पर्यटकों को लिमिटेड टाइम डील, अंतिम कुछ कमरे शेष और स्पेशल सीजन ऑफर जैसे संदेशों के जरिए जल्द भुगतान करने के लिए प्रेरित किया जाता है। बुकिंग राशि जमा होने के बाद या तो होटल का कोई रिकॉर्ड नहीं मिलता अथवा संबंधित होटल प्रबंधन ऐसी किसी बुकिंग से इन्कार कर देता है। कई मामलों में साइबर ठग फर्जी ग्राहक सेवा नंबर और व्हाट्सएप अकाउंट का भी इस्तेमाल कर रहे हैं। साइबर पुलिस ने सलाह दी है कि होटल बुकिंग केवल विश्वसनीय और अधिकृत प्लेटफॉर्म के माध्यम से ही करें। भुगतान करने से पहले होटल की आधिकारिक वेबसाइट, संपर्क नंबर और ग्राहक समीक्षाओं की जांच अवश्य करें। किसी भी अनजान लिंक, सोशल मीडिया विज्ञापन या अत्यधिक छूट वाले ऑफर पर तुरंत भरोसा न करें। ठगी का शिकार होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।