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हिमाचल विस चुनाव: कांग्रेस और भाजपा के लिए चुनौती बना कांगड़ा, गुटबाजी के आगे हाईकमान भी बेबस

Fri, 30 Sep 2022 05:00 AM IST
अरविन्द ठाकुर सुनील चड्ढा, अमर उजाला, धर्मशाला

सार

पालमपुर में इंदु गोस्वामी और त्रिलोक कपूर के बीच चल रहा शीत युद्ध मुख्यमंत्री तक नहीं सुलझा पाए। नूरपुर में वन मंत्री और रणवीर निक्का के बीच रार बढ़ती जा रही है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों के सामने कांगड़ा जिला सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण स्थिति पैदा कर रहा है। दोनों दल जानते हैं कि जो इस जिले से 8 से 10 विधानसभा सीटें जीत गया, वह सूबे का सिकंदर बन सकता है। जिले में नेताओं के बीच चल रही गुटबाजी ने कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों के हाईकमान को परेशान करके रखा है। बड़े और छोटे नेताओं के बीच तनातनी को पाटना फिलहाल चुनौती बन गया है। 

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सियासी धींगामुश्ती के बीच कई बड़े नेता भी चले हुए राजनीतिक कारतूसों को सियासी राइफल में डालकर हाईकमान को खुश करने में लगे हैं। भाजपा हाईकमान के समक्ष धर्मशाला, बैजनाथ, पालमपुर, ज्वालाजी, देहरा, कांगड़ा, परागपुर, जवाली, फतेहपुर, नूरपुर में उफान मार रही गुटबाजी पर अंकुश लगाना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। धर्मशाला, सुलह, कांगड़ा, देहरा, शाहपुर में कांग्रेस की गुटबाजी चरम पर है। 

काजल पर बगावत, होशियार के कांग्रेस में जाने की चल रही डील
पालमपुर में इंदु गोस्वामी और त्रिलोक कपूर के बीच चल रहा शीत युद्ध मुख्यमंत्री तक नहीं सुलझा पाए। नूरपुर में वन मंत्री और रणवीर निक्का के बीच रार बढ़ती जा रही है। धर्मशाला के विधायक विशाल नैहरिया के खिलाफ अपने ही नेता विद्रोह के स्वर उठाए हुए हैं।
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कांगड़ा में घर वापसी करने वाले पवन काजल के खिलाफ भाजपा के दूसरे गुट ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का एलान कर दिया है। ज्वालाजी में रमेश धवाला और पवन राणा के बीच सियासी लड़ाई चार साल बाद भी थमी नहीं। देहरा में भाजपा में शामिल किए गए निर्दलीय विधायक होशियार सिंह की अब कांग्रेस में शामिल होने की डील चल रही है। फतेहपुर में कृपाल परमार बगावत का बिगुल बजाए बैठे हैं। 

सुधीर के खिलाफ विप्लव ठाकुर का बिगुल 
धर्मशाला में कांग्रेस के पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा के खिलाफ पुराने कांग्रेसियों ने बड़ा सम्मेलन कर आंखें दिखा दी हैं। खास बात है कि सुधीर के खिलाफ खुद अनुशासन समिति की अध्यक्ष विप्लव ठाकुर ने विद्रोह वाले कार्यक्रम में शिरकत की। कांगड़ा में सुरेंद्र काकू की घर वापसी से कई पुराने कांग्रेसी खफा हैं। देहरा में डॉ. राजेश की एंट्री का विप्लव ठाकुर खुलकर विरोध कर रही हैं। शाहपुर में मेजर विजय सिंह मनकोटिया को कांग्रेस हाईकमान मनाने में अभी तक नाकाम रहा है।

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