युवा कांग्रेस नेता राहुल (24) पुत्र घनश्याम निवासी खत्रवाडी डाकघर चांबी तहसील सुंदरनगर का शव करीब दस बजे बरामद किया गया। इसके उपरांत रेस्क्यू ऑपरेशन बंद किया गया।
जोगिंद्रनगर: नेरघरवासड़ा पंचायत में भूस्खलन से 10 घर ध्वस्त, 22 परिवार बेघर
उपमंडल जोगिंद्रनगर की नेरघरवासड़ा पंचायत में बुधवार तड़के पहाड़ी दरकने से 10 घर ध्वस्त हो गए। करीब 22 परिवार बेघर हुए हैं। 40 मकान खतरे की जद में आए हैं। एक मवेशी मलबे में दब गया। नेर घरवासड़ा पंचायत के नेर, कुडनी गांव में आई आपदा से महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गाें में चीख पुकार मच गई। सूचना मिलने पर पुलिस, प्रशासन, दमकल विभाग के जवान घटनास्थल पर पहुंचे। आसपास के लोगों और पंचायत प्रतिनिधियों के साथ हर वर्ग के लोगों ने प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों में शिफ्ट किया। बुधवार सुबह करीब 6 बजे पहाड़ी से मलबा गिरने से कुडनी गांव के लोगों में अफरा तफरी मच गई। आपदा से सहमी एक बुजुर्ग महिला को नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर में दाखिल भी करवाना पड़ा। नेर घरवासड़ा पंचायत के नेर, कुडनी गांव में निर्मला देवी, ब्रह्मी देवी, धोबू, किशोरी लाल, सुनील, बिलू राम, सागर, गुड्डी, गोपाल सिंह के आशियाने टूट गए। खतरे की जद में आए 11 अन्य प्रभावित परिवारों में चमन, छोटू, रमेश चंद, अहल्या देवी, प्रेम चंद, रमेश, मदन लाल, जगदीश, देवी सिंह, खिमी देवी और जगरनाथ शामिल हैं।
दो दिन में तीन भूस्खलन, महिला की मौत, दो लापता
दो दिन के भीतर कुल्लू शहर ने भूस्खलन की तीन भयावह घटनाएं देखीं। इनमें एक महिला की मौत हो गई जबकि दो लोग मलबे के नीचे दबे हैं। दो अन्य जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं। शहर में पहला मामला 2 सितंबर को सुबह ढालपुर के वार्ड नंबर आठ में हुआ। यहां एक घर की सुरक्षा दीवार गिर गई। इसकी चपेट में 55 वर्षीय लता देवी आईं। उनकी दबने से मौत हो गई। महिला को बचाने गया एक व्यक्ति भी मलबे में दब गया। उन्हें बचा लिया गया। वह घायल हो गए हैं। दोपहर बाद खोरी रोपा में भी दीवार गिरने से एक मजदूर घायल हो गया। उसका कुल्लू अस्पताल में इलाज चल रहा है। मंगलवार रात करीब 11:45 बजे इनर अखाड़ा बाजार के मठ क्षेत्र में भारी भूस्खलन हुआ। मलबा एक मकान की पहली मंजिल में जा घुसा। इसमें दो किराएदार दब गए हैं। उन्हें अभी नहीं निकाला गया है। इनमें एक कश्मीरी मजदूर है और एनडीआरएफ का जवान है। वह आजकल कुल्लू में ही तैनात हैं।
वांगतू में भूस्खलन से छह लोग घायल, करीब पांच ट्रक भूस्खलन की चपेट में आए
जिला किन्नौर के राष्ट्रीय उच्च मार्ग-पांच पर वांगतू के पास मंगलवार देर रात को पहाड़ी से भूस्खलन होने के कारण भारी भरकम चट्टानें गिरीं। इससे करीब पांच वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं। इस दुर्घटना में टैंकर चालक समेत पांच अन्य निजी कंपनी के सेब पैकर घायल हुए हैं। मंगलवार रात को करीब 11:15 बजे भूस्खलन हुआ। सूचना मिलते ही पुलिस थाना टापरी से थाना प्रभारी टापरी शिव कुमार की अगुवाई में आरक्षी शिव सिंह, आरक्षी पंकज, आरक्षी पवन, चालक गृह रक्षक भुट्टो राम की टीम घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस की टीम ने सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए टापरी स्थित छोल्तू अस्पताल पहुंचाया, जहां पर सभी का उपचार चल रहा है। सभी घायलों की हालत ठीक बताई जा रही है। डीएसपी भावानगर राजकुमार ने कहा कि सभी घायलों का उपचार छोल्तू अस्पताल टापरी में चल रहा है। उन्होंने कहा कि फिलहाल सभी घायलों की हालत ठीक हैं और खतरे से बाहर हैं।
मनाली-कुल्लू वामतट मार्ग हुआ बहाल, मनालसु में फंसा ट्रैवलर निकाला
मनाली में अलेउ के समीप पेड़ गिरने के कारण बंद हुआ मनाली-कुल्लू वामतट मार्ग बहाल हो गया है। बुधवार को सुबह ही प्रशासन ने पेड़ को कटवाया। सड़क खुलने के बाद मनाली में जरूरी वस्तुए पहुंचनी शुरू हो गई हैं। वहीं मनालसु नदी में पानी बढ़ने से फंसे टेंपो ट्रैवलर को भी निकल लिया गया है। इसके लिए जेसीबी कि सहायता लेनी पड़ी। अब नदी का जलस्तर भी काफी कम हो गया है लेकिन गांव के लोगों की ओर से बनाई गई सड़क फिर बह गई है।
चौपाल में बिजली गुल, लोग परेशान
चौपाल उपमंडल में सभी उपभोक्ता बिजली बोर्ड की लचर सेवाओं परेशान हैं। चौपाल में कब बिजली गुल हो जाए, इसका पता नहीं चलता। चौपाल उपमंडल में तीन दिन से बिजली आपूर्ति ठप है। इससे सरकारी और गैर सरकारी कार्यालयों में काम प्रभावित हो रहे हैं। बिजली से जुड़े सभी कारोबारियों के काम ठप हो गए हैं। बाजार में कंप्यूटर, फोटोस्टेट, वकीलों व अन्य कारोबारियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही हैं। बिजली गुल होने से लोग अपने मोबाइल फोन भी चार्ज नहीं कर पा रहे हैं। सेब सीजन के दौरान बिजली सेवाएं ठप होने से बागवानों की परेशानी बढ़ गई है। लोगों के रोजमर्रा के कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। बिजली बोर्ड के कर्मचारी बुधवार शाम तक भी बिजली सेवाएं बहाल नहीं कर पाए थे। बिजली बोर्ड के सहायक अभियंता हिमांशु नैनवाल ने बताया कि 66 केवी विद्युत ट्रांसमिशन लाइन के टावर में देवठी के पास समीप फाल्ट आया है। इसे ठीक करने का कार्य किया जा रहा है। जल्द ही बिजली सेवाओं को बहाल कर दिया जाएगा। वहीं सुन्नी में सतलुज नदी का जलस्तर थली पुल तक पहुंच गया है और नदी तटवर्ती क्षेत्र, जैसे कालीघाट, आईटीआई, जलमग्न हो गए हैं। कोल डैम के अधिकारियों से जलस्तर कम करने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है।
इन जिलों में स्कूल आज बंद, शिमला में देवदार के पेड़ गिरे
शिमला, सोलन, सिरमौर, कांगड़ा, बिलासपुर और कुल्लू जिले में आज भी शिक्षण संस्थानों में छुट्टी कर दी गई है। मंडी जिले में कोटली, पधर, सरकाघाट, बल्ह, करसोग, बालीचौकी, धर्मपुर, सुंदरनगर, थुनाग, गोहर उपमंडल में शिक्षण संस्थान आज बंद रखे गए हैं। ऊना के बंगाणा उपमंडल में भी शिक्षण संस्थान बंद हैं। वहीं शिमला के बेनमोर वार्ड के राम चंद्र चौक के पास फिर भूस्खलन हुआ है। यहां सरकारी कर्मचारियों के आवासों पर देवदार के पेड़ गिर गए हैं।
प्रदेश में इतने दिन बरसेंगे बादल
माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार प्रदेश के कई भागों में 9 सितंबर तक बारिश का दाैर जारी रहने का पूर्वानुमान है। आज बिलासपुर, चंबा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन, सिरमाैर, किन्नाैर व लाहाैल-स्पीति में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। 4 व 5 सितंबर के लिए कुछ भागों में येलो अलर्ट है। वहीं बीती रात को नयना देवी में 136.0, जोत 100.6, पच्छाद 77.0, कोठी 68.4, चंबा 66.0, बिलासपुर 60.4, रोहड़ू 60.0, मनाली 57.0, पालमपुर 52.6, कसौली 49.5, कंडाघाट और ददाहू 48.0, सराहन 44.5, सोलन 43.6, काहू 4 43.5 व मालरांव में 40.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है।
मानसून में अब तक 341 लोगों की माैत
प्रदेश में जारी बारिश के बीच मानसून सीजन के दौरान अभी तक कुल 3,52,541.58 लाख रुपये की संपत्ति का नुकसान हो चुका है। प्रदेश में इस मानसून सीजन में 20 जून से 2 सितंबर तक 341 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। 389 लोग घायल हुए हैं। 41 लोग अभी भी लापता हैं। इस दौरान 159 लोगों की सड़क हादसों में मौत हुई है। बादल फटने, भूस्खलन, बाढ़ से अब तक 4,983 कच्चे-पक्के घरों, दुकानों को क्षति हुई है। 4,008 गोशालाएं भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। 1,912 पालतु पशुओं की मौत हुई है।
कृष्णानगर वार्ड के लव-कुश चाैक पर भूस्खलन से चार मकानों को खतरा
शिमला के कृष्णानगर वार्ड के लव-कुश चौक के पास देर रात भूस्खलन होने से तीन से चार मकानों को खतरा पैदा हो गया है। स्थानीय पार्षद विनोद भाटिया के अनुसार मौके पर दो मकानों को खाली करवा दिया गया है। पहाड़ी के ऊपरी की तरफ बने मकानों को खतरा है। गौरतलब है कि इस वार्ड में दो साल पहले भी भारी भूस्खलन हुआ था, जिसमें आठ मकान जमींदोज हो गए थे। वहीं 10 से ज्यादा मकान अनसेफ घोषित कर दिए गए थे।
कुंडूनी गांव में भूस्खलन, 22 परिवार प्रभावित, 10 घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त
जोगिंद्रनगर उपमंडल के अंतर्गत आने वाले कुंडूनी गांव में हुए भूस्खलन से लगभग 22 परिवार प्रभावित हुए हैं। इनमें से 10 घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। राहत की बात यह है कि इस प्राकृतिक आपदा में किसी भी व्यक्ति की जान नहीं गई है। हालांकि, एक गाय भूस्खलन की चपेट में आकर दब गई। एसडीएम जोगिंद्रनगर मनीष चौधरी ने बताया कि प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सुबह ही मौके पर पहुंचकर प्रभावित घरों को खाली करवा दिया। चूंकि भूस्खलन का सिलसिला अभी भी जारी है, एहतियातन सभी परिवारों को सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया है। प्रभावित परिवारों के लिए प्रशासन की ओर से अस्थायी राहत शिविर की व्यवस्था की गई है। इन्हें बस्सी स्थित होटल में ठहराने के साथ भोजन की संपूर्ण व्यवस्था की गई है। एसडीएम ने कहा कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और प्रभावित परिवारों की हर संभव सहायता सुनिश्चित की जा रही है। बचाव एवं राहत कार्य अभी भी जारी है तथा प्रभावित परिवारों को समय से उचित फौरी राहत भी प्रदान की जाएगी।
कालका-शिमला नेशनल हाईवे पर भूस्खलन, यात्रियों की मुश्किलें बढ़ीं
सोलन। कालका-शिमला नेशनल हाईवे पर सनवारा के समीप भूस्खलन होने से आवाजाही बंद हो गई। भूस्खलन से हाईवे पर गाड़ियों की लंबी लाइन लग गई। बारिश के पानी के साथ पहाड़ी से मलबा आने के कारण सड़क दलदल बन गई। मौके पर एनएचएआई की टीम हाईवे को सुचारु करने के प्रयास कर रही है। लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
रामगढ़धार में आईं बड़ी-बड़ी दरारें, कई गांवों पर मंडराया खतरा
उपमंडल बंगाणा की रामगढ़धार में आई बड़ी-बड़ी दरारों ने क्षेत्र में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। अप्पर रायपुर घट्टा के खेतों में दरारें चौड़ी हो रही हैं और आसपास के गांवों में पानी कच्चे मकानों से रिसने लगा है। इसका सीधा असर कोलका, घयोड़ा, घरबासडा, रायपुर मैदान, दोवड, पुरोईंया समेत कई गांवों पर पड़ रहा है। यदि मौसम ने राहत नहीं दी तो भारी नुकसान की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता। प्रारंभिक आकलन के अनुसार, लगभग 40 से 50 मकान सीधे खतरे की जद में हैं। इनमें से ज्यादातर कच्चे मकान हैं, जिनमें करीब 200 से अधिक लोग निवास कर रहे हैं। लगातार पानी रिसने से दीवारों के साथ नींव कमजोर हो रही हैं। ग्रामीण राकेश कुमार, गौरव शर्मा, मुकेश कुमार, अशोक कुमार ने बताया कि लगातार बारिश से जमीन खिसक रही है और धार से आवाजें आने लगी हैं। इस संबंध में उपमंडल अधिकारी (बंगाणा) सोनू गोयल ने बताया कि समस्या हमारे ध्यान में आई है। प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करवाया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जाएगा। वहीं, कुटलैहड़ के विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि यह गंभीर विषय है। इस समस्या को हल करने के लिए विशेषज्ञों की मदद लेना जरूरी है।
निजी बस पर पहाड़ी से गिरीं चट्टानें, दो यात्रियों की माैत
शिमला में उपमंडल रामपुर में एनएच पांच पर बिथल के पास कालीमिट्टी में एक निजी बस पर पहाड़ से चट्टानें गिर गईं। हादसे में लक्ष्मी विरानी पुत्री रामचरण निवासी ग्राम जलगांव, महाराष्ट्र और बस में सवार एक नेपाली महिला की माैत हो गई । वहीं 15 से अधिक यात्री घायल हो गए। घायल यात्रियों को महात्मा गांधी चिकित्सा सेवा परिसर खनेरी में स्थानांतरित किया जा रहा है और पुलिस की कार्रवाई चल रही है।
चंबा, कुल्लू और लाहौल-स्पीति में इंट्रा सर्किल रोमिंग सुविधा जारी रहेगी
हिमाचल प्रदेश दूरसंचार विभाग लाइसेंस सेवा क्षेत्र (एचपी एलएसए) के अपर महानिदेशक दूरसंचार ने सूचित किया है कि चंबा, कुल्लू और लाहौल स्पीति जिललों में इंट्रा सर्किल रोमिंग (आईसीआर) सुविधा को 7 दिन और बढ़ाते हुए यानी 10 सितंबर तक कर दिया गया है। प्रभावित क्षेत्र में निरंतर मोबाइल कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए यह पहल की गई है। क्षेत्र के मोबाइल उपयोगकर्ता अपने डिवाइस सेटिंग्स से किसी भी उपलब्ध मोबाइल नेटवर्क का चयन कर सकते हैं, चाहे उनका मूल सेवा प्रदाता कोई भी हो। आईसीआर सक्रियण अवधि के दौरान, उपयोगकर्ता क्षेत्र में कवरेज वाले किसी भी दूरसंचार ऑपरेटर के नेटवर्क से जुड़कर सेवाओं का उपयोग कर सकेंगे। इस अस्थायी व्यवस्था का उद्देश्य भारी बारिश के कारण जारी व्यवधान के दौरान निर्बाध मोबाइल संचार सुनिश्चित करके सहायता प्रदान करना है।