देश में गंभीर बीमारियों और कैंसर जैसे घातक रोगों के उपचार में सहायक औषधीय मशरूम की उपयोगिता को सिद्ध करने के लिए बड़ा कदम उठाया जा रहा है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) और वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) के प्रमुख संस्थानों के सहयोग से औषधीय मशरूमों का विस्तृत विश्लेषण और क्लीनिकल परीक्षण किया जाएगा। सोलन स्थित खुंब अनुसंधान निदेशालय (आईसीएआर) इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर जल्द काम शुरू करने की तैयारी में है। शोध के तहत मुख्य रूप से ऐसी मशरूम प्रजातियों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जिनमें असाध्य रोगों से लड़ने की प्राकृतिक क्षमता पाई जाती है। इनमें कैंसर से मुकाबला करने के लिए जानी जाने वाली ऋषि और टर्कीटेल जैसी प्रजातियां प्रमुख हैं।
हाल ही में केंद्रीय अनुसंधान सलाहकार समिति की टीम ने खुंब अनुसंधान निदेशालय का दौरा किया था। टीम ने औषधीय मशरूमों के चिकित्सीय गुणों को प्रमाणित करने के लिए आईसीएमआर और सीएसआईआर के प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ संयुक्त शोध करने के निर्देश दिए है। जल्द ही इस संयुक्त शोध कार्य की शुरुआत करने जा रहे हैं। - डॉ. बृजलाल अत्री निदेशक, खुंब अनुसंधान निदेशालय