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हिमाचल के दो नेशनल हाईवे होंगे डबल लेन, केंद्र सरकार ने दी सौगात

Sun, 15 Mar 2020 05:00 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
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सांकेतिक तस्वीर
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केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने हिमाचल को बड़ी सौगात देने का फैसला लिया है। दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी ने हिमाचल के दो सिंगल लेन नेशनल हाईवे समेत चार राज्यों के कई हाइवे को अपग्रेड करने के लिए 7662 करोड़ के ग्रीन नेशनल हाईवे कारीडोर प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। इस प्रोजेक्ट में प्रदेश के दो सिंगल लेन नेशनल हाईवे को डबल लेन ग्रीन नेशनल हाईवे बनाने के लिए केंद्र सरकार ने चयनित किया है। दोनों नेशनल हाईवे को पर्यावरण मित्र तकनीक का इस्तेमाल कर तैयार किया जाएगा। 

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215 किलोमीटर के दोनों हाईवे के चौड़ीकरण पर करीब 2700 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इसमें फारेस्ट क्लीयरेंस से लेकर यूटिलिटी शिफ्टिंग और भूमि अधिग्रहण का खर्च शामिल है। मोदी सरकार के इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए 3500 करोड़ रुपये लोन विश्व बैंक से लिया जाएगा। एनएचएआई के सूत्रों के अनुसार जिन दो नेशनल हाईवे को इस ग्रीन हाईवे प्रोजेक्ट में शामिल किया गया है उसमें 105 किलोमीटर के हमीरपुर-मंडी वाया टोहनी देवी सरकाघाट धर्मपुर और 109 किलोमीटर के पांवटा साहब-शिलाई-गुम्मा नेशनल हाइवे शामिल हैं।
 

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सीसीटीवी से होगी शिमला परवाणू फोरलेन की निगरानी

दोनों को ग्रीन तकनीक प्रयोग कर सिंगल से डबल लेन किया जाएगा। खास बात यह है कि केंद्र सरकार ने कुल 780 किलोमीटर के हाईवे को सुधारने के लिए इस प्रोजेक्ट में शामिल किया है और इसमें अकेले हिमाचल के 215 किलोमीटर के हाईवे शामिल हैं। दोनों ही हाईवे वर्तमान में हादसों को लेकर बेहद संवेदनशील माने जाते हैं। वर्तमान में प्रदेश के  कुल 2600 किलोमीटर के नेशनल हाईवे के नेटवर्क में करीब 450 किलोमीटर सिंगल लेन है। ऐसे में 215 किलोमीटर के सिंगल लेन के डबल लेन में अपग्रेड होने से हिमाचल के लोगों को परिवहन के दौरान खासी सुविधा होगी।

प्रोजेक्ट के तहत मिले पैसे से प्रदेश के शिमला-परवाणू, कीरतपुर-मनाली और होशियारपुर-धर्मशाला के नेशनल हाईवे में निगरानी तंत्र खड़ा किया जाएगा। निर्धारित दूरी पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और एक कंट्रोल रूम से वहां की निगरानी की जाएगी। जीपीएस से लैस रिकवरी वाहनों, एंबुलेंस को किसी भी विषम परिस्थिति के दौरान मौके पर पहुंचाया जा सकेगा। इस काम में नेशनल हाईवे के अधिकारी स्थानीय पुलिस की मदद लेंगे। 
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