दोनों को ग्रीन तकनीक प्रयोग कर सिंगल से डबल लेन किया जाएगा। खास बात यह है कि केंद्र सरकार ने कुल 780 किलोमीटर के हाईवे को सुधारने के लिए इस प्रोजेक्ट में शामिल किया है और इसमें अकेले हिमाचल के 215 किलोमीटर के हाईवे शामिल हैं। दोनों ही हाईवे वर्तमान में हादसों को लेकर बेहद संवेदनशील माने जाते हैं। वर्तमान में प्रदेश के कुल 2600 किलोमीटर के नेशनल हाईवे के नेटवर्क में करीब 450 किलोमीटर सिंगल लेन है। ऐसे में 215 किलोमीटर के सिंगल लेन के डबल लेन में अपग्रेड होने से हिमाचल के लोगों को परिवहन के दौरान खासी सुविधा होगी।
प्रोजेक्ट के तहत मिले पैसे से प्रदेश के शिमला-परवाणू, कीरतपुर-मनाली और होशियारपुर-धर्मशाला के नेशनल हाईवे में निगरानी तंत्र खड़ा किया जाएगा। निर्धारित दूरी पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और एक कंट्रोल रूम से वहां की निगरानी की जाएगी। जीपीएस से लैस रिकवरी वाहनों, एंबुलेंस को किसी भी विषम परिस्थिति के दौरान मौके पर पहुंचाया जा सकेगा। इस काम में नेशनल हाईवे के अधिकारी स्थानीय पुलिस की मदद लेंगे।