हरियाणा सरकार की ओर से राज्य परिवहन कर्मचारियों के आंदोलन को दबाने की परिवहन कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति ने निंदा की है। समिति के अध्यक्ष देवराज ठाकुर, उपाध्यक्ष हितेंद्र कंवर, सचिव राजेंद्र ठाकुर, नानक शांडिल, हरदयाल सिंह, विद्यासागर और खेमेंद्र गुप्ता ने बताया कि हरियाणा सरकार का तानाशाह रवैया देखने को मिला।
हरियाणा राज्य परिवहन के कर्मचारी अपनी किसी निजी मांग के लिए नहीं बल्कि सरकारी परिवहन क्षेत्र को बचाने के लिए परिवहन विभाग में हो रहे निजीकरण और ठेका प्रथा के विरोध में आंदोलन कर रहे हैं। वैटलीजिंग स्कीम हिमाचल में भी शुरू की गई थी जो पूरी तरह विफल रही क्योंकि बस के मालिक का केवल एक ही उद्देश्य पैसा कमाना होता है। जनता की सुविधा से उनका कोई सरोकार नहीं होता।
इस नीति से हिमाचल पथ परिवहन निगम को जो नुकसान झेलना पड़ा उसकी भरपाई आज तक नहीं हो पाई। उन्होंने कहा कि यदि हरियाणा सरकार, हरियाणा राज्य परिवहन के कर्मचारियों की सभी मांगें पूरी नहीं करती है तो हिमाचल परिवहन निगम का प्रत्येक कर्मचारी उनके समर्थन में आंदोलन करने को विवश होगा। जिसकी पूर्ण जिम्मेवारी हरियाणा सरकार की होगी।