थाना हरोली के तहत ईसपुर गांव में एक 28 साल के ईंट भट्ठा संचालक युवक ने बीते मंगलवार को जहरीला पदार्थ खा लिया। तबीयत बिगड़ने पर उसे क्षेत्रीय अस्पताल ऊना ले जाया गया, लेकिन वहां भी उसकी हालत में सुधार नहीं होने पर डॉक्टरों ने उसे पीजीआई चंडीगढ़ के लिए रेफर कर दिया, लेकिन युवक ने रूपनगर के पास दम तोड़ दिया। युवक की पहचान धर्मेंद्र, पुत्र रामपाल, निवासी बरनोह तहसील एवं जिला ऊना के तौर पर हुई है। उधर, मामले की जांच में जुटी पंडोगा पुलिस की टीम में तीन आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
धर्मेंद्र ने एक सुसाइड नोट भी लिखा है, इसमें उसने अपने तीन पार्टनरों के नाम लिखकर उनपर धमकाने और मानसिक तौर पर परेशान करने के आरोप लगाए हैं। धर्मेंद्र अपने तीन अन्य पार्टनरों के साथ मिलकर दौलतपुर गांव में एक ईंट भट्ठा चलाता था। भट्ठे के लिए धर्मेंद्र ने लाखों में लोन लिया था और उसके लिए अपना घर भी गिरवी रखा। इस काम में उसके तीन अन्य पार्टनर भी थे।
इसमें चताड़ा गांव के बाप-बेटा और समूर निवासी एक व्यक्ति शामिल है। आरोप है कि तीनों पार्टनरों ने धर्मेंद्र को भट्ठा संचालन के लिए लोन की एवज में उनके हिस्से आने वाली राशि को नहीं चुकाया। इसको लेकर धर्मेंद्र ने कई बार पुलिस के पास भी गुहार लगाई, लेकिन दोनों पक्षों में समझौता हो गया और छह माह के भीतर आरोपियों ने लिखित में लोन में अपनी बनती राशि चुकाने की बात कही।
आरोप है कि समझौते के बाद भी तीनों आरोपियों ने धर्मेंद्र को राशि चुकता नहीं की। इस बीच लोन जारी करने वाले बैंक की ओर से भी धर्मेंद्र को फोन आने लगे। लगातार मानसिक तनाव के बीच उसने बीते मंगलवार को ईसपुर गांव में ईंटों को रखने के लिए बनाए डंप के पास जहरीला पदार्थ खा लिया।