सीएम और स्पीकर की मध्यस्थता में अधिकारियों ने कहा कि वे लिखित रूप से स्पष्टीकरण दे चुके हैं। दोनों अधिकारियों ने हंसराज के प्रति सम्मान जताते हुए भविष्य में सारे जनहित के काम मिल-जुलकर करने का विश्वास जताया।
उन्होंने जाने-अनजाने में की गई गलती पर भी खेद जताया। इसके बाद उपाध्यक्ष हंसराज ने अध्यक्ष को दी शिकायत वापस ले ली। हंसराज ने शिकायत की थी कि इन अधिकारियों ने केंद्रीय मंत्री के कारकेड में उनको ओवरटेक किया।
उन्होंने इसे सांविधानिक पद और राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करार दिया था। उन्होंने एडीसी और एसडीएम की बैठक में भी न आने की शिकायत की थी। अब सारा मामला खत्म हो गया है।