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Himachal Landslide: जंगमबाग में पूरी रात चला रेस्क्यू ऑपरेशन, वाहन, स्कूटी चालक समेत सात शव बरामद

Wed, 03 Sep 2025 08:40 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, मंडी

सार

हिमाचल के मंडी के सुंदरनगर में मंगलवार को भूस्खलन की चपेट में दो घर आ गए। मंगलवार को तीन शव मिल गए थे, बुधवार को तीन और शव घर से निकाले गए हैं। फिलहाल तलाशी अभियान चल रहा है। 
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मलबा हटाती हुई एनडीआरएफ की टीम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उपमंडल सुंदरनगर के जंगमबाग में मंगलवार शाम हुए भूस्खलन में दबे चार लोगों के शव बुधवार को बरामद हुए हैं। तीन शव मंगलवार को ही बरामद कर लिए थे। हादसे में अब तक सात शव बरामद किए जा चुके हैं। भूस्खलन इतना भयंकर था कि पूरा इलाका मलबे में बदल गया। प्रशासन और एनडीआरएफ की टीमों ने करीब 14 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर शवों को मलबे से बाहर निकाला। मंगलवार देर सायं पहाड़ी से हुए भूस्खलन की चपेट में दो मकानों के 5 लोग, एक व्यक्ति स्कूटी पर सवार और एक चालक टाटा सूमो सहित आए। प्रशासनिक अमले ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। सबसे पहले भारती (30) पत्नी गुरप्रीत सिंह और उनकी तीन वर्षीय बेटी कीरत का शव बरामद हुआ। मंगलवार रात करीब नौ बजे साथ के मकान में रहने वाली 70 वर्षीय शांति देवी पत्नी शिव चंद का शव बरामद हुआ।
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मंगलवार देर रात से रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहा। रात करीब 1:30 बजे गुरप्रीत (36) पुत्र सर्वजीत सिंह का शव बरामद हुआ। सुबह पांच बजे उनकी मां सुरेंद्रा कौर पत्नी सर्वजीत सिंह का शव भी बरामद किया गया। एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई। उसके बाद ओम प्रकाश (66) पुत्र हट राम निवासी डढयाल डाकघर भोजपुर का शव भी मलबे में मिला। ओम प्रकाश स्कूटी पर सवार होकर वहां से गुजर रहे थे। एक अन्य स्कूटी भी मलबे में बरामद की गई। सुबह करीब 6 बजे बारिश शुरू हुई, बावजूद रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहा। पहले मलबे से टाटा सूमो वाहन का कुछ हिस्सा बरामद हुआ। बाद में गाड़ी को निकाला गया। गाड़ी में सवार युवा कांग्रेस नेता राहुल (24) पुत्र घनश्याम निवासी खत्रवाडी डाकघर चांबी तहसील सुंदरनगर का शव करीब दस बजे बरामद किया गया। इसके उपरांत रेस्क्यू ऑपरेशन बंद किया गया।

 

आसपास के घर भी करवाए खाली
घटना स्थल पर अभी भी पहाड़ी से मलबा गिर रहा है। भूस्खलन की चपेट में तीन मकान आए हैं। इनमें से दो पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हो गए। एक अन्य मकान को नुकसान हुआ है। खतरे की स्थिति को देखते हुए प्रशासन की ओर से आसपास के घरों को भी एहतियातन तौर पर खाली करवाया गया है।एसडीएम अमर नेगी ने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन पूरी रात चला। सात लोगों के शव बरामद किए गए। प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद और आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध करवाने की प्रक्रिया जारी है।

उधर, पहाड़ी से मलबा आने के बाद साथ लगते मकानों के लोग खतरे को देखकर भाग गए। स्थानीय निवासी नागेश ने बताया कि मंगलवार शाम करीब साढ़े छह बजे घटना का पता चला तो वह मदद करने पहुंचे।

 

'जोरदार धमाके की आवाज सुनी'
बताया कि मलबे से करीब एक घंटे तक चीख पुकार सुनाई देती रही। 100 मीटर ऊंची पहाड़ी है। यहां सड़क है और सड़क से नीचे दो मकान थे। चांबी पंचायत के उपप्रधान आशीष रावत ने बताया कि उनका घर घटनास्थल के पास ही है। जोरदार धमाके की आवाज सुनी तो मौके पर पहुंचा। देखा कि दोनों मकान मलबे चपेट में आए हैं। उनके पास मशीनरी थी, जिसे मौके पर लगाया गया और खुद मलबा हटाना शुरू किया। सूचना के बाद प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। 
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मंडी जिले में कोटली, पधर, सरकाघाट, बल्ह, करसोग, बालीचौकी, सुंदरनगर, थुनाग, गोहर उपमंडल में शिक्षण संस्थान आज बंद रहे। खराब मौसम को देखते हुए फैसला लिया गया है। आदेश जारी कर दिए गए हैं। धर्मपुर उपमंडल में भी शिक्षण संस्थान में छुट्टी के आदेश जारी किए गए हैं।
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