नए साल पर सरकार सूबे के बागवानों को सस्ती दरों पर बागवानी उपकरण उपलब्ध करवाने की सौगात देने जा रही है। एचपीएमसी के माध्यम से बागवानों को इस साल सस्ती दरों पर बागवानी उपकरण उपलब्ध करवाए जाएंगे। सरकार ने एचपीएमसी का लाभांश 15 से घटाकर 9 फीसदी कर दिया है। इसके अलावा एचपीएमसी को उपकरणों की खरीद वितरकों के स्थान पर सीधे निर्माता कंपनियों से करने के निर्देश दिए गए हैं। बागवानों को बागवानी उपकरण सस्ते दाम पर उपलब्ध कराने के लिए हिमाचल सरकार ने निर्माता कंपनियों से सीधी खरीद के लिए एमओयू हस्ताक्षरित किए हैं।
एमआईएस के तहत मिलेंगे उपकरण, खाद और कीटनाशक
एमआईएस के तहत सरकार ने बागवानों को बाजार से सस्ते दाम पर उपकरण, खाद और कीटनाशक उपलब्ध करवाने का फैसला लिया है। मंडी मध्यस्थता योजना के तहत बागवानों से खरीदे गए सेब की एवज में नकद भुगतान न होने की स्थिति में यह उत्पाद दिए जाएंगेे। दावा है कि सरकार की ओर से दिए जाने वाले उत्पादों की गुणवत्ता बेहतर होगी और दाम बाजार से कम होगा।
एचपीएमसी अब 15 की जगह नौ फीसदी का ही लाभ मार्जिन रखेगा। बागवानों को सस्ती दरों पर बढि़या किस्म के बागवानी सहायक उपकरण उपलब्ध करवाने के लिए यह फैसला लिया गया है। - जगत सिंह नेगी, बागवानी मंत्री