उच्च अधिकारियों के स्तर पर विजय को लाइन हाजिर करने के आदेश जारी कर दिए गए। हालांकि, विजय ने तबादले के खिलाफ ट्रिब्यूनल में याचिका दायर कर दी। इस पर ट्रिब्यूनल ने उन्हें मामले का निस्तारण होने तक एसएचओ नाहन थाना ही बने रहने के आदेश जारी किए हैं।
एसएचओ के बाद अब कथित भाजपा नेताओं पर मारपीट का मामला दर्ज कराने वाले सिपाही पर भी तलवार लटक रही है। सूत्रों की मानें तो जिले के नेता सिपाही का भी तबादला कराने के लिए प्रयास कर रहे हैं। अब देखना यह है कि सुशासन की बात करने वाली जयराम सरकार अपने ही नेताओं के दबाव पर क्या कार्रवाई करती है।