राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए आर्थिकी के सभी क्षेत्रों में प्रदेश सरकार नवीन कार्यक्रम चलाएगी। विभिन्न विभागों में खाली पदों भरने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य किया जाएगा। राज्यपाल ने यह बात धर्मशाला के तपोवन में शीत सत्र के दूसरे दिन अपने अभिभाषण में कही। राज्यपाल ने अभिभाषण में कहा कि आम आदमी को महंगाई से राहत दिलाने के लिए सरकार ठोस उपाय करेगी। सरकार चुनाव प्रतिज्ञा पत्र को नीतिगत दस्तावेज बनाकर प्रदेश के विकास के लिए कार्य करेगी। राज्यपाल ने कहा कि उनकी सरकार ऐसी नीतियां बनाएगी, जिनसे प्रदेश के लाखों छोटे एवं सीमांत किसानों के हितों की रक्षा हो सके।
हिमाचल प्रदेश को ‘फल राज्य’ के रूप में भी जाना जाता है। सरकार बागवानी क्षेत्र को व्यापक प्रोत्साहन देगी। औद्योगिक निवेश को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। राज्यपाल ने कहा कि मुझे यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि वर्तमान विधानसभा में कई युवा सदस्य चुनकर आए हैं और सरकार का नेतृत्व भी युवा मुख्यमंत्री कर रहे हैं। विधानसभा चुनाव में प्रदेश के लोगों ने बढ़-चढ़ कर भाग लेकर सरकार बनाने में पूर्ण आस्था जताई है। उन्होंने निष्पक्ष रूप से चुनाव प्रक्रिया को संपन्न करवाने के लिए चुनाव आयोग और जनता का धन्यवाद भी किया।
बजट में आएगी गारंटियां
प्रतिज्ञा पत्र में दी गई गारंटियों को पूरा करने के लिए विभिन्न नीतियों को किस प्रकार लागू किया जाएगा, इसके लिए विस्तृत स्वरूप पर सरकार बजट सत्र में चर्चा करेगी। मैं आशा करता हूं कि मेरी सरकार को आप सब माननीय सदस्यों का सक्रिय एवं रचनात्मक सहयोग मिलेगा। उन्होंने कहा कि सभी विधायक मिलकर खूबसूरत पर्वतीय प्रदेश को विकास का आदर्श राज्य बनाएंगे।
बढ़ती बेरोजगारी पर अंकुश लगाना सरकार का प्रयास
राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश की जनता हमेशा ही प्रगतिशील नीतियों की समर्थक रही है। प्रदेश में आत्मनिर्भरता, सामाजिक एवं आर्थिक न्याय के साथ सर्वांगीण विकास के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हमें जनादेश प्राप्त हुआ है। प्रदेश सरकार का यह प्रयास रहेगा कि तेजी से बढ़ती बेरोजगारी पर अंकुश लगाया जाए तथा विकास परियोजनाओं को निर्धारित समयावधि के भीतर पूरा किया जाए। महंगाई को नियंत्रित करने तथा आम आदमी को महंगाई से राहत दिलाने के लिए मेरी सरकार ठोस उपाय करेगी।
सरकार बागवानी क्षेत्र को व्यापक प्रोत्साहन देगी
राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश की जनसंख्या का एक बड़ा भाग अपनी आजीविका के लिए कृषि, बागवानी, सब्जी उत्पादन, पुष्प उत्पादन, पशुपालन, मत्स्यपालन व अन्य संबद्ध गतिविधियों पर निर्भर है। सरकार ऐसी नीतियां बनाएगी जिनसे प्रदेश के लाखों छोटे एवं सीमांत किसानों के हितों की रक्षा हो सके। हिमाचल प्रदेश को भारत के फल राज्य के रूप में भी जाना जाता है तथा मेरी सरकार बागवानी क्षेत्र को व्यापक प्रोत्साहन देगी। राज्य में अनुकूल वातावरण का निर्माण कर औद्योगिक निवेश को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।
ग्रामीण व्यवस्था को सुदृढ़ करेंगे
कहा कि प्रदेश की अधिकांश जनसंख्या गांवों में बसती है। ग्रामीण व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए समुचित पग उठाए जाएंगे। सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी कि विकास के लाभ किसान, बागवान, मजदूर, बेरोजगार तथा समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंच सकें। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी सरकार भावी पीढ़ी के हितों की रक्षा के लिए समुचित कदम उठाएगी। प्रदेश में बढ़ते अवैध कटान तथा पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के गंभीर अपराधों से निपटने के लिए सरकार की ओर से कारगर कदम उठाए जाएंगे।
सभी गारंटियां पूरी होंगी
आर्लेकर ने कहा कि प्रदेश में इलैक्ट्रिक वाहनों का प्रचलन बढ़ाने की दिशा में कार्य योजना तैयार कर उचित कदम उठाए जाएंगे। इसके लिए समुचित आधारभूत ढांचा विकसित किया जाएगा। प्रदेश की समस्याओं के प्रति सरकार पूरी तरह से जागरूक है तथा इनके समाधान के लिए उचित प्रयास किए जाएंगे। सरकार चुनाव में जनता से किए गए वादों को चरणबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए कृतसंकल्प है। हमारे ‘प्रतिज्ञा पत्र’ में दी गई गारंटियों को पूरा करने के लिए विभिन्न नीतियों को किस प्रकार लागू किया जाएगा, इसके विस्तृत स्वरूप पर निकट भविष्य में सरकार की ओर से नियमित बजट प्रस्तुत करते समय चर्चा की जाएगी।
विपक्ष ने किया विस अध्यक्ष के डिनर का बहिष्कार
वहीं, तपोवन में शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप पठानिया के कुर्सी संभालते ही विपक्ष ने तेवर दिखाना शुरू कर दिए। राज्यपाल के अभिभाषण के बाद पूर्व विधानसभा अध्यक्ष विपिन परमार को बोलने का मौका नहीं मिलने पर पूरा विपक्ष नाराज हो गया। बहिष्कार के रूप में पूरे विपक्ष ने फैसला किया कि वे विधानसभा अध्यक्ष के डिनर में नहीं जाएंगे। विपक्ष का कोई भी नेता विधानसभा अध्यक्ष के नड्डी स्थित एक होटल में आयोजित डिनर में नहीं गया। सत्र के दूसरे दिन विधानसभा अध्यक्ष के रूप में कुलदीप सिंह पठानिया ने पदभार संभाला। इसके बाद राज्यपाल का अभिभाषण हुआ। इस दौरान व्यवस्था के बिंदु के जरिये सदन के सदस्य विपिन सिंह परमार अपनी बात बोलने के बाद समय मांगा। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री के वक्तव्य के बाद उन्हें बोलने का मौका दिया जाएगा। सीएम के वक्तव्य के बाद विस अध्यक्ष ने विधानसभा की कार्यवाही अगले दिन के लिए स्थगित कर दी। इससे विपक्ष उखड़ गया। इसके बाद विपक्ष के सभी सदस्यों ने फैसला लिया कि वे विधानसभा अध्यक्ष के रात्रिभोज में भाग नहीं लेंगे। सूत्रों की मानें तो अब विपक्ष सत्र के आखिरी और तीसरे दिन हंगामा कर सकता है। व्यवस्था देने के बावजूद सदन में बोलने के समय नहीं मिलने को लेकर पक्ष और विपक्ष में तीखी नोंकझोंक हो सकती है।
कुलदीप सिंह पठानिया बने विधानसभा अध्यक्ष
इससे पहले सदन में 11:00 बजे के बाद तीन प्रस्ताव कुलदीप सिंह पठानिया को विधानसभा अध्यक्ष बनाने के लिए रखे गए। इस दौरान प्रोटेम स्पीकर चंद्र कुमार ने सदन की कार्यवाही का संचालन किया। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पहला प्रस्ताव पेश किया कि कुलदीप सिंह पठानिया विधानसभा अध्यक्ष होंगे। इसका अनुमोदन नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने भाजपा विधायक दल की ओर से किया। दूसरा प्रस्ताव उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने पेश किया। इसका अनुमोदन शिलाई के विधायक हर्षवर्धन चौहान ने किया। इसके बाद सोलन के कांग्रेस विधायक धनीराम शांडिल ने तीसरा प्रस्ताव पेश किया। इसका अनुमोदन सुलाह के विधायक और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार ने किया। प्रस्ताव पारित होने के बाद कुलदीप सिंह पठानिया को सुक्खू और जयराम ठाकुर ने आसन पर बिठाया। सुक्खू हाथ पकड़कर पठानिया को आसन तक ले गए। जयराम ठाकुर भी साथ वहां तक गए। सुखविंद्र सिंह सुक्खू और जयराम ठाकुर दोनों ने पठानिया को शुभकामनाएं दीं।