इसी बीच नेता प्रतिपक्ष ने भी माहौल गरमाता देख सरकार के साथ अफसरशाही पर हमला बोला। हिमाचल प्रदेश सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (स्थापना और प्रचालन का सरलीकरण) विधेयक-2019 पर चर्चा के दौरान किन्नौर के कांग्रेस विधायक जगत सिंह नेगी ने भी अफसरशाही पर तंज कसा। नेगी ने कहा कि विधेयक को आनन-फानन में ड्राफ्ट किया गया है, जिसे ड्राफ्ट करते समय कोमा व फुलस्टॉप तक का ध्यान नहीं रखा गया। अंग्रेजी ठीक करने के लिए ट्यूशन लेने की भी उन्होंने सलाह दी।
अफसरों से डिटेल लेती दिखी सरकार
प्रश्न काल में विपक्ष के अफसरशाही पर हमले के दौरान मुख्यमंत्री और उद्योग मंत्री अपनी सीट से उठकर अधिकारियों से डिटेल लेते दिखे।
पहले भी विपक्ष के निशाने पर रहे हैं अधिकारी
पिछले दिनों भी खनन से संबंधित एक सवाल पर नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री उद्योग विभाग के सचिव को ठीक से जवाब नहीं बनाने पर निशाने पर ले चुके हैं। एसपी ऊना पर भी उन्होंने कार्रवाई नहीं करने के आरोप लगाए थे। कांग्रेस विधायक रामलाल ठाकुर और सुखविंद्र सिंह सुक्खू भी उपायुक्तों की कार्यशैली पर सवाल उठा चुके हैं। रेरा में प्रस्तावित नियुक्ति के मामले में भी विपक्ष सत्ता पक्ष को घेर चुका है।