कुल्लू से कांग्रेस विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने शुक्रवार को सदन में उनके होटल के बाहर हुए प्रदर्शन का मामला उठाया और सुरक्षा मांगी। कहा कि भाजपा नेता महेश्वर सिंह के इशारे पर यह सब कुछ हो रहा है। जब भी विधानसभा सत्र होता है या मैं कुल्लू से बाहर जाता हूं, मेरे परिजनों को डराने के लिए होटल और घर के बाहर प्रदर्शन किए जाते हैं। आरोप लगाया कि यह सिलसिला 1986 से चल रहा है। उस समय मैं 20 साल का था।
मैंने रघुनाथ जी के आगे माथा टेक कर कुल्लू में काम शुरू किया था, लेकिन जो खुद को रघुनाथ जी से भी ऊपर समझ बैठे हैं उनके आगे माथा नहीं टेका। आरोप लगाया कि महेश्वर सिंह सांसद और विधायक रहते हुए भी उन्हें तंग करते रहे हैं। उनके निर्माण कार्यों को तोड़ने का कई बार प्रयास हुआ। इस मामले में कोर्ट से अभी स्टे है। कहा कि हिमाचल को बिहार बनाने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए।
उनके परिवार को सुरक्षा देनी चाहिए। इससे पहले नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने भी विधायकों के परिवारों को डराने को लेकर शुरू हुई नई प्रथा का विरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने मामले की जानकारी ली है। कई सामाजिक संगठनों के लोग बीते रोज उपायुक्त कुल्लू को ज्ञापन सौंपने जा रहे थे। अभिनेत्री कंगना रणौत के दफ्तर को महाराष्ट्र में तोड़ा गया है। इसका विरोध पूरे देश में हुआ है। कुल्लू में कई संगठनों के लोगों ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपने के लिए जाते हुए स्थानीय विधायक के परिसर के समीप खड़े होकर यहां भी अवैध निर्माण होने का मामला उठाया।
उन्हें जानकारी मिली है कि मौके पर कोई तोड़फोड़ नहीं हुई। प्रदर्शन के दौरान ही होटल के भीतर से भी कुछ लोग ,आए जिनमें कुल्लू कांग्रेस से मनीष शर्मा सहित कई अन्य थे। इस बीच दोनों पक्षों के बीच बहस हुई। मामले की जांच जारी है। दोनों पक्षों की ओर से क्रॉस एफआईआर दर्ज करवाई गई है। उन्होंने खुद डीसी और एसपी कुल्लू से बात की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मामले की पूरी जांच की जाएगी। कहा कि विधायकों के आवास में जाकर विरोध प्रदर्शन करना बिल्कुल उचित नहीं है। सभी दलों को मिलकर इस तरह की चीजों का विरोध करना चाहिए।