प्राइवेट नंबर वाले वाहनों में सवारियों को ढोना अब वाहन मालिकों को मंहगा पड़ेगा। शिकायतें मिलने के बाद परिवहन विभाग ने हिमाचल और बाहरी राज्यों के करीब 500 वाहनों को ट्रैकिंग पर रखा है। ये वाहन प्रदेश के पर्यटन स्थलों पर सवारियों को ला और ले जा रहे हैं। ऐसे वाहनों का पंजीकरण अब रद्द करने की तैयारी है। यही नहीं, गाड़ी खरीदने की तारीख से इन वाहन मालिकों से टैक्स की वसूली भी की जाएगी।
प्रदेश सरकार ने सभी आरटीओ को निर्देश दिए हैं कि वे नाका लगाकर इन वाहनों की चेकिंग करें। परिवहन विभाग पुलिस की मदद से भी कार्रवाई अमल में ला रहा है। विभाग ने टैक्सी ऑपरेटरों से अपील की है कि उन्हें इसका पता चले तो वे संबंधित क्षेत्र के आरटीओ को सूचित करें।
उनका नाम और पता गुप्त रखा जाएगा। विभाग की ओर से ऐसे ऑपरेटर को सम्मानित भी किया जाएगा। परिवहन विभाग का मानना है कि टैक्स से बचने के लिए लोग प्राइवेट नंबर ले रहे हैं और सवारियों को इधर से उधर ले जाकर परिवहन विभाग को लाखों रुपये का चूना लगा रहे हैं।
परिवहन विभाग के पास 500 से अधिक शिकायतें आई हैं। विभाग इन वाहन मालिकों पर नजर बनाए हुए है। पर्यटन स्थलों में ज्यादातर इस तरह के कारनामे अंजाम दिए जा रहा हैं। कुछ लोग बिना पंजीकरण कराए स्कूल और बाइक भी पर्यटकों को दे रहे हैं।
- कैप्टन जेएम पठानिया, निदेशक परिवहन विभाग